डब्ल्यूयूडी ने ऑक्सफोर्ड बु्रक्स युनिवर्सिटी के साथ साझीदारी की

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नई दिल्ली
संयुक्त राष्ट्र द्वारा हाल ही में किए गए एक अध्ययन के मुताबिक वर्ष 2050 तक विश्व की 68 प्रतिशत आबादी के शहरी क्षेत्रों में रहने की संभावना है। बढ़ती आबादी, टिकाऊ विकास के अनुरूप ढांचागत सुविधाओं के लिए मांग की वजह से नई चुनौतियों के साथ शहरों का आकार बदल रहा है। इससे सामान्य वास्तुविद् के अलावा निर्मित वातावरण एवं शहरी आधारभूत ढांचा प्रबंधन एवं सेवाओं में विशेषज्ञता रखने वाले पेशेवरों की मांग बढ़ रही है। रचनात्मक क्षेत्र में शिक्षा के लिए समर्पित भारत की पहली और एकमात्र युनिवर्सिटी वल्र्ड युनिवर्सिटी ऑफ डिज़ाइन (डब्ल्यूयूडी) ने बिल्ट एन्वायर्नमेंट एंड हैबिटेट स्टडीज़ में एक अनूठे बीए (ऑनर्स) कोर्स की पेशकश करने के लिए ऑक्सफोर्ड बु्रक्स युनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ आर्किटेक्चर के साथ साझीदारी की है। डब्ल्यूयूडी भारत में डिज़ाइन पाठ्यक्रमों का सबसे बड़ा पोर्टफोलियो रखने वाली युनिवर्सिटीज़ में से एक है।

बीए (ऑनर्स) के स्नातक ऑक्सफोर्ड ब्रुक्स में 
एप्लायड डिज़ाइन इन आर्किटेक्चर में स्नातकोत्तर कार्यक्रम में सीधे प्रवेश पाने में समर्थ होंगे। दो वर्ष के इस पेशेवर स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम के तहत व्यक्ति को अपनी डिग्री में विशेषज्ञता का एक क्षेत्र शामिल करने की अनुमति होगी। इस कोर्स को रॉयल इंस्टीट्यूट ऑफ ब्रिटिश आर्किटेक्ट्स (रीबा) और पार्ट 2 छूट के साथ आर्किटेक्ट्स रजिस्ट्रेशन बोर्ड से मान्यता मिली हुई है। साथ ही यह स्कूल अमेरिका के एसीएसए के साथ संबद्ध है। इस तरह से स्नातकोत्तर ब्रिटेन में प्रैक्टिस कर सकेंगे और यह पात्रता हासिल करने के बाद भारतीय आर्किटेक्चरल फर्मों के साथ काम कर सकेंगे। बीए (ऑनर्स) कार्यक्रम में प्रवेश मुक्तचयन के माध्यम से होगा और इसके लिए नाटा स्कोर या पात्रता की शर्तों की जरूरत नहीं होगी। प्रवेश संबंधी विवरण ऑनलाइन उपलब्ध है। जून के अंत में होने वाली प्रवेश परीक्षा के लिए फार्म ऑनलाइन और ऑफ लाइन जमा किए जा सकते हैं। इस पाठ्यक्रम के बारे में डब्ल्यूयूडी के कुलपति डॉक्टर संजय गुप्ता ने कहा, ‘जहां वास्तुशिल्प शिक्षा में हमारे पास अतिरिक्त क्षमता है, मांग और आपूर्ति के अंतर को देखते हुए बिल्ट एन्वायर्नमेंट पेशेवरों की आपूर्ति बहुत कम है। बढ़ते शहरों की जरूरतें और डिज़ाइन की जरूरतें पूरी करने वाले एक सफल निर्मित वातावरण प्रणाली और पेशे के नियोजन में आवश्यक कौशल एवमं ज्ञान उपलब्ध कराने के लिए इस पाठ्यक्र म को डिज़ाइन किया गया है। हमें विश्वभर में खासतौर पर भारत में इस पाठ्यक्रम की जबरदस्त संभावना दिखती है क्योंकि इस विषय को लेकर अनूठे अंतर क्षेत्रीय दृष्टिकोण से यह सुनिश्चित होगा कि जल, वायु, खाद्य की आपूर्ति जैसी चुनौतियों को संपूर्ण आर्थिक, सामाजिक और पर्यावरणीय टिकाऊपन के साथ समावेश बिठाकर इनसे प्रभावीढंग से निपटा जा सकता है। इस तीन वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम के तहत पेशेवर क्षेत्रों से संबंधित कई विषय आते हैं जिन्हें विद्यार्थी आगे चलकर अपना सकते हैं। इसमें मानव आवास, वैश्विक डिज़ाइन, समाज शास्त्र, टिकाऊपन, स्थानिक नियोजन, कला एवमं संस्कृति, व्यवहारिक विज्ञान और पर्यावरण अध्ययन जैसे क्षेत्र शामिल हैं। ये ऐसे क्षेत्र हैं जो प्रासंगिक हैं और आर्किटेक्चरल असिस्टेंट, बिल्ट एन्वायर्नमेंट डिज़ाइनर, प्रोजेक्ट मैनेजमेंट, नीति एवमं सलाह, शहरी एवमं ग्रामीण नियोजन, संपदा प्रबंधन, बीआईएम मॉडेलर, आर्किटेक्चरल रेंडरर, प्रोजेक्ट मैनेजर, क्वांटिटी सर्वेइंग कंसल्टेंट जैसे कैरियर में इनकी भारी मांग है। वल्र्ड युनिवर्सिटी ऑफ डिज़ाइन (डब्ल्यूयूडी) के पास भारत में डिज़ाइन पाठ्यक्रमों का सबसे बड़ा पोर्टफोलियो है और यह परिवहन डिज़ाइन, उत्पाद डिज़ाइन, गेम डिज़ाइन, फिल्म एवमं वीडियो, डिजिटलड्राइंग एवमं इलस्ट्रेशन, डिजाइन मैनेजमेंट, आर्ट एजुकेशन व क्यूरेटोरियल प्रैक्टिस सहित 24 से अधिक अत्याधुनिक कार्यक्रमों की पेशकश कर रही है।

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