धानुका एग्रीटेक लि. ने धान, कपास और मिर्च की फसलों के लिए नए उत्पाद पेश किए

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नई दिल्ली
भारत की प्रमुख कृषिरसायन कंपनी धानुका एग्रीटेक लिमिटेड ने धान, कपास और मिर्च की फसलों के लिए नए उत्पाद लॉन्च किए हैं। इन नए उत्पादों के संकलन के साथ, धानुका एग्रीटेक किसानों को उनकी फसलों की समस्याओं के संपूर्ण समाधान प्रदान करने में सक्षम होगा। इससे कपास और मिर्च की फसलों की संपूर्ण सेहत में सुधार करने में मदद मिलेगी। केेम्पा प्रभावी खरपतवार नाशक है, जिसका धान में खरपतवार उगने से पहले और बाद में धान की फसल पर छिड़काव किया जाता है। चौड़ी पत्ती वाले, दलदल में उगने वाले पौधे और घास जैसे दिखने वाले खरपतवारों से नियंत्रण के लिए इसका धान की फसलों पर छिड़काव किया जाता है। धान की फसलों में ब्राउन प्लांट हॉपर कीट को नियंत्रित करने के लिए एप्लाई एक अन्तप्र्रवाही कीटनाशक है, जबकि बहुप्रतीक्षित अन्तप्र्रवाही कीटनाशक लार्गो कपास और मिर्च की फसलों में प्रमुख कीटों को नियंत्रित करने में किसानों के लिए बेहद उपयोगी है। केेम्पा जापानी तकनीक पर आधारित है। यह मुख्य रूप से खरपतवार की जड़ों के माध्यम से अवशोषित होता है, जो बाद में खरपतवार में स्थानांतरित हो जाता है। यह खरपतवार को उगने से रोकता है। केेम्पा अत्यंत प्रभावी खरपतवारनाशक है और केम्पा का बेहद कम मात्रा में प्रयोग किए जाने की जरूरत होती है। केम्पा से धान के किसान को बहुत कम लागत में अपने खेतों को खरपतवार से बचाने में मदद मिलती है। धान की फसलों में गंभीर कीट, बीपीएच को नियंत्रित करने के लिए एप्लाई सर्वश्रेष्ठ तकनीकों में से एक है। धान की फसल उगने के बाद बीपीएच नामक कीट धान को नुकसान पहुंचा सकता है। इसमें धान को 50 फीसदी तक नुकसान पहुंचाने की क्षमता है। एप्लाई की तीन तरह से की गई क्रिया बीपीएच पर पूरा नियंत्रण करती है। धान की फसलों पर एप्लाई के छिड़काव के तुरंत बाद बीपीएच कीड़ों पर लगाम लगाती है और फसलों को नुकसान से बचाती है। एप्लाई बीपीएच कीट को फसलों में अंडे देने से रोक सकता है। इससे धान की फसलों में बीपीएच के दोबारा पैदा होने में कमी आती है। बाजार में मौजूद दूसरे प्रॉडक्ट्स की तुलना में फसलों पर इस कीटनाशक के बेहद कम मात्रा में छिड़काव की जरूरत पड़ती है। इससे धान के किसानों को फसलों को उगाने की लागत में भी कमी आती है। ग्रीन केमिस्ट्री चैलेंज पुरस्कार विजेता लार्गो नामक कीटनाशक कपास और मिर्च  की फसलों पर लगने वाले थ्रिप्स कीड़ों को नष्ट करने वाला विश्व का सर्वश्रेष्ठ थ्रिपिसाइड है। इससे कपास और मिर्च की फसलों पर लगने वाले कीड़ों, जैसे थ्रिप्स, धब्बेदार बॉलवर्म, कपास के पत्तों को खाने वाले कीड़े (स्पोडोपटेरा लिटुरा), पोडबोरर (हेलिकोवर्पा आर्मिगेरा) और पत्तियों को खाने वाले कीड़े (स्पोडोपटेरा लिटुरा या स्पोडोपटेरा एक्सिगुआ) से फसलों को बेहतरीन ढंग से बचाने में मदद मिलती है। लार्गो फसलों पर लगने वाले कीड़े को टारगेट बनाकर उसे खत्म करने वाला कीटनाशक है। कीटनाशक के छिड़काव के बाद यह कीड़े फसलों की पत्तियों को खाकर दम तोड़ देते हैं या  कीड़ों की त्वचा कीटनाशक के प्रभाव से नष्ट हो जाते हैं। लार्गो कपास और मिर्च की फसलों पर लगने वाले कीड़ों को टारगेट बनाकर उन्हें काफी तेजी से खत्म करने वाला कीटनाशक है। इसके छिड़काव के तुरंत बाद मिनटों में यह कीड़े नष्ट हो जाते हैं। कपास की बुआई के 50 से 70 दिनों के भीतर उन पर लार्गो कीटनाशक के छिड़काव की सिफारिश की जाती है। मिर्च की फसल बोने के 45 से 90 दिनों के बीच अन्य कीटनाशकों के साथ दो बार लार्गो का स्प्रे करने की सलाह दी जाती है। ग्रीन ट्राएंगल होने की वजह से लार्गो फसलों के लाभदायक कीड़ों के लिए बेहद सुरक्षित है। धानुका एग्रीटेक लिमिटेड में मार्केटिंग विभाग के सीनियर जनरल मैनेजर श्री पार्था सेन गुप्ता ने नए उत्पाद की पेशकश पर कहा, "शुरुआत से ही धानुका एग्रीटेक लिमिटेड किसानों को विश्व स्तरीय कृषि समाधान मुहैया करने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी विचारधारा को आगे बढ़ाते हुये हमने धान, कपास और मिर्च उगाने वाले किसानों के लिए नए उत्पाद लॉन्च किए हैं। ये सभी उत्पाद नई केमिस्ट्री पर आधारित है, जिससे किसानों को अपनी फसलों से बेहतर उपज लेने में मदद मिलेगी। हम लगातार किसानों के लिए नए-नए उत्पाद लॉन्च करते आ रहे हैं जिससे किसानों की आय में बढ़ोतरी हुई है। यही कारण है कि धानुका के उत्पादों को हमारे किसान भाई लगातार अपना रहे हैं। धानुका एग्रीटेक आने वाले समय में भारत के सभी धान उत्पादक क्षेत्रों में केेम्पा और एप्लाई को लॉन्च करेगी। यह उत्पाद धानुका वितरक और डीलरों के लंबे नेटवर्क के माध्यम से किसानों को जल्द ही उपलब्ध होंगे। कंपनी भारत में 90 से ज्यादा विश्वस्तरीय प्रॉडक्ट्स का निर्माण और बिक्री करती है। 

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