बात करने का वक्त खत्म, दुनिया को अब काम करने की जरूरत

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जलवायु परिवर्तन पर बोले प्रधान मोदी

संयुक्त राष्ट्र 
अमेरिका के ह्यूस्टन में 'हाउडी मोदी' इवेंट के दूसरे दिन सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जलवायु परिवर्तन पर संयुक्त राष्ट्र को संबोधित किया। उन्होंने दुनियाभर के देशों को इस दिशा में गंभीर होने की बात कही। उन्होंने साफ कहा कि अब बात करने का वक्त गुजर चुका है और अब दुनिया को काम करने की जरूरत है। उन्होंने यह भी कहा कि इस दिशा में जितने प्रयास होने चाहिए उतने नहीं हो रहे हैं। 

लाइफस्टाइल की अवधारणा बदलनी होगी
इससे पहले पीएम ने कहा कि यह सुखद संयोग है कि न्यू यॉर्क दौरे में मेरी पहली सभा क्लाइमेट चेंज पर हो रही है। दुनिया भर में इस चुनौती से निपटने के लिए तमाम प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन हमें यह बात स्वीकारनी होगी कि इसके लिए उतने प्रयास नहीं किए जा रहे हैं, जितने जरूरी हैं। आज जरूरत है कि एक समावेश प्रयास की, जिसमें शैक्षणिक, वैल्यूज, लाइफस्टाइल और डिवेलपमेंट की अवधारणा को बदलने पर काम किया जाए।

लालच नहीं जरूरतें पूरी करने का दिया मंत्र
प्रकृति का सम्मान और प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण हमारी परंपरा और वर्तमान नीति का हिस्सा रहा है। लालच नहीं जरूरतें पूरी करना हमारा सिद्धांत रहा है। इसलिए भारत आज इस विषय पर सिर्फ बात करने नहीं बल्कि व्यवहारिक सोच और रोडमैप के साथ आया है। हम भारत में फ्यूल में नॉन फॉसिल फ्यूल की हिस्सेदारी बढ़ा रहे हैं। 2022 तक नवीकरणीय ऊर्जा को हम 170 गीगाबाइट तक ले जा रहे हैं। इसके अलावा पेट्रोल डीजल में बायोफ्यूल की मिक्सिंग और परिवहन में इलेक्ट्रिक वीइकल्स को बढ़ाने पर ध्यान दिया है।

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