देश में तेजी से बढ़ रही है हैल्थकेयर इंडस्ट्री

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जयपुर
भारत में हैल्थकेयर इंडस्ट्री बहुत तेजी से बढ़ रही है। यह रेवेन्यू एवं एम्प्लॉयमेन्ट, दोनों संदर्भ में भारत के सबसे बड़े सेक्टर्स में से एक बनती जा रही है। सार्वजनिक और निजी क्षेत्र द्वारा प्रदान की जाने वाली सर्विसेज की रेंज में वृद्धि के साथ-साथ इस क्षेत्र में निवेष बढ़ाए जाने की वजह से सम्भव हुआ है। यह कहना था भारत हैवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (भेल) के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक, श्री अतुल सोबती का। वे शुक्रवार शाम को जयपुर की आईआईएचएमआर यूनिवर्सिटी, जयपुर के पांचवें वार्षिक दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में सम्बोधित कर रहे थे। श्री सोबती ने आगे कहा कि हैल्थकेयर सेक्टर देश के नवोदित क्षेत्रों में से एक है, इस पर सभी की आम सहमति है। उन्होंने आईआईएचएमआर यूनिवर्सिटी से पासआउट होने वाले सभी स्टूडेंट्स से कहा कि नए प्रतिभागी के तौर पर वे इस सेक्टर का फ्यूचर निर्धारित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। भारतीय हैल्थकेयर मार्केट में निजी क्षेत्र के हॉस्पिटलों की आधे से अधिक भागीदारी की उम्मीद है। इस इंडस्ट्री एवं ‘मेक इन इंडिया’ के कैस्कैडिंग प्रभाव से स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र की मशीनों एवं अन्य उपकरणों के स्थानीय उत्पादन में तेजी आएगी, जिसके लिए वर्तमान में हम काफी हद तक आयात पर निर्भर हैं। श्री सोबती ने स्टूडेंट्स को फाइव पॉइंट्स प्रोग्राम के बारे में बताया, जिसमें अपने पैषन का अनुसरण करना, अपने काम पर गर्व करना और वर्क एवं लाइफ के मध्य संतुलन बनाना शामिल है। दीक्षांत समारोह के गेस्ट ऑफ ऑनर एवं एसएमएस मेडिकल कॉलेज तथा हॉस्पिटल के प्रिंसिपल और कंट्रोलर, डॉ. सुधीर भंडारी ने कहा कि दीक्षांत समारोह स्टूडेंट्स के जीवन के महत्वपूर्ण माइलस्टोन्स में से एक होता है, जिसे वह कभी नहीं भूलता। स्टूडेंट्स को अपनी जिम्मेदारियों को ग्रहण करने और  समाज को अपनी ओर से वापस लौटाने की सलाह दी। उन्होंने आईआईएचएमआर यूनिवर्सिटी के फैकल्टी एवं स्टॉफ की सराहना भी की। समारोह के दौरान आईआईएचएमआर यूनिवर्सिटी के चेयरमैन, डॉ. एस. डी. गुप्ता ने विद्यार्थियों को कहा कि वे देष के इतिहास में अत्यंत उपयुक्त दौर में इस प्रोफषनल वर्ल्ड में प्रवेश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। सर्विस डिलीवरी और डवलपमेंट में टेक्नोलॉजी की भूमिका मुख्य रहेगी। यूनिवर्सिटी के प्रेसीडेंट, डॉ. पंकज गुप्ता ने कहा कि इस वर्ष आईआईएचएमआर यूनिवर्सिटी में रिकॉर्ड कैम्पस प्लेसमेंट हुए हैं। डॉ. गुप्ता ने आगे बताया कि आईआईएचएमआर यूनिवर्सिटी द्वारा अनेक प्रमुख राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय यूनिवर्सिटीज के साथ करार किए गए हैं, जिनमें संयुक्त राज्य अमेरिका की जॉन्स हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी, ब्रिटेन की यूनिवर्सिटी ऑफ चेस्टर, ऑस्ट्रेलिया की कर्टिन यूनिवर्सिटी एवं यूनिवर्सिटी ऑफ मॉन्ट्रियल, अफगानिस्तान की कंधार यूनिवर्सिटी कुछ प्रमुख नाम हैं। इनके अतिरिक्त वर्ल्ड हैल्थ ऑर्गेनाइजेषन और सीफेन के साथ भी भागीदारी की गई है। इससे पूर्व पारम्परिक समारोह के साथ कार्यक्रम की शुरूआत हुई, जिसके तहत यूनिवर्सिटी के गणमान्य लोगों ने पारम्परिक एकेडमिक ड्रेस पहनकर मार्च किया। इसके पश्चात् द्वीप प्रज्ज्वलन एवं सरस्वती वंदना हुई। दीक्षांत समारोह के तहत हॉस्पिटल एंड हैल्थ मैनेजमेंट, रूरल मैनेजमेंट, फार्मास्युटिकल मैनेजमेंट तथा मास्टर इन पब्लिक हैल्थ कोर्सेज के 219 स्टूडेंट्स को डिग्रीयां प्रदान कर सम्मानित किया गया। हॉस्पिटल मैनेजमेंट में गोल्ड मैडल राजसी चेतन धारिया को, फार्मास्युटिकल मैनेजमेंट में गोल्ड मैडल अभय गुप्ता को, रूरल मैनेजमेंट का गोल्ड मैडल बिभा प्रसाद को और हैल्थ मैनेजमेंट का गोल्ड मैडल सौम्या श्रीवास्तव को प्रदान किया गया। इस अवसर पर यूनिवर्सिटी के मैनेजमेंट बोर्ड एवं एकेडमिक काउंसिल के सदस्य, फैकल्टी एवं स्टाफ मेम्बर, पैरेंट्स एवं अन्य लोग भी उपस्थित थे।

आईआईएचएमआर यूनिवर्सिटी के बारे में:
आईआईएचएमआर यूनिवर्सिटी रिसर्च, हैल्थकेयर एवं ग्रामीण विकास क्षेत्र का अग्रणी संस्थान है। इसके द्वारा हॉस्पिटल मैनेजमेंट, हैल्थ मैनेजमेंट, फार्मास्युटिकल मैनेजमेंट और रूरल मैनेजमेंट तथा स्वास्थ्य से सम्बंधित विभिन्न क्षेत्रों में एमबीए, एमपीएच (जेएचयू के सहयोग से) और डॉक्टरेट कोर्स कराए जाने के साथ-साथ इन क्षेत्रों में एग्जीक्यूटिव एजुकेषन, रिसर्च एवं कंसल्टेंसी प्रदान की जाती है।

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