राजस्थानी संस्कृति को बचाये रखने में राना की महत्वपूर्ण भूमिका : राजेंद्र पाहूजा

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जयपुर/कनाडा
राजस्थान की संस्कृति अनूठी है, राजस्थान की परम्पराएं हमारी सांस्कृतिक धरोहर हैं। आज के बदलते परिवेश में इन सांस्कृतिक मूल्यों एवं परम्परा को अक्षुण बनाएं रखने में राजस्थान एसोसिएशन और नोर्थ  अमरीका (राना) महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर रही है। यह बात कनाडा में राना के फाउंडर डायरेक्टर राजेंद्र पाहूजा ने जलतेदीप को दिये अपने एक विशेष साक्षात्कार में कही। राज पाहूजा राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले से हैं तथा उन्होंने गंगानगर के खालसा कॉलेज में अपना अध्यय पूर्ण किया। राज पाहूजा सन् 1996 में ग्रेनाइट के व्यापार के लिए जयपुर आए तथा अपने करोबार के सिलसिले में ही सन् 1999 में कनाडा गये थे। इन्होंने सन् 2002 में कनाडा में ही अपना बिजनेस करना प्रारम्भ कर दिया। इनकी राना को 2007 में कनाडा में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका रही है। राज पाहूजा बताते हैं कि कनाडा में राजस्थान की संस्कृति एवं परम्परा को बनाए रखने में राना की अग्रणी भूमिका है। सभी परिवार अपने घरों में राजस्थानी भाषा एवं परम्पराओं को मानते है वहीं सभी त्यौहार, उत्सव को सामूहिक रूप से यहां मनाते हैं। सन् 2007 में स्वामी रामदेव जी भी कनाडा आये थे और उन्होंने भी अपनी संस्कृति को अपनाए रखने के लिए भारतीयों को प्रेरित किया था। राना का इस समय विस्तार अमरीका और कनाडा में तेजी से हो रहा है लगभग 600 से अधिक राजस्थानी इस एसोसिएशन के सदस्य है। राना के अलावा अमेटी फाउंडेशन कनाडा में जरूरतमंद छात्रों को पढ़ाई एवं शोध कार्य के लिए धनराशि प्रदान करता है ताकि वे निर्बाध रूप से यहां अपना अध्ययन पूर्ण कर सकें। राजस्थानी संस्कृति एवं शिक्षा दोनों के लिए राना एवं अमेटी फाउंडेशन यहां बेहतरीन कार्य कर रही है। हमारे सदस्यों के आर्थिक सहयोग से हम यहां त्यौहार, उत्सव, कार्यक्रम एवं स्वतंत्रता दिवस भी धूमधाम से मनाते है। विदेशों में आज राना भारतीय और राजस्थानी कल्चर को कायम रखने में एक सार्थक संस्था साबित हो रही है।

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