कांग्रेस अध्यक्ष के लिए प्रियंका गांधी ही सबसे काबिल उम्मीदवार : शशि थरूर

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नई दिल्ली
कांग्रेस अध्यक्ष पद से राहुल गांधी के इस्तीफे के बाद पार्टी को अब तक नेता नहीं मिला है। पिछले एक महीने में कई बार राहुल गांधी को मनाने की कोशिश हुई। साथ ही प्रियंका गांधी का नाम भी लिया गया। अब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर ने खुलकर कहा कि प्रियंका गांधी में नैसर्गिक करिश्मा है। कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए वह सबसे काबिल उम्मीदवार हैं। केरल के तिरुवनंतपुरम से सांसद ने कहा कि राहुल गांधी के इस्तीफे देने बाद से नेतृत्व को लेकर स्पष्टता के अभाव का कांग्रेस पर घातक प्रभाव पड़ रहा है। अब पार्टी जिस मोड़ पर आकर खड़ी है, वहां अध्यक्ष पद के लिए युवा चेहरा ही सबसे उपयुक्त होगा। कांग्रेस नेता ने कहा कि प्रियंका में नैसर्गिक करिश्मा है। यही वजह है कि ज्यादातर लोग उनकी तुलना इंदिरा गांधी से करते रहे हैं। अगर पार्टी की कमान वो संभालती हैं तो वोटर और कार्यकर्ता प्रेरित होंगे। शशि थरूर ने कहा उम्मीद है जब भी कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) की बैठक होगी, प्रियंका गांधी वाड्रा अध्यक्ष पद के लिए अपना नाम आगे बढ़ाएंगी। हालांकि चुनाव लडऩे का फैसला उन्हें खुद लेना होगा। दरअसल, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी को अध्यक्ष बनाने की मांग पहले भी उठी थी। लेकिन, राहुल गांधी के मना करने पर पार्टी के किसी भी सदस्य ने खुले तौर पर प्रियंका गांधी का नाम आगे नहीं बढ़ाया। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर ने रविवार को कहा कि राहुल गांधी के इस्तीफे के बाद नेतृत्व को लेकर स्पष्टता की कमी पार्टी को नुकसान पहुंचा रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस में सुधार का रास्ता यही हो सकता है कि कार्यसमिति सहित पार्टी में सभी महत्वपूर्ण पदों के लिए चुनाव हों, जिससे इनमें चुने जाने वाले नेताओं को स्वीकार्यकता हासिल करने में मदद मिलेगी। उन्होंने पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह के इस आकलन का भी समर्थन किया कि इस समय कांग्रेस की कमान किसी युवा नेता को सौंपी जानी चाहिए। थरूर ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि पार्टी अध्यक्ष पद का चुनाव होने पर महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा इसमें अपनी किस्मत आजमाने को लेकर फैसला करेंगी। लेकिन साथ ही उन्होंने कहा कि यह गांधी परिवार का फैसला होगा कि प्रियंका इस पद के लिए चुनाव लड़ेंगी या नहीं। एक साक्षात्कार में थरूर ने पार्टी की मौजूदा स्थिति पर असंतोष जताया और कहा कि कांग्रेस जिन हालात से गुजर रही है उसका अभी कोई स्पष्ट जवाब नहीं है। तिरुवनंतपुरम से कांग्रेस सांसद ने कहा, यह बिल्कुल सही बात है कि पार्टी के शीर्ष पद पर स्पष्टता की कमी संभवत: कांग्रेस कार्यकर्ताओं और समर्थकों को नुकसान पहुंचा रही है, इनमें से ज्यादातर पार्टी नेता की कमी महसूस करते हैं जो अहम फैसलों को देखे, कमान संभाले और यहां तक कि पार्टी में नई जान फूंके और उसे आगे ले जाए। थरूर ने उम्मीद जतायी कि कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी)मौजूदा स्थिति को बहुत गंभीरता से ले रही है और वह बिना किसी देरी के समाधान खोजने के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास कर रही है। पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा, कांग्रेस में सुधार का एक रास्ता यह हो सकता है कि सीडब्ल्यूसी पार्टी के लिए एक अंतरिम कार्यकारी अध्यक्ष का नाम बताए और फिर इसे भंग कर दें। इसके बाद सीडब्ल्यूसी समेत पार्टी के भीतर मुख्य नेतृत्व पदों पर ताजा चुनाव हों। उन्होंने कहा, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) और प्रदेश कांग्रेस कमेटियों (पीसीसी) से लिए गए नेताओं को यह तय करने का अधिकार दिया जाए कि इन अहम पदों में से कौन पार्टी का नेतृत्व करेगा। इससे आने वाले नेताओं को स्वीकार्यता मिल सकेगी और उन्हें पार्टी का नेतृत्व करने का विश्वसनीय जनादेश मिलेगा। थरूर ने पार्टी अध्यक्ष पद पर चुनाव कराने के लिए ब्रिटेन की कंजर्वेटिव पार्टी की शैली अपनाने का सुझाव दिया जिससे पार्टी में राष्ट्रीय दिलचस्पी बढ़ सकती है तथा वह एक बार फिर और ज्यादा मतदाताओं को अपनी ओर प्रेरित कर सकती है।

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