आईआईआईटी-नया रायपुर ने 2019 से डेटा साइंस एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस प्रवेश लेने की घोषणा की

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रायपुर
डेटा साइंस, डेटा एनालिटिक्स एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की बढ़ती मांग और उपयोगिता को देखते हुए यूजीसी से मान्यता प्राप्त राज्य विश्वविद्यालय और छत्तीसगढ़ सरकार एवं एनटीपीसी के बीच एक संयुक्त उपक्रम के तौर पर छत्तीसगढ़ के रायपुर में स्थापित इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, नया रायपुर (आईआईआईटी-एनआर) ने अकादमिक वर्ष 2019-20 से डेटा साइंस एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में भारत का पहला बी.टेक प्रोग्राम शुरू किया है। इस संस्थान ने आगामी अकादमिक वर्ष (2019-20) से डेटा साइंस एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में एक एम.टेक प्रोग्राम भी शुरू किया है। इसके साथ आईआईआईटी-एनआर इस तेज़ी से उभरती भावी प्रौद्योगिकियों में बी.टेक और एम.टेक प्रोग्राम्स की पेशकश करने वाला भारत का पहला संस्थान होगा।आईआईआईटी-एनआर में डेटा साइंस और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में नए प्रोग्राम्स को इस तरह से डिज़ाइन किया गया है जिससे कि आज कॉरपोरेट जगत में जबरदस्त मांग वाले कौशलों में डेटा साइंस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग जैसी प्रौद्योगिकियों के मामले में थ्योरी और व्यवहारिक दृष्टि से मजबूत आधार के साथ विद्यार्थी तैयार किए जा सकें। दुनियाभर में डेटा एनालिटिक्स के लिए बाज़ार वर्ष 2017-2023 के बीच साल दर साल 30.08 प्रतिशत की वृद्धि दर से बढऩे का अनुमान है जिससे यह 77.64 अरब डॉलर के पार चला जाएगा। आंतरिक एवं सार्वजनिक तौर पर उपलब्ध आंकड़ों के स्रोतों से आंकड़ों का संग्रह करने जैसे उद्देश्यों के लिए लगभग सभी उद्योग में वेब क्रॉलर्स और इन हाउस डेटा वैज्ञानिकों की आज जरूरत है। डेटा एनालिटिक्स का उपयोग आय बढ़ाने, रुख के मुताबिक काम करने, परिचालन दक्षता सुधारने और मार्केटिंग दुरुस्त करने में किया जा सकता है। जिन सेवा क्षेत्रों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अहम भूमिका निभाएगा, उनमें स्वास्थ्य क्षेत्र, वित्त, विमानन, विनिर्माण और लॉजिटिक्स शामिल हैं। डेटा क्लीनिंग एवं एआई के लिए मांग पूरी करने के वास्ते भारत के सेवा क्षेत्र में जबरदस्त संभावना है। आईआईआईटी नया रायपुर के कुलपति एवं निदेशक डॉक्टर प्रदीप के. सिन्हा ने कहा, ‘डेटा की तेज़ वृद्धि और इन आंकड़ों से निकाले जा रहे ज्ञान के स्तर ने डेटा साइंस और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का गहरा ज्ञान रखने वाले विद्यार्थियों के लिए कई नए और उत्साहवर्धक पैदा किए हैं। डेटा साइंस एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में हमारे नए बी.टेक प्रोग्राम के दायरे में आंकड़ों को सूचना में तब्दील करने के लिए आंकड़ों का संग्रह, उनका प्रबंधन, विश्लेषण आदि की पद्धति एवं एल्गोरिथम शामिल है। इससे ज्ञान का सृजन संभव हो सकेगा और कई क्षेत्रों में निर्णय लेने में मदद मिलेगी। आईआईआईटी, नया रायपुर के डीन (अकादमिक) डॉक्टर राजर्षि महापात्र ने कहा, ‘नया बी.टेक प्रोग्राम कंप्यूटर विज्ञान, सांख्यिकी और गणित के क्षेत्रों से मौलिक अवधारणाओं पर ज़ोर देता है जोकि इंटरनेट, सोशल मीडिया, सेंसर्स, ऑटोमोबाइल, पर्यावरण आदि जैसे विभिन्न स्रोतों से एकत्रित आंकड़ों के विश्लेषण के लिए आवश्यक है। इस प्रोग्राम में विद्यार्थी कृषि, सुरक्षा, स्वास्थ्य, वाणिज्य, उद्योग, बैंकिंग, बीमा, परिवहन, नगर नियोजन आदि जैसे सभी क्षेत्रों में आंकड़ों पर आधारित निर्णय के प्रभाव का विश्लेषण करने के लिए परियोजनाओं पर काम करते हैं। यह आईआईटी-नया रायपुर की परियोजना आधारित सीख की तर्ज पर है। विशेषज्ञता प्राप्त सफल स्नातकों को नौकरी पर रखने वाली कुछ लोकप्रिय फर्मों में माइक्रोसॉफ्ट, ऑरेकल, आईबीएम, इनफोसिस, टीसीएस, टेक महिन्द्रा, एचसीएल, एक्सेंचर आदि शामिल हैं। चूंकि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का अगले कुछ वर्षों में वैश्विक श्रम बाज़ार पर मौलिक प्रभाव पडऩा तय है, इस क्षेत्र में पेशेवरों की भारी मांग है। विद्यार्थी कई आकर्षक नौकरियां प्राप्त कर सकते हैं जिनमें मशीन लर्निंग इंजीनियर, डेटा साइंटिस्ट, बिजऩेस इंटेलिजेंस डेवलपर, रिसर्च साइंटिस्ट और बिग डेटा आर्किटेक्ट की नौकरी शामिल है।

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