मसूद का मुद्दा : चीन के विरोध पर मोदी चुप हैं, विदेश नीति ट्विटर से नहीं चलती

img

नई दिल्ली
चीन ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएचसी) में बुधवार देर रात जैश-ए-मोहम्मद सरगना मसूद अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित करने से फिर एक बार बचा लिया। इस पर राहुल गांधी ने ट्वीट किया कि मोदी कमजोर हैं और वह चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से डरते हैं। जब चीन ने भारत का विरोध किया तो मोदी के मुंह से एक शब्द भी नहीं निकला। इस पर भाजपा ने जवाब दिया कि विदेश नीति ट्विटर से नहीं चलती। 10 साल में यह चौथी बार है जब चीन ने मसूद के मुद्दे पर  अपने वीटो पावर का इस्तेमाल किया। राहुल ने ट्वीट में मोदी की चीन को लेकर कूटनीति भी समझाई। उन्होंने कहा- मोदी ने शी को गुजरात में घुमाया, दिल्ली में उन्हें गले लगाया और चीन में उनके आगे झुक गए। केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा, राहुलजी, भारत को जब पीड़ा होती है तो आपको खुशी क्यों होती है? आपकी और हमारी राजनीति में अंतर होगा, विरोध होगा, लेकिन क्या एक आतंकी के बचाए जाने पर भी आप ऐसा बर्ताव कर रहे हैं? आजकल आपको पाक मीडिया में खुद को देखकर काफी खुशी हो रही होगी। जब राग दरबारी में एक सुर लगता है तो सभी वही सुर गाते हैं। रविशंकर ने कहा- 2009 में यूपीए सरकार के समय में चीन ने वही टेक्नीकल ऑब्जेक्शन लगाया था, उस समय क्या आपने कोई ट्वीट या कमेंट किया था? राहुल आपके तो चीन से अच्छे संबंध हैं, डोकलाम के वक्त आप भारत सरकार की अनुमति के बिना चीन के दूतावास गए थे। जब आप मानसरोवर गए थे तो आपने कहा कि चीन के कई मंत्रियों के साथ संपर्क में हैं। अगर आपके चीन से इतने अच्छे संबंध हैं तो मसूद अजहर को आतंकी घोषित करवा देते? हमें कोई दिक्कत नहीं होगी अगर भारत की आतंक के खिलाफ लड़ाई में चीन से सहयोग मांग लेते। राहुल ट्विटर से देश की विदेश नीति नहीं चलती। रविशंकर ने कहा- राहुल गांधीजी आपको कुछ बताना है। आप लिखते-पढ़ते कम हैं। कांग्रेस ने 55 साल देश में राज किया है तो हमें उम्मीद थी कि विदेश नीति पर आपको सही सलाह दी जाएगी। द हिंदू अखबार के 9 जनवरी 2004 के लेख के मुताबिक- जवाहरलाल नेहरू ने यूएन सुरक्षा परिषद में 1953 में भारत को मिलने वाली सीट चीन को दे दी थी। अपनी किताब इन्वेंशन ऑफ इंडिया में शशि थरूर ने लिखा कि तत्कालीन भारतीय विदेश विभाग के अधिकारी जिन्होंने फाइल देखी, वे कसम खाते हैं कि नेहरू ने खुद यूएन की सीट चीन को दी।

whatsapp mail