शारदा युनिवर्सिटी ने उज़बेकिस्तान में नया कैंपस खोला

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उज़बेकिस्तान
मूल्य आधारित शिक्षा, अनुसंधान और विकास की प्रेरणा देने वाले उत्कृष्ट संस्थान शारदा युनिवर्सिटी उज़बेकिस्तान में एक नया कैंपस खोलकर सभी को विश्व स्तरीय गुणवत्ता की शिक्षा उपलब्ध कराने की अपनी विरासत को आगे बढ़ाने को तैयार है। शारदा युनिवर्सिटी उज़बेकिस्तान खासकर अंदीजान, फेरगाना, समरकंद क्षेत्र में पहली स्वतंत्र निजी युनिवर्सिटी होगी जो इंजीनियरिंग और प्रबंधन सहित विभिन्न क्षेत्रों में भविष्य उन्मुखी शिक्षा का अनुभव दिलाने के लिए यूरेशिया से आने वाले विद्यार्थियों का गेटवे होगी। 
उच्च योग्यता प्राप्त और सक्षम पूर्णकालिक शिक्षकों (20) और करीब 15-20 आगंतुक शिक्षकों एवं 250 विद्यार्थियों के साथ यह युनिवर्सिटी वर्तमान में इंजीनियरिंग में बीटेक और बीटेक (ऑनर्स) में विशेष पाठ्यक्रमों की पेशकश करती है जिसमें कंप्यूटर साइंस, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग, सूचना प्रौद्योगिकी और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं कम्युनिकेशन शामिल हैं और इसका खास जोर नये युग की डिजिटल प्रौद्योगिकी जैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग पर है। प्रबंधन क्षेत्र में यह युनिवर्सिटी मानव संसाधन प्रबंधन, उद्यमशीलता, विपणन और अंतरराष्ट्रीय कारोबार में विशेष पाठ्यक्रमों की पेशकश करती है। इस अवसर पर, उज़बेकिस्तान गणराज्य के अंदिजान क्षेत्र के चीफ गवर्नर माननीय शुखरात अब्दुरखमनोव ने कहा, शारदा युनिवर्सिटी के साथ साझीदारी के इस नए चरण में प्रवेश करते हुए मुझे अत्यंत खुशी है। यह युनिवर्सिटी भारत के अग्रणी शैक्षणिक संस्थानों में से एक है। हम शारदा ग्रुप के लिए कामना करते हैं और उज़बेकिस्तान के सर्वांगीण विकास में उनके महान योगदान की उम्मीद करते हैं। हम इस ग्रुप को हर तरह का सहयोग करेंगे जिससे वह शानदार पथ पर आगे बढ़ सके। गुजरात के मुख्यमंत्री श्री विजय रूपानी भी इस उद्घाटन समारोह के मौके पर उपस्थित थे। श्री रूपानी ने कहा, शारदा युनिवर्सिटी ने भारत के शैक्षणिक उत्थान में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और मुझे पूरा भरोसा है कि यह युनिवर्सिटी उज़बेकिस्तान में इस नए कैंपस के साथ एक नया कीर्तिमान स्थापित करेगी। मैं कामना करता हूं कि यह साझीदारी दोनों देशों के लिए बहुत सार्थक सिद्ध हो और शांति, स्थिरता एवं उत्कृष्ट कार्य के लिए एक वैश्विक छाप छोड़े। इस नए कीर्तिमान के बारे में शारदा युनिवर्सिटी के कार्यकारी निदेशक श्री प्रशांत गुप्ता ने कहा, भारत और उज़बेकिस्तान का एक साझा महान इतिहास रहा है। उज़बेकिस्तान में शारदा का कैंपस स्थापित होना इन दोनों देशों के बीच प्रगाढ़ संबंध का एक शानदार उदाहरण है और इससे न केवल इन दोनों देशों, बल्कि पूरे विश्व के लिए शिक्षा का भविष्य नए सिरे से परिभाषित होगा। उन्होंने कहा, शारदा ग्रुप को उसकी विविधता एवं वैश्विक बनने की ललक के लिए जाना जाता है। हमारे नए कैंपस की लांचिंग भविष्य में शिक्षा और इसके विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्टता हासिल करने की हमारी प्रतिबद्धता को दोहराती है जिससे अकादमिक क्षेत्र, उद्योग और कॉरपोरेट के बीच खाई पाटी जा सके। हमें आशा है कि उद्योग को लेकर हमारे अनुभव से सभी क्षेत्रों में अवसरों का दोहन किया जा सकेगा और निकट भविष्य में ताशकंत जैसे बाजारों में विविधकरण किया जा सकेगा।

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