'मैं समंदर हूं, लौट कर वापस आऊंगा'

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मुंबई
महाराष्ट्र विधानसभा में रविवार को विश्वास मत पर चर्चा के दौरान विपक्ष के नेता देवेंद्र फडणवीस ने एक शायराना अंदाज में विपक्ष पर तंज कसा। सरकार बनाने वाले तीनों दलों शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस के विधायकों को अध्यक्ष के माध्यम से संबोधित करते हुए फडणवीस ने एक शेर की लाइन पढ़ीं। इस शेर में फडणवीस ने कहा कि मैं समंदर हूं, लौट कर वापस आऊंगा। बता दें कि हाल ही में देवेंद्र फडणवीस की पत्नी अमृता ने भी विधानसभा चुनाव के बाद अपने एक ट्वीट में ऐसी ही लाइन्स लिखी थी। रविवार को प्रदेश विधानसभा में अपने संबोधन के दौरान फडणवीस ने सत्तापक्ष को संबोधित करते हुए कहा कि मेरा पानी उतरता देख, मेरे किनारे पर घर मत बसा लेना... मैं समंदर हूं, लौट कर वापस आऊंगा। फडणवीस के इस लाइन को पढऩे के बाद बीजेपी के सदस्यों ने अपनी मेज थपथपाकर उनका संबोधन किया। इस दौरान सत्तापक्ष के कई विधायक भी हंसते दिखाई दिए। बता दें कि महाराष्ट्र विधानसभा के विशेष सत्र के दौरान ही हाल ही में फडणवीस प्रदेश के नेता प्रतिपक्ष बने हैं। 

मैंने कभी नहीं कहा था की 'लौटकर आऊंगा' : उद्धव
वहीं सदन में रविवार को अपने संबोधन के दौरान महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री बनने के बाद शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने पूर्व सीएम देवेंद्र फडणवीस के प्रति नरम रुख के संकेत दिए। उन्होंने फडणवीस पर तंज कसते हुए यह भी कहा कि मैंने कभी नहीं कहा था कि 'लौटकर आऊंगा' लेकिन मैं यहां इस सदन में आया। उद्धव ने यह भी कहा कि उन्होंने देवेंद्र फडणवीस से बहुत कुछ सीखा है। इसी वजह से उनसे दोस्ती हमेशा बरकरार रहेगी। इसी के साथ उद्धव ने यह भी कहा कि मैं अभी भी हिंदुत्व की विचारधारा के साथ हूं और मैंने पिछले पांच वर्षों में कभी सरकार को धोखा नहीं दिया है।

पूर्व मंत्री पंकजा मुंडे ने दिखाएं बगावती तेवर
महाराष्ट्र की राजनीति में चली लंबी खींचतान के बाद अब प्रदेश भाजपा में बगावत की सुगबुगाहट सामने आ रही है। पार्टी नेता पंकजा मुंडे ने फेसबुक पर एक पोस्ट साझा किया है, जिसमें उन्होंने शक्ति प्रदर्शन के संकेत दिए हैं। पोस्ट में उन्होंने जानकारी दी है कि उन्होंने अपने पिता गोपीनाथ मुंडे की बरसी पर 12 दिसंबर को अपने समर्थकों की बैठक बुलाई है। साथ ही मुंडे ने कहा है कि वे 8-10 दिन में बड़ा फैसला लेंगी। दरअसल महाराष्ट्र में भारतीय जनता पार्टी की सत्ता जाते ही देवेंद्र फडणवीस के खिलाफ आवाज बुलंद होती दिखाई दे रही है। पंकजा मुंडे ने पोस्ट में लिखा कि बदलते सियासी माहौल में ताकत को पहचानने की जरूरत है। हमारी मजबूती क्या है, इस पर ध्यान देना जरूरी है। पंकजा मुंडे ने कहा कि मुझे बहुत कुछ बोलना है। मुझे उम्मीद है कि मेरे 'जवान' रैली में जरूर पहुंचेंगे। बता दें कि महाराष्ट्र में पूर्व मंत्री रह चुकी पंकजा मुंडे अपने गढ़ परली से चुनाव हार गई थीं। पंकजा को उनके चचेरे भाई धनंजय मुंडे से मात मिली। धनंजय मुंडे फिलहाल उद्धव सरकार के साथ हैं।

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