कुलभूषण मामला, पाकिस्तान ने वियना संधि का उल्लंघन किया

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न्यूयॉर्क/एजेंसी। अंतरराष्ट्रीय न्यायालय (आईसीजे) ने संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) को अपनी सालाना रिपोर्ट सौंप दी है। एक न्यूज एजेंसी के अनुसार, आईसीजे के अध्यक्ष जस्टिस अब्दुलकावी अहमद यूसुफ ने यूएनजीए के 74वें सत्र के दौरान कुलभूषण जाधव मामले में जारी आदेश के बारे में बताया। यूसुफ ने यूएनजीए से कहा, ‘‘कोर्ट ने पाया कि पाकिस्तान ने वियना संधि के अनुच्छेद 36 की शर्तों का उल्लंघन किया। इस मामले में समुचित कदम उठाए जाने बाकी हैं।’’वियना संधि के अनुच्छेद 36 के तहत दोनों देशों के कैदियों को कॉन्सुलर एक्सेस का अधिकार है।

 

भारत ने जाधव के लिए कई बार कॉन्सुलर एक्सेस के लिए अपील की थी, जिसे पाकिस्तान ने ठुकरा दिया। आईसीजे ने यह भी स्पष्ट किया कि जाधव मामले में प्रभावी समीक्षा और दोबारा विचार करने की जरूरत है। कोर्ट ने पाक से कहा कि वह सुनिश्चित करे कि वियना संधि के उल्लंघन के कारण हुए मानवाधिकारों हनन से पड़े प्रभावों की पूरी जांच हो।

अगस्त में निलंबित हुई थी जाधव की सजा
आईसीजे के 16 जजों ने इस साल 17 अगस्त को कुलभूषण की फांसी की सजा निलंबित कर दी थी। जस्टिस यूसुफ ने कहा था कि जब तक पाकिस्तान प्रभावी ढंग से फैसले की समीक्षा और उस पर पुनर्विचार नहीं कर लेता, फांसी पर रोक जारी रहेगी।

‘पाकिस्तान ने भारत की अपील नहीं मानी’

आईसीजे के जजों ने आदेश में कहा था- पाकिस्तान ने भारत को कुलभूषण के साथ बातचीत और मुलाकात के अधिकार से वंचित रखा। यह एक निर्विवाद तथ्य है कि पाकिस्तान ने कॉन्सुलर एक्सेस के लिए भारत की अपील नहीं मानी। भारत ने मई 2017 में आईसीजे के सामने यह मामला उठाया था। पाकिस्तान पर जाधव को काउंसलर न मुहैया करवाने का आरोप लगाया था।

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