एक शिक्षिका के भरोसे 83 शिष्य, कैसे संवरेगा भविष्य

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अलवर
किशनगढ़बास  क्षेत्र में ऐसे कई स्कूल हैं, जहां शिक्षा व्यवस्था चौंकाने वाली है। यहां कि शिक्षा व्यवस्था पर नजर डाली जाए तो अनेक सरकारी स्कूल ऐसे हैं, जहां शिक्षकों का ही टोटा बना हुआ है। प्राथमिक शाला जहां छात्र की भविष्य की नींव रखी जाती है वहां पढ़ाने के लिए सिर्फ एक ही शिक्षक है। ऐसे में सवाल यह उठता है कि एक ही शिक्षक एक समय पर पहली से लेकर पांचवी कक्षा तक के बच्चों को एक साथ शिक्षा कैसे दे सकता है। 

 


ऐसे में यह स्थिति प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था की पोल खोलने के लिए काफी है। खैरथल के वार्ड 17 स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय खिरगची में शिक्षण व्यवस्था केवल एक शिक्षिका के भरोसे चल रही है। इस कारण 83 विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। जिसको लेकर राजकीय प्राथमिक विद्यालय खिरगची प्रधानाध्यापक ने सीबीईईओ किशनगढ़बास के नाम एक पत्र लिखकर अवगत कराया है कि राजकीय प्राथमिक विद्यालय खिरगची में एक से पांच तक का स्कूल है। जिसमें विद्यार्थियों का वर्तमान नामांकन 83 है तथा कार्य अध्यापिका एक है, साथ ही स्कूल के पास से गुजरने वाले मुख्य मार्ग पर वाहनों की आवाजाही निरंतर बनी रहती है।

 

जिस पर प्रतिदिन हादसा होने का अंदेशा बना रहता है, क्योंकि स्कूल की चारदीवारी नहीं है, जिसको लेकर उन्होंने बताया कि एक अध्यापिका होने के कारण सप्ताह में चार दिन ही पूरे समय स्कूल लगता है, 3 दिन अध्यापिका को किसी न किसी कार्य की वजह से बाहर जाना पड़ता है। ऐसी स्थिति में इस विद्यालय में दूसरे अध्यापक का होना जरूरी है। इस समस्या को लेकर पूर्व सीबीईईओ एवं उपखंड अधिकारी को भी अवगत कराया जा चुका है, लेकिन विद्यालय में आज तक समस्या जस की तस बनी हुई है। उन्होंने समस्या का जल्द निस्तारण कराने की मांग की है।