आज है अमृत सिद्धि योग, नये काम में निवेश, गाड़ी द सोना-चांदी खरीदना लाभदायक

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जयपुर 
आज अमृत सिद्धि योग और सर्वार्थ सिद्धि योग सुबह 6:30 से दिन के 12:30 बजे तक और राजयोग 12:30 बजे से प्रारंभ होगा। सर्वार्थ सिद्धि योग मे किया गया प्रत्येक कार्य सिद्धि और सफल होता है और व्यक्ति को अधिक परेशानियां नहीं उठानी पड़ती है। ज्योतिषाचार्यों के योगों मे इस योग को अत्यंत शुभ माना गया है किसी भी मांगलिक कार्य के लिए कोई शुभ मुहुर्त नहीं मिलने पर इस योग में वो कार्य करना शुभ रहेगा। विवाह संबधो की पहल, भूमि खरीदना, नवीन व्यापार प्रारंभ करना, नया निवेश, नवीन वाहन खरीदना, खरीदी बिक्री के कार्य प्रारंभ करना, भूमि, गहने, सोना-चांदी, कपड़े, बर्तन खरीदना शुभ व लाभदायक माना जाता है। 


ज्योतिषाचार्य पंडित बंशीलाल जी के अनुसार आज से दीपावली तक कई सारे शुभ मुहुर्त व योग बन रहे है जिसमें खरीद हुई वस्तु लंबे समय तक साथ देती है या जो कार्य प्रारंभ किया जाए वह लाभदायक होता है। उन्होंने बताया कि हमारे देश में दीपावली पूर्व नवीन वस्त्र, वाहन , बर्तन , सोना चांदी, बही खाते खरीदने की प्राचीन परंपरा रही है। दीपावली के पूर्व नवीन सामान खरीदना शुभ, सौभाग्य कारक और लक्ष्मी कारक माना गया है। धनतेरस को खरीददारी के लिए बेहद शुभ माना जाता है। धनतेरस से पहलें भी इस बार खरीददारी के लिए कई शुभ मुहुर्त बन रहे हैं। 16 अक्टूबर को राजयोग और सर्वार्थ सिद्धि योग बन रहे हंै राजयोग मे किए कार्यो मे सफ़लता मिलती है। यह सभी प्रकार की खरीददारी के लिए शुभ मुहुर्त है।

17 अक्टूबर को करवा चौथ है इसको सौभाग्य का दिन माना जाता है इस दिन महिलाएं अपने पति की दीर्घायु और सौभाग्य की कामना के लिए निराहार व्रत करती है। पति उनको उपहार देते हैं। सौभाग्य के समान आदि खरीदने के लिए दोपहर बाद 4:30 से सायं 5:56 तक शुभ मुहूर्त है। 18 अक्टूबर को रोहिणी नक्षत्र और कुमार योग प्रात: 7:29 से सायं 4:59 तक रहेगा। इस मुहुर्त में हीरा, सोना आदि खरीदने के लिए शुभ रहेगा।19 अक्टूबर को रवियोग सायं 5:40 से प्रारंभ होगा। रवियोग क़ो सूर्य का अभीष्ट प्राप्त होने के काऱण प्रभावशाली योग माना जाता है। सूर्य की पवित्र उर्जा से भरपूर होने से इस योग मे किया गया कार्य अनिष्ट की आंशका क़ो नष्ट करके शुभ फ़ल वरदान देता है। इलेक्ट्रॉनिक सामान, नूतन वाहन आदि खरीदने के लिए शुभ मुहुर्त है। ज्योतिषाचार्य पंडित बंशी लाल के अनुसार 20 अक्टूबर को रवियोग और त्रिपुष्कर योग सांय 5:52 से प्रारंभ होगे त्रिपुष्कर योग अपने नाम के अनुरूप तीन गुना फलदायक है। इस योग मे पूंजी निवेश, पूंजी विनियोजन, धन की बचत, बैंक खोलना या बैंक से सम्बन्धित कार्य करना शुभ रहेगा। 21 अक्टूबर को सोमवार और सांय 4:39 से पूख्य नक्षत्र आने से सर्वार्थ सिद्धि योग और सोम पुष्य योग बनेगा। पुष्य का अर्थ पोषण करना, इसे ज्योतिष में अमरेज्य कहा जाता है। पुष्य को नक्षत्रों का राजा माना जाता है। पुष्य नक्षत्र को मंगलकर्ता भी कहा गया है। यह सम्रद्धिदायक शुभफ़ल दायक है। सोम पुष्य में शिल्प कला, पढ़ाई, वाहन खरीदना, चांदी पीतल के बर्तन खरीदना कपड़े खरीदना शुभ रहेगा। 22 अक्टूबर को पुष्य नक्षत्र सुबह से ही रहेगा और सर्वार्थ सिद्धि योग सांय 4:39 से रहेगा। इस दिन इलेक्ट्रॉनिक सामान, नवीन वाहन खरीदना, भूमि भवन आदि खरीदना अत्यन्त शुभ रहेगा।

 

25 अक्टूबर को धनतेरस पर अद्भुत सर्वार्थ सिद्धि योग व राजयोग बन रहे हैं। धनतेरस वैसे भी स्वयं सिद्ध अभूझ मुहुर्त है औऱ साथ मे इतने सुंदर योग मिलने से इसकी महता और बढ़ जाती है । नवीन वाहन, भूमि भवन खरीद, रजिस्ट्री, सोना चांदी, बर्तन, कपड़े, इलेक्ट्रॉनिक सामान आदि खरीदने के लिए बहुत शुभ मुहुर्त है। अत: दीपवाली तक कई सारे शुभ मुहुर्त है।

 

अमृत सिद्धि योग वार और नक्षत्र के तालमेल से बनता है
 शुभ चौघडिय़ा -             शुभ सुबह 9:20 से 10:46
 चर -                13:39 से दोपहर 03:06
 लाभ-             03:06 से 04:32
अमृत-             4:32 से 5:59
 अति शुभ दायक अभिजित मुहुर्त-     11:50 से 12:36

वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार अमृत सिद्धि योग को अत्यंत शुभ योग माना गया है। यह योग नक्षत्र एवं वार के संयोग से बनता है। ऐसा कहा जाता है कि इस योग में किए गए सभी कार्य पूर्ण रूप से सफल होते हैं, इसलिए समस्त मांगलिक कार्य के शुभ मुहूर्त के लिए इस योग को प्राथमिकता दी जाती है। इस योग में किसी नए कार्य को प्रारंभ करना भी शुभ माना जाता है। जैसे- व्यापार संबंधी समझौता, नौकरी के लिए आवेदन, ज़मीन, वाहन, एवं स्वर्ण की खऱीदारी, विदेशगमन आदि।

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