आवेदनों के लिए अंतिम अपील: मणिपाल ऐकेडमी ऑफ हायर एजुकेशन में इंटरनेशनल ट्रांसफर प्रोग्राम

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मणिपाल 
उत्कृष्टता के पर्याय, भारत के अग्रणी निजी विश्वविद्यालयों में एक, मणिपाल ऐकेडमी ऑफ हायर एजुकेशन (एमएएचई) ने भावी इंजीनियर्स से अपने इंटरनेशनल ट्रांसफर प्रोग्राम के लिए अंतिम दौर के आवेदन आमंत्रित किए हैं। इस प्रोग्राम की पेशकश इंटरनेशनल सेंटर फॉर अप्लायड साइंसेज (आईसीएएस) करता है। यह अनूठा प्रोग्राम इंजीनियरिंग पढ़ना चाहने वाले उम्मीदवारों को यह लचीलापन मुहैया कराता है वे शुरू के दो साल एमएएचई में पढ़ाई करें और बाद के दो वर्ष अमेरिका, इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया, जर्मनी, कनाडा, फ्रांस और कई अन्य में। इसके लिए वे अध्ययन के दो वर्षों के लिए प्रापत क्रेडिट ट्रांसफर कर सकेंगे। कार्यक्रम पूर्ण होने पर छात्र इंजीनियरिंग की डिग्री प्राप्त करेंगे जो डेस्टिनेशन इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी द्वारा दिया जाता है। अगर, छात्र अंतरराष्ट्रीय ट्रांसफर के विकल्प का चुनाव नहीं करते हैं तो भी तीसरे वर्ष की अपनी पढ़ाई मणिपाल ऐकेडमी ऑफ हायर एजुकेशन में जारी रख सकते हैं और इसे पूर्ण करने पर आपको बीएससी (अप्लायड साइंस) की डिग्री मिलेगी। गुजरे वर्षों के दौरान, 160 से ज्यादा विदेशी विश्वविद्यालय आईसीएएस क्रेडिट स्वीकार करते रहे हैं। इस तरह, विश्वविद्यालयों की विस्तृत रेंज की पेशकश की जाती है जहां से आईसीएएस के छात्र अंतिम दो वर्षों की पढ़ाई पूरी कर सकते हैं। इस तरह, छात्र अपनी पसंद के किसी भी विदेशी विश्वविद्यालय में आवेदन कर सकते हैं और इस तरह, उनके पास एक सफल कैरियर की अच्छी शुरुआत करने के लिए विस्तृत मंच है। कार्यक्रम पूर्ण होने पर छात्र इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल कर सकते हैं। इसे डेस्टिनेशन इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी द्वारा दिया जाएगा। छात्र अंतरराष्ट्रीय प्लेसमेंट का विकल्प चुन सकते हैं या फिर विदेश में अपनी उच्च शिक्षा जारी रख सकते हैं। विदेश में पढ़ना चाहने वाले छात्र अब अपना सपना सच करने के लिए काम कर सकते हैं और चार साल विदेश में इंजीनियरिंग पढ़ने के मुकाबले करीब 40% की बचत होगी। गुजरे कुछ वर्षों के दौरान आईसीएएस के छात्रों ने सफलतापर्वक यह प्रोग्राम पूरा किया है और उन्हें विस्तृत अंतरराष्ट्रीय मंच मुहैया कराया ताकि वे एक सफल कैरियर की जोरदार शुरुआत कर सकें। विदेशी विश्वविद्यालयों में कार्यक्रम से जुड़ने के बाद सुविज्ञता के अहम क्षेत्र में बदलाव या चुनाव के लचीलेपन से छात्रों को भी लाभ होता है। उदाहरण के लिए, मेकैनिकल शाखा वाला एक छात्र अगर चाहे तो एयरक्राफ्ट या ऑटोमोटिव स्ट्रीम में बदल सकता है।

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