सरकार ने पॉक्सो कानून में बदलाव को मंजूरी दी

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नई दिल्ली
केंद्रीय कैबिनेट ने यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण विधेयक 2012 के संशोधन में जेंडर न्यूट्रल और सख्त सजा के प्रावधानों को मंजूरी दे दी है। इसके अलावा जुर्माना चाइल्ड पोर्नोग्राफी के मामलों में भी सख्त कार्रवाई के साथ सजा के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी है। इस विधेयक को इस साल के शुरू में दोनों सदनों में पेश किया गया था लेकिन इन्हें पारित नहीं किया गया था। विधेयक में विकल्प प्रदान करने के लिए अधिनियम की धारा 4,5,6 और 9 में संशोधन की मांग की गई थी। इस पर कैबिनेट ने बुधवार को मासूमों से दुष्कर्म और प्रयास को कड़ी सजा और मृत्युदंड की परिधि में लाया गया है। इससे बच्चों के साथ होने वाले यौन उत्पीडऩ पर सजा के वर्तमान प्रावधानों को कठोर कर दिया गया है। अब इस प्रस्ताव के पास होने के बाद 18 साल से कम उम्र के बच्चे वह चाहे किसी भी लिंग के हो यदि उनके विरुद्ध अपराध होता है तो मृत्युदंड का प्रावधान है। साथ ही अन्य मामलों में भी कड़ी सजा की सिफारिश की गई है। ताकि समाज के समाने कानून का डर बने और बच्चों के प्रति अपराधों में कमी आए। अब इस बिल को इन संशोधनों के साथ दोनों सदनों के पटल पर लाया जाएगा। ताकि इसे पास कराके कड़े कानूनों के तुरंत प्रभाव से लागू कराया जा सके। 

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