हनीवैल और अगस्त्य ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में हनीवैल साईंस एक्सपीरियंस प्रोग्राम का विस्तार किया

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नौएडा
राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के उपलक्ष्य में, आज अगस्त्य इंटरनेशनल फाऊंडेशन (अगस्त्य) व हनीवैल इंडिया ने हनीवैल साईंस एक्सपीरियंस के विस्तार की घोषणा की - जो नौएडा व फरीदाबाद के मिडिल व हाई स्कूलों के विद्यार्थियों व शिक्षकों के लिए बनाया गया प्रायोगिक विज्ञान शिक्षा कार्यक्रम है। 2016 में कार्यक्रम की शुरूआत से, कम्पनी की गैर-लाभकारी इकाई हनीवैल होमटाऊन साल्यूशंस इंडिया फाऊंडेशन ने दिल्ली, गुरुग्राम, पुणे, बंगलुरू, हैदराबाद, चन्नई, मदुरै, मैसूर और अब नौएडा व फरीदाबाद में 25 साईंस सेंटर्स, 35 मोबाइल साईंस प्रयोगशालाओं व 3,000 स्टूडेंट मेंटर्स को समर्थन दिया है जिससे 1,35,000 विद्यार्थियों व 783 शिक्षकों को लाभ पहुंचा है। इस कार्यक्रम की अनूठी परिकल्पना, व्यवहारिक शिक्षण/अधिगम तरीके बच्चों व शिक्षकों की प्रतिभागिता को बढ़ाते हैं, उत्सुकता को प्रोत्साहित करते हैं और प्रायोगिक विज्ञान शिक्षा अधिगम में वृद्धि करते हैं। राजकीय बालिका इंटर कॉलेज इस कार्यक्रम के विस्तार आयोजन के दौरान, विद्यार्थियों ने सरल प्रयोगों के माध्यम से अपवर्तन व परावर्तन, ग्रहण और गति के जड़त्व जैसी जटिल वैज्ञानिक अवधारणाओं को समझा और फिर उसका वर्णन किया। श्री साई चंद्रशेखर चीफ ऑफ आपरेशंस, अगस्त्य ने कहा, ‘‘अगस्त्य में हमने विज्ञान के लिए उत्सुक्ता को अभिनव, मज़ेदार और प्रायोगिक तरीकों से आगे बढ़ाने का लक्ष्य रखा है। विद्यार्थियों द्वारा वैज्ञानिक अवधारणाओं का स्पष्टता और विश्वास के साथ वर्णन करते हुए देखना काफी सुखद लगा। अगत्स्य वंचित समुदायों के युवा मेघावी बच्चों को अधिगम सुविधाएँ उपलब्ध कराने के लिए हनीवैल के साथ भागीदार बन कर प्रसन्न है। श्री माइक बनाक, जनरल मैनेजर, हनीवैल यूओपी इंडिया ने कहा, ‘‘विश्व की अग्रणी टेक्नोलॉजी की कम्पनियों में से एक और भारत में टेक्नोलॉजी प्रतिभाओं की शीर्ष नियोक्ता होने के नाते, हम विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग व गणित की शिक्षा तथा वैश्विक अर्थव्यवस्था पर इसके प्रभाव के महत्व को समझते हैं। हनीवैल साईंस एक्सपीरियंस द्वारा पिछले स्कूलों के विद्यार्थियों में लाए गए बदलावों को देखना काफी सुखद है। अब हम नौएडा व फरीदाबाद के किशोरों भी यह कार्यक्रम उपलब्ध करा के बहुत खुश हैं।

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