दिल्ली सरकार ने एक दोषी की दया याचिका खारिज करने की सिफारिश की

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नई दिल्ली
दिल्ली सरकार ने 2012 के हुए निर्भया बलात्कार एवं हत्या मामले में एक दोषी की दया याचिका खारिज करने की 'पुरजोर सिफारिश' की है। यह जानकारी सूत्रों ने रविवार को दी। सूत्रों ने बताया कि दिल्ली के गृह मंत्री सत्येन्द्र जैन ने इस मामले में अरविंद केजरीवाल सरकार की सिफारिश के साथ फाइल को उपराज्यपाल अनिल बैजल के पास भेज दिया है। इससे पहले दिल्ली की एक कोर्ट ने इस मामले में दोषी करार दिए गए चार लोगों से उनकी दया और पुनरीक्षण याचिकाओं की स्थिति के बारे में बताने के लिए कहा था। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सतीश अरोड़ा ने तिहाड़ जेल के अधिकारियों को निर्देश दिया कि 13 दिसम्बर को चारों दोषियों को पेश करें ताकि वे कोर्ट को अपनी याचिकाओं की स्थिति से अवगत करा सकें। बता दें, कोर्ट निर्भया के अभिभावकों की याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिन्होंने दोषियों को जल्द फांसी देने के लिए जेल अधिकारियों को निर्देश देने की मांग की है। निर्भया के माता-पिता ने पिछले साल दिसम्बर में मामले के चारों दोषियों को फांसी पर चढ़ाने की प्रक्रिया तेज करने के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया था।

निर्भया के लिए राज्यों का कोष: लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान निर्भया कोष के आवंटन के संबंध में सरकार द्वारा दिए गए आंकड़ों के अनुसार, आवंटित धनराशि में से 11 राज्यों ने एक रुपया भी खर्च नहीं किया। इन राज्यों में महाराष्ट्र, मणिपुर, मेघालय, सिक्किम, त्रिपुरा के अलावा दमन और दीव शामिल हैं। दिल्ली ने 390.90 करोड़ रुपये में सिर्फ 19.41 करोड़ रुपये खर्च किये। उत्तर प्रदेश ने निर्भया फंड के तहत आवंटित 119 करोड़ रुपये में से सिर्फ 3.93 करोड़ रुपये खर्च किए। कर्नाटक ने 191.72 करोड़ रुपये में से 13.62 करोड़ रुपये, तेलंगाना ने 103 करोड़ रुपये में से केवल 4.19 करोड़ रुपये खर्च किए। आंध्र प्रदेश ने 20.85 करोड़ में से केवल 8.14 करोड़ रुपये, बिहार ने 22.58 करोड़ रुपये में से मात्र 7.02 करोड़ रुपये खर्च किये। गौरतबल है कि 16 दिसम्बर, 2012 को एक छात्रा के साथ दिल्ली में एक चलती बस में गैंगरेप हुआ था। जिसके बाद 29 दिसम्बर को सिंगापुर के माउंट एलिजाबेथ अस्पताल में इलाज के दौरान पीडि़ता की मौत हो गई थी। 

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