कौशल विकास पर चर्चा के लिए बीएसडीयू ने कोटा में किया सम्मेलन का आयोजन

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  • कोटा के युवाओं के कॅरियर को आगे बढ़ाने का बीएसडीयू का उद्देश्य
  • बीएसडीयू के डायरेक्टर ऑफ एडमिशन डॉ. रवि गोयल ने देश के दूसरे राज्यों में भी कौशल विकास को बढ़ावा देने पर चर्चा की। 
  • 2011 की जनगणना के अनुसार, राजस्थान में कोटा की साक्षरता दर 77.48 फीसदी।
  • 67,000 अकुशल कर्मचारियों की तुलना में केवल 35,000 युवा कुशल कर्मचारी उपलब्ध।
  • 12वीं कक्षा में 75 फीसदी से अधिक स्कोर करने वाली लड़कियों और 80 फीसदी से अधिक स्कोर करने वाले लड़कों के लिए ट्यूशन फीस पर 100 फीसदी छूट के साथ छात्रवृत्ति प्रदान करती है बीएसडीयू।
  • विश्वविद्यालय अत्याधुनिक सुविधाओं के माध्यम से मशीन लर्निंग कौशल प्रदान करता है और प्लेसमेंट कंपनियों में इंटर्नशिप करवाता है।

कोटा
भारतीय स्किल डेवलपमेंट यूनिवर्सिटी (बीएसडीयू) ने कौशल विकास और देश में इसकी जरूरत के बारे में चर्चा करने के लिए कोटा में आज एक सम्मेलन का आयोजन किया। सम्मेलन में यूनिवर्सिटी के डायरेक्टर ऑफ एडमिशन डॉ. रवि गोयल ने बताया कि कैसे कौशल-आधारित पाठ्यक्रम युवाओं को विभिन्न कौशलों में प्रशिक्षित होने और कैरियर के उपयुक्त विकल्प खोजने में मदद कर सकते हैं। इस सम्मेलन का उद्देश्य कोटा में रोजगार और कौशल विकास से संबंधित था, जहां बड़ी संख्या में युवा रोजगार की तलाश कर रहे हैं। एनएसडीसी के अनुसार कौशल पहल के संबंध में में कोटा राजस्थान राज्य का शीर्ष तीसरा शहर है। 2016-17 में, शहर के अर्ध-कार्यशील कर्मचारियों की संख्या 66,841 बताई गई थी, जबकि कुशल कार्यबल का अनुमान 34,921 था। बीएसडीयू कौशल विश्वविद्यालयों की स्थापना और अन्य राज्यों में कौशल विकास के अपने अद्वितीय मॉडल का अनुसरण करने में अन्य राज्य सरकारों की मदद कर रहा है। बीएसडीयू युवाओं को कौशल निर्माण, प्रशिक्षण देते हुए विभिन्न विनिर्माण क्षेत्रों में रोजगार पाने में मदद करता है। बीएसडीयू के डायरेक्टर ऑफ एडमिशन डॉ. रवि गोयल ने कहा, ‘2011 की जनगणना के अनुसार राजस्थान की साक्षरता दर में 77.48 फीसदी साक्षरता के साथ कोटा पहले नंबर पर है। शहर में कुल 2 लाख में से लगभग 1.01 लाख आबादी रोजगार योग्य है, जबकि कोटा में कार्यबल में भागीदारी दर केवल 35 फीसदी है। हर संस्थान में प्रशिक्षित कर्मचारी की मांग है। आज की दुनिया कुछ पेशेवर कैरियर विकल्पों के इर्द-गिर्द घूम रही है, जो प्रबंधन की तुलना में प्रकृति से कार्यात्मक हैं, जैसे प्रबंधन, प्रशासनिक, लेखा, तकनीकी आदि। ऐसे कार्यात्मक क्षेत्रों में व्यावहारिक प्रशिक्षण कभी भी पूर्वनिर्धारित नहीं होता है। हमने बीएसडीयू में प्रशिक्षण मॉड्यूल बनाए हैं जो छात्रों को हर तरह की मशीन लर्निंग और फंक्शन लर्निंग से गुजरने में सक्षम बनाते हैं। बी.वोक और एम. वोक जैसी कौशल की डिग्री हर स्नातक के लिए एक सही कैरियर मार्ग प्रशस्त करने के लिए एक वरदान साबित होगी। सामान्य शिक्षा सामग्री के अलावा, इन स्नातकों को कौशल का मजबूत ज्ञान होगा और वे औद्योगिक जोखिम से संबंधित चुनौतियों को हल करने में सक्षम होंगे। उनकी रोजगार क्षमता बेरोजगारी दर को कम करने में सहायक होगी। कमाण्डर अनिल राणा, बीएसडीयू ने कहा, ‘हम आज के युवाओं में व्याप्त कौशल अंतर को मिटाने के लिए राज्य सरकार को अपने स्विस-ड्यूल-एजुकेशन-सिस्टम’ के साथ सर्वोत्तम सलाह और समर्थन प्रदान करना चाहते हैं। हमने हाल ही में राजस्थान सरकार के लिए अपने सहयोग को बढ़ाया है। व्हीबॉक्स की इंडिया स्किल रिपोर्ट 2019 के अनुसार, भारत में समग्र रोजगार 47.38 फीसदी है और भारतीय कार्यबल में 473 मिलियन लोग शामिल हैं। आईटीआई क्षेत्र में रोजगार 29.46 फीसदी और पॉलिटेक्निक क्षेत्र में रोजगार 32.67 फीसदी है। देश में पुरुष रोजगार में 47.39 फीसदी है जबकि महिला रोजगार 45.6 फीसदी है। भारत में संगठित कार्यबल केवल 8 फीसदी है। रोजगार के लिहाज से राजस्थान का स्थान देश में चौथा है और पुरुष और महिला रोजगार क्रमशः सातवें और छठें स्थान पर है। देश के सभी राज्यों में काम करने के लिहाज से राजस्थान छठा सबसे पसंदीदा राज्य है। बीएसडीयू में लगभग हर वैकल्पिक सेमेस्टर इंडस्ट्री में पूरा करने की सुविधा प्रदान की जाती है, जहां छात्र को अतिरिक्त रूप से औद्योगिक प्रदर्शन करने का अवसर मिलता है। बीएसडीयू पहला ऐसा विश्वविद्यालय है जो सीखने के साथ कमाने के भी अवसर देता है। इंटर्नशिप के दौरान उद्योग 7000 से 15000 रुपए तक प्रति माह तक का स्टाइपेंड देते हैं, जिससे आप सीखने के साथ कमाते भी हैं। साथ ही, कई छात्रों को उन कंपनियों द्वारा नियमित रोजगार की पेशकश की जाती है जहां वे इंटर्नशिप के लिए जाते हैं। बीएसडीयू पहला विश्वविद्यालय है जो कई एंटर और एक्टिज पॉइंट की पेशकश करता है, जहां छात्र के पास अपने कार्यक्रम में लौटने का लचीलापन होता है, अगर उद्योग में नौकरी करते समय उन्हें अपनी पढ़ाई छोड़नी पड़ती है। वे अपनी डिग्री पूरी करने के लिए बाद में भी विश्वविद्यालय वापस आ सकते हैं। यूनिवर्सिटी 12वीं कक्षा में 75 फीसदी से अधिक स्कोर करने वाली लड़कियों और 80 फीसदी से अधिक स्कोर करने वाले लड़कों के लिए ट्यूशन फीस पर 100 फीसदी छूट के साथ छात्रवृत्ति प्रदान करती है। विश्वविद्यालय उन छात्रों के लिए विशेष छात्रवृत्ति प्रदान करता है जिनके पिता भारतीय सैन्य सेवाओं में कायर्रत रहते हुए शहीद हुए हैं। बीएसडीयू का कई संगठनों के साथ जुड़ाव है, जिससे यह अपने छात्रों को उद्योग के साथ सम्पर्क प्रदान करता हैं। उद्योग के कुछ लीडर जहां छात्रों को प्रशिक्षण का लाभ मिलता है, उनमें से कुछ हैं, डैकिन, महिंद्रा, एपेक्स अस्पताल, कैड सेंटर, आर्डेन, सबल भारत, रिगेल, आईसीआईसीआई बैंक, आईडीबीआई बैंक, ल्यूपिन, आईटीसी, पेप्सिको, एलजी, एलएंडटी, नेस्ले और फाइजर। बीएसडीयू ने कंपनियों और शैक्षणिक संस्थानों के साथ कौशल क्षेत्र में तीस से अधिक एमओयू पर हस्ताक्षर किए हैं। स्विस ड्यूल मॉडल ऑफ स्किल एजुकेशन पर आधारित एक कौशल विकास विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए राजस्थान सरकार के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इसी तरह इसने फोटोनिक्स ट्रेनिंग एंड रिसर्च सेंटर की स्थापना के लिए सहयोग और समर्थन के लिए राजस्थान सरकार और फोटोनिक इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड, सिंगापुर के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। विश्वविद्यालय ने इंस्टीट्यूट ऑफ सस्टेनेबल कम्युनिटी, यूएसए के साथ कौशल विकास, प्रशिक्षण, प्लेसमेंट, अनुसंधान एवं विकास और संबंधित सेवाओं के लिए एक समझौते में प्रवेश किया है, राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय, कोटा, कौशल विकास के लिए राजस्थान कर्मचारी संगठन और भारद्वाज फाउंडेशन, फ्लीका, जयपुर के साथ छात्रों के लिए परिणाम आधारित प्रशिक्षण, प्लेसमेंट, आरएंडडी और संबंधित सेवाओं के लिए सहयोग किया है।

भारतीय स्किल डेवलपमेंट यूनिवर्सिटी (बीएसडीयू) के बारे मेंः
2016 में स्थापित भारतीय स्किल डेवलपमेंट यूनिवर्सिटी (बीएसडीयू) भारत का पहला अनूठा कौशल विकास विश्वविद्यालय है, जिसे भारतीय युवाओं की प्रतिभाओं के विकास के लिए अवसर, स्थान और गुंजाइश बनाकर कौशल विकास के क्षेत्र में वैश्विक उत्कृष्टता पैदा करने की दृष्टि से उन्हें वैश्विक स्तर पर फिट बनाने के लिए कायम किया गया था। डॉ. राजेंद्र के जोशी और उनकी पत्नी श्रीमती उर्सुला जोशी के नेतृत्व और विचार प्रक्रिया के तहत नौकरी प्रशिक्षण और शिक्षा के लिए बीएसडीयू ने ‘स्विस-ड्यूल-सिस्टम’ स्विट्जरलैंड की तर्ज पर इसे स्थापित किया है। बीएसडीयू राजेंद्र उर्सुला जोशी चैरिटेबल ट्रस्ट के तहत एक शिक्षा उपक्रम है और राजेंद्र और उर्सुला जोशी (आरयूजे) समूह ने इस विश्वविद्यालय को 2020 तक 36 कौशल स्कूलों को स्थापित करने के लिए 500 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया है। बीएसडीयू ने कंपनियों और शैक्षणिक संस्थानों के साथ कौशल क्षेत्र में पचास से अधिक समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए हैं। स्विस ड्यूल मॉडल ऑफ स्किल एजुकेशन पर आधारित एक कौशल विकास विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए राजस्थान सरकार के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इसी तरह इसने फोटोनिक्स ट्रेनिंग एंड रिसर्च सेंटर की स्थापना के लिए सहयोग और समर्थन के लिए राजस्थान सरकार और फोटोनिक इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड, सिंगापुर के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। विश्वविद्यालय ने इंस्टीट्यूट ऑफ सस्टेनेबल कम्युनिटी, यूएसए के साथ कौशल विकास, प्रशिक्षण, प्लेसमेंट, अनुसंधान एवं विकास और संबंधित सेवाओं के लिए एक समझौते में प्रवेश किया है, राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय, कोटा, कौशल विकास के लिए राजस्थान कर्मचारी संगठन और भारद्वाज फाउंडेशन, जयपुर के साथ परिणाम आधारित प्रशिक्षण, प्लेसमेंट, आरएंडडी और संबंधित सेवाओं के लिए सहयोग किया है। बीएसडीयू न केवल शैक्षणिक, बल्कि सरकार की योजनाओं को औद्योगिक समर्थन भी प्रदान कर रही है। विश्वविद्यालय के बी. वोक पाठ्यक्रम में एंट्री और एग्जिट के लिए कई पॉइंट्स हैं और इस तरह विद्यार्थियों को इंडस्ट्री का अनुभव हासिल करने और किसी भी समय अपनी डिग्री या पाठ्यक्रम को पूरा करने की सुविधा मिलती है। बीएसडीयू छह महीने के बाद स्किल सर्टिफिकेट, एक वर्ष के बाद स्किल डिप्लोमा, दो साल के बाद एडवांस्ड डिप्लोमा और तीन साल बाद स्नातक की डिग्री प्रदान करता है। छात्र हर वैकल्पिक सेमेस्टर के लिए औद्योगिक प्रशिक्षुता के एक स्तर तक पहुंचते हैं। यह उन्हें तीन साल के बी. वोक कार्यक्रम के दौरान 18 महीने का औद्योगिक अनुभव देता है। बीएसयूडी 50 एकड़ में विस्तारित होगा, जिसमें 73 इमारतों, 55 अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं सहित 16 कंप्यूटर प्रयोगशालाएं, कई अनुसंधान परियोजनाएं, वाई-फाई सुविधाओं सहित एक पूरी तरह से सुसज्जित परिसर और 20 से अधिक अंतरराष्ट्रीय सहयोग शामिल होंगे। विचार, कौशल विकास की स्विस प्रणाली को भारत में लाने का था, इस तरह भारत में आधुनिक कौशल विकास के जनक डॉ. राजेंद्र जोशी और उनकी पत्नी श्रीमती उर्सुला जोशी ने 2006 में स्विट्जरलैंड के विलेन में ’राजेंद्र एंड उर्सुला जोशी फाउंडेशन’ का गठन करते हुए इस दिशा में काम करना शुरू कर दिया। बीएसडीयू का उद्देश्य उच्च गुणवत्ता वाली कौशल शिक्षा को बढ़ावा देना और सर्टिफिकेट, डिप्लोमा, एडवांस डिप्लोमा और स्नातक, स्नातकोत्तर, डॉक्टरेट और विभिन्न कौशल के क्षेत्र में अनुसंधान के लिए पोस्ट-डॉक्टरेट की डिग्री देते देते हुए ज्ञान की उन्नति और प्रसार करना है।

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