डिस्कवरी की नई सीरीज़ ‘एक्सपिडिशन अननोन‘में जोश गेट्स खोज रहे हैं प्रसिद्ध द्वारका नगरी

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मुंबई
दुनिया के सबसे लगनशील खोजकर्ताओं में से एक जोश गेट्स अब भारत में एक ऐतिहासिक रोमांच के सफर पर चलने को तैयार हैं, जिसमें वे भारत का अटलांटिस मानी जाने वाली पौराणिक द्वारका नगरी के पीछे की सच्चाई जानने का प्रयास करेंगे। क्या वो प्राचीन पांडुलिपियां कपोल कल्पनाएं हैं? या फिर द्वारका की महान नगरी वाकई वास्तविक स्थल पर आधारित है? इस अभियान में जोश गेट्स वैज्ञानिकों के एक दल के साथ शामिल हो रहे हैं, जिनका मानना है कि उन्होंने पानी की सतह के नीचे कुछ ऐसा खोजा है, जो उस इतिहास की नींव हिला सकता है, जिसे हम जानते हैं। दर्शकों को द्वारका की यह असाधारण कथा ‘एक्सपिडिशन अननोन‘ के एक स्पेशल एपिसोड में देखने को मिलेगी, जो 12 जुलाई 2019 को रात 9 बजे डिस्कवरी चैनल और डिस्कवरी एचडी वल्र्ड पर प्रसारित किया जाएगा। धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, द्वारका नगरी भगवान कृष्ण की ऊर्जा के विस्तार से स्थापित हुई थी। इसे एक अद्भुत नगरी के रूप में परिभाषित किया गया था, जिसमें सोने के आवरण से सजी भव्य इमारतें थीं। माना जाता हैै कि भगवान कृष्ण ने इस भव्य नगरी के निर्माण के लिए दिव्य शक्तियों का प्रयोग किया था और इस नगरी का उद्भव सागर से हुआ था। इस नगरी को आक्रमणकारियों से बचाने के लिए इसके चारों ओर पत्थर की एक विशाल दीवार थी। परंतु भगवान कृष्ण के परमलोक गमन के पश्चात् यह जगमगाता साम्राज्य अरब सागर में विलीन हो गया और इसकी महिमा कल्पनाओं में गुम हो गई। अब जोश उन विश्वविख्यात खोजकर्ताओं के साथ शामिल हुए हैं जो इस अद्भुत नगरी के पीछे की वास्तविकता जानने का प्रयास कर रहे हैं। अरब सागर की गहराइयों में गोते लगाते हुए जोश गेट्स कहते हैं, ‘‘प्राचीन द्वारका नगरी की कहानी एक महत्वपूर्ण धार्मिक कथा है, लेकिन जब हमने इसी नाम से बसे आधुनिक शहर के आसपास दबे अवशेषों की जांच की, तो हमें पता चल रहा है कि यह किवदंती कुछ ऐतिहासिक तथ्यों पर आधारित हो सकती है। आधुनिक द्वारका के तट की पड़ताल करने के बाद जोश, भारतीय पुरातत्व विशेषज्ञों की एक टीम के साथ उत्तर में स्थित द्वीप ‘बेट द्वारका‘ के एक खुदाई वाले स्थल पर पहुंचते हैं। वहां भारतीय पुरातत्व विशेषज्ञों ने हाल ही में कुछ रोचक अवशेषों की खोज की है, जिनमें एक दीवार के अवशेष, मिट्टी के बर्तन और एक रहस्यमय मुहर शामिल हैं। जोश बताते हैं, ‘‘पुरातत्व विशेषज्ञों ने अभी सिर्फ इसकी सतह कुरेदी है, लेकिन जो प्रमाण सामने आ रहे हैं वो इस बात को पुख्ता करते हैं कि यहां एक महत्वपूर्ण बसाहट थी। हमें जो सामग्री मिली, खासतौर से प्राचीन मुहर, वो यहां की भव्य संस्कृति को दर्शाती है और यहां के रीति-रिवाजों और अनुष्ठानों की ओर इशारा करती हैं। लेकिन क्या ये वही प्राचीन द्वारका नगरी है? अपना अनुभव बताते हुए जोश गेट्स कहते हैं, ‘‘मैं वर्षों की कल्पनाओं, आस्था और समारोह में डूब गया हूं और इसी एहसास के साथ भारत से लौट रहा हूं। आने वाले वक्त में पुरातत्व विशेषज्ञों को ऐसे ठोस प्रमाण मिल सकते हैं, जो यह साबित करेंगे कि द्वारका सिर्फ प्राचीन ग्रंथों की एक धार्मिक किवदंती नहीं है। मैं यह जानने के लिए उत्सुक हूं कि पुरातत्व विशेषज्ञ आगे क्या पता लगाते हैं, लेकिन आधुनिक द्वारका शहर के निवासियों और दुनियाभर में बसे अरबों हिंदुओं के लिए यह किवदंती वास्तविकता से कहीं बढक़र है। यह दिव्य है! डिस्कवरी चैनल के लिए ‘एक्सपिडिशन अननोन‘ का निर्माण पिंग पॉन्ग प्रोडक्शन्स ने किया है। तो आप भी जोश गेट्स के साथ इस रोचक यात्रा में शामिल हो जाइए, जिसमें वे प्राचीन द्वारका नगरी से जुड़े मिथकों को उजागर करेंगे, ताजा सीरीज़ ‘एक्सपिडिशन अननोन‘ के स्पेशल एपिसोड में, 12 जुलाई 2019 से हर शुक्रवार रात 9 बजे सिर्फ डिस्कवरी चैनल और डिस्कवरी एचडी वल्र्ड पर।

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