8 कोर उद्योगों के उत्पादन में आई भारी गिरावट

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नई दिल्ली
सरकार के लिए आर्थिक मंदी से उबरने का समय और लंबा होता जा रहा है। अक्टूबर में जीएसटी कलेक्शन के आंकड़े मायूस करने वाले हैं। बीते साल के मुक़ाबले इनमें 5.29 फ़ीसदी की गिरावट है जबकि कल ही ख़बर आई कि 8 कोर उद्योगों के उत्पादन में बीते साल के मुक़ाबले 5.2% की कमी आई है। अक्टूबर में जीएसटी कलेक्शन 95,380 करोड़ रुपये रह गया है। बेशक, ये सितंबर से ज़्यादा है लेकिन बीते साल अक्टूबर के मुक़ाबले 5.29% कम है। बीते महीनों से जीएसटी कलेक्शन एक लाख करोड़ से नीचे रहा है। 

गोल्डमैन सैश ने मौजूदा आर्थिक संकट को बताया 2008 से बड़ा और व्यापक                                                                    सरकार के लिए बुरी ख़बरें और भी हैं। बीते साल सितंबर के मुक़ाबले इस साल उन 8 उद्योगों का उत्पादन भी 5.2 फ़ीसदी घटा है जिनको बिल्कुल कोर सेक्टर कहा जाता है। 8 में से सात उद्योगों में ये गिरावट दर्ज हुई है। सरकार के आंकड़ों के मुताबिक सितम्‍बर, 2019 में कोयला उत्‍पादन सितम्‍बर, 2018 के मुकाबले 20.5 प्रतिशत घट गया। इस दौरान प्राकृतिक गैस का उत्‍पादन 4.9 प्रतिशत और कच्‍चे तेल का उत्‍पादन 5.4 प्रतिशत गिर गया। पेट्रोलियम रिफाइनरी उत्‍पादों के उत्‍पादन में गिरावट 6.7 प्रतिशत रही। इस्‍पात के उत्‍पादन में 0.3 प्रतिशत की मामूली गिरावट जबकि सीमेंट के उत्‍पादन में 2.1 प्रतिशत की कमी आयी। बिजली का उत्‍पादन भी 3.7 प्रतिशत गिर गया। 8 कोर उद्योगों में बढ़ोतरी सिर्फ उर्वरक के उत्पादन में दर्ज़ की गयी है जो इस दौरान 5.4 प्रतिशत बढ़ गया। वर्ष 2019-20 में अप्रैल-सितम्‍बर के दौरान आठ कोर उद्योगों की संचयी उत्‍पादन वृद्धि दर 1.3 प्रतिशत रही। नीति आयोग की लैंड पालिसी पर स्पेशल सेल के चेयरमैन रहे अर्थशास्त्री टी हक़ मानते हैं कि अर्थव्यवस्था और कमज़ोर पड़ती जा रही है।

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