भारत से जाने वाले श्रद्धालुओं के वीआईपी जत्थे को सुरक्षा दे पाक

img

नई दिल्ली
सिखों के प्रथम गुरु गुरुनानक देव की 550वीं जयंती पर 9 नवंबर को पाकिस्तान में करतारपुर कॉरिडोर का उद्घाटन होगा। करतारपुर जाने वाले पहले भारतीय जत्थे के 550 श्रद्धालुओं के नाम भारत ने पाकिस्तान को सौंप दिए हैं। मीडिया सूत्रों के मुताबिक, भारत सरकार ने पाकिस्तान सरकार से यह भी स्पष्ट करने को कहा कि क्या करतारपुर जाने के लिए पासपोर्ट की आवश्यकता होगी। इसके अलावा भारत ने आतंकी खतरे के इनपुट भी पाकिस्तान से साझा किए और करतारपुर जाने वाले वीआईपी जत्थे को कड़ी सुरक्षा मुहैया कराने को कहा। मीडिया सूत्रों के मुताबिक, भारत ने खालिस्तान समर्थक संगठन ‘सिख फॉर जस्टिस’ से मिली धमकी की जानकारी पाकिस्तान को दी है। पहले जत्थे की सूची में पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह, पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह शामिल हैं।

सूत्रों के मुताबिक, पूर्व क्रिकेटर और कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू इसमें शामिल होंगे या नहीं, यह स्पष्ट नहीं है। मीडिया सूत्रों के मुताबिक, पाकिस्तान ने करतारपुर से संबंधित किसी भी कार्यक्रम की जानकारी भारत के साथ साझा नहीं की है। भारत ने पाकिस्तान से कहा है कि वह स्पष्ट करे कि करतारपुर साहिब जाने वाले श्रद्धालुओं को पासपोर्ट रखने की जरूरत होगी, या नहीं? पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान ने ट्वीट कर कहा था कि श्रद्धालुओं को करतारपुर आने के लिए पासपोर्ट की जरूरत नहीं होगी। लेकिन, समझौते में पासपोर्ट रखने की अनिवार्यता पर सहमति हुई थी। 

वीडियो सॉन्ग में दिखे खालिस्तान समर्थक
पाकिस्तान के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने उद्घाटन समारोह के लिए वीडियो सॉन्ग और डाक टिकट जारी किए। डाक टिकट पाकिस्तान के अलावा 12 अन्य देशों में बिक्री किए जाएंगे। हालांकि, वीडियो को लेकर विवाद शुरू हो गया है। इस वीडियो में खालिस्तान समर्थक भिंडरावाले के अलावा मेजर जनरल शहबाग सिंह और अमरीक सिंह खालसा को दिखाया गया है।

करतारपुर पाकिस्तान का हिडेन एजेंडा, हमें सतर्क रहना होगा: अमरिंदर
वीडियो सॉन्ग में खालिस्तान समर्थकों के दिखाई देने पर पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि मैं पहले दिन से ही यह कह रहा हूं कि यह पाकिस्तान का हिडेन एजेंडा है। उन्होंने कहा- एक तरफ तो पाकिस्तान प्यार दिखा रहा है और दूसरी तरफ वह मुसीबत खड़ी कर रहा है। हमें पाकिस्तान के इरादों को लेकर बेहद सतर्क रहना होगा। उल्लेखनीय है कि सिखों के तीर्थस्थल गुरुद्वारा ननकाना साहिब में सिखों के प्रथम गुरु गुरु नानक देव का जन्म हुआ था। साल 2019 को गुरु नानक देव की 550वीं जयंती के तौर पर मनाया जा रहा है। 

whatsapp mail