जेके लक्ष्मीपत यूनिवर्सिटी के आईईटी को टॉप 25 इमर्जिंग प्राइवेट इंजिनियरिंग कॉलेजों में मिली 16वीं रैंक

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  • यूनिवर्सिटी को टॉप 200 बेस्ट प्राइवेट कॉलेजोँ (इंजिनियरिंग) में मिली 49वीं रैंक
  • उत्तर भारत के बेहतरीन प्राइवेट इंजिनियरिंग कॉलेजों में मिली इसे 9वीं रैंक
  • इसकी अनुभव आधारित शिक्षा पद्धति ने किया सभी शैक्षिक संस्थानों का ध्यान आकर्षित

जयपुर
जेके लक्ष्मीपत यूनिवर्सिटी (जेकेएलयू) को एक बार फिर सीखने की प्रक्रिया को बेहतर बनाने के लिए पहचान मिली है, जिसे यूनिवर्सिटी अपने छात्रों को भविष्य के प्रोफेशनल व ग्लोबल लीडर बनाने के लिए अपनाती है। हाल ही में यूनिवर्सिटी के इंस्टिटयूट ऑफ इंजिनियरिंग एंड टेक्नॉलॉजी (आईईटी) को कई प्रतिष्ठित रैंकिंग से नवाजा गया है, जिनमें सदी के बेहतरीन 25 उभरते हुए प्राइवेट इंजिनियरिंग कॉलेजों में 16वीं रैंक, 200 बेहतरीन प्राइवेट कॉलेजों (इंजिनियरिंग) में 49वीं रैंक और उत्तर भारत के बेहतरीन प्राइवेट इंजिनियरिंग कॉलेजोँ में 9वीं रैंक हासिल हुई है। जेकेएलयू प्रयोग आधारित प्रोजेक्ट-बेस्ड पद्धति पर फोकस करता है, जिसे ऑलिन कॉलेज ऑफ इंजिनियरिंग, बोस्टन, यूएसए के सहयोग से डिजाइन किया गया है। यूनिवर्सिटी का यह मानना है कि एक ऐसे प्रोफेशनल को तैयार करने के लिए जो समस्याओं का समाधान ढूंढ सके, एक प्रतिक्रियात्मक पद्धति की जरूरत होती है- यही सोच शिक्षा के परम्परागत तरीके में बदलाव लाकर एप्लिकेशन-आधारित पाठयक्रम की नींव है। यूनिवर्सिटी के पाठयक्रम को इसी विचारचारा के तहत डिजाइन किया गया जिसका लक्ष्य है दिमाग को प्रगतिशील बनाना। जेके लक्ष्मीपत यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर, प्रो. आर.एल. रैना ने कहा कि, “जेकेएलयू में, शिक्षा के तरीके का पुनरावलोकन करते हैं ताकि पढाई के नए तरीकों को ढूंढा जा सके, और इसके माध्यम से छात्रों को नए कौशल से परिपूर्ण किया जा सके। उद्यमिता और डायनेमिज्म के लिए तैयार करने और उनमें जिज्ञासा जगाने और तकनीकी ज्ञान देने के साथ जेकेएलयू एक ऐसा प्रभावी वातावरण तैयार करता है जहाँ छात्रों के मस्तिष्क में नई चीजें सीखने और नई जानकारियाँ हासिल करने का कौतूहल पैदा हो सके। 21वीं सदी के एक प्रगतिशील शैक्षिक संस्थान के तौर पर यूनिवर्सिटी में विश्व स्तरीय सुविधाएँ उपलब्ध कराई गई हैं, जहाँ छात्रोँ को सीखने, सोचने, संचार करने और इसे बेहतर तरीके से समझने के लिए प्रेरित किया जाता है। हमारा पुनः परिभाषित पाठयक्रम मॉडल, ‘लर्निंग/जेकेएलयू’ इस तरह से डिजाइन किया गया है जो होलिस्टिक लर्निंग वातावरण मुहैया कराता है जिसके जरिए ऐसे प्रोफेशनल्स और वैश्विक लीडर्स तैयार किए जा सकेँ जो भविष्य की जरूरतों के लिए पूरी तरह से तैयार हों और हमारी इसी कोशिश ने हमें बेहतर आईईटी रैंकिंग हासिल करने में मददगार बनी। 

जेकेएलयू छात्रों को अपने प्रतिभा को इनके माध्यम से और पोषित-पल्लवित करने के लिए प्रेरित करता हैः

  • बहुआयामी परिप्रेक्ष्य: मॉडयूल्स, परिचर्चाओं और अर्थशास्त्र, राजनीति विज्ञान, इतिहास, सामाजिक विज्ञान और विकास के सम्बंध में आयोजित सेमिनार आदि के माध्यम से बहुआयामी परिप्रेक्ष्य विकसित करें और जागरूकता बढाएँ
  • अनुभव और तकनीकी आधारित शिक्षा: प्रयोग करते हुए सीखना, इसके लिए कक्षा में बताए जाने वाले सिद्धांतों को वास्तविक दुनिया में लागू करना
  • सीमाओं को तोडना: बेहतरीन प्रोफेसर व डिजिटली उपलब्ध पाठयक्रम से सीखना, जिसे बेहतरीन फेसिलिटेटर, प्रैक्टिशनर और कैम्पस में शैक्षिक सहायकोँ द्वारा संचालित किया जाता है
  • इंडस्ट्री इंटरैक्शन: इंडस्ट्री के साथ करीबी और निरंतर संचार से लाभ। मेंटरशिप, काउंसलिंग और कार्य के अवसरों का लाभ
  • स्वायत्तता और लचीलापन: आप जो पढना चाहते हैं उसका चयन करें। अपनी शिक्षा का चार्ज अपने हाथ में लें स्वतंत्रता अय्र जिम्मेदारी का लाभ उठाते हुए किसी की सोच में सकारात्मक बदलाव लाना, किसी की जिज्ञासा को बढाना अथवा किसी नए शौक को आगे बढाना 
  • सेंटर फॉर एक्सिलेंस: अटल इन्क्युबेशन सेंटर और द सेंटर फॉर कम्युनिकेशन एंड क्रिटिकल थिंकिंग की स्थापना क्लासरूम लर्निंग से आगे की शिक्षा के लिए की गई है
     

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