पाकिस्तान के आईएमएफ बेलआउट पैकेज का अमेरिकी सांसदों ने किया विरोध

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वाशिंगटन
दिवालिया होने के कगार पर खड़े पाकिस्तान के लिए अमेरिका के तीन प्रभावशाली सांसदों ने नई मुश्किलें खड़ी कर दी हैं। इन सांसदों ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) से पाकिस्तान के 'बेलआउट पैकेज' का विरोध करने का आग्रह किया है। आर्थिक संकट से जूझ रही पाकिस्तान की इमरान सरकार ने आईएमएफ से करीब 8 अरब डालर के राहत पैकेज की मांग की है।
अमेरिकी सांसदों टेड याहू, अमी बेरा और जॉर्ज होल्डिंग ने वित्त मंत्री स्टीन मनुचिन और विदेश मंत्री माइक पोम्पियो को लिखे पत्र में यह मांग की है। सांसदों ने 'गहरी चिंता' जताई है कि पाकिस्तान आईएमएफ से मिले बेलआउट पैकेज का इस्तेमाल चीन का कर्ज चुकाने के लिए कर सकता है। उन्होंने कहा कि इसकी ऋण अदायगी और लाभ प्रत्यावर्तन की शर्तें उजागर नहीं हैं और इससे पाकिस्तान में काफी चिंताएं उत्पन्न हैं। चीन की ऋण जाल कूटनीति का खतरनाक उदाहरण यह है कि श्रीलंका उस चीनी ऋण का भुगतान करने में असमर्थ हो गया जो उसने हंबनटोटा बंदरगाह विकास परियोजना के लिए लिया था। बताते चलें कि पाकिस्तान ने 'चीन पाकिस्तान आर्थिक गलियारे' (सीपीईसी) के तहत चीन से कर्ज लिया है। चीन सीपीईसी के तहत पाकिस्तान में 62 अरब डालर निवेश कर रहा है।

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