टिकट नहीं मिलने पर क्या पत्नी गोलमा को निर्दलीय उतारेंगे डॉ किरोड़ी?

img

दौसा
लोकसभा चुनाव 2019 के तहत अब सभी 25 सीटों पर तस्वीर साफ़ हो गई है। भाजपा ने रविवार को एकमात्र दौसा सीट पर भी प्रत्याशी की घोषणा कर दावेदारों के बीच चल रही खींचतान को ख़त्म कर दिया। लेकिन अब सभी की नजऱ राज्यसभा सांसद डॉ किरोड़ी लाल मीणा के अगले कदम को लेकर है। अब सस्पेंस इस बात को लेकर बन गया है कि क्या किरोड़ी लाल मीणा पत्नी गोलमा देवी  को बतौर निर्दलीय प्रत्याशी चुनाव मैदान में उतारते हैं या नहीं। गौरतलब है कि दौसा सीट पर किरोड़ी और उनके विरोधी विधायक ओम प्रकाश हुड़ला के बीच खींचतान चल रही थी। इस खींचतान के बीच भाजपा नेतृत्व ने पूर्व केंद्रीय मंत्री जसकौर मीणा को टिकिट देकर इस गतिरोध को ख़त्म कर दिया। दरअसल, दौसा सीट पर चली खींचतान के दौरान ही डॉ मीणा ने इस बात के संकेत दे दिए थे कि यदि उनकी पत्नी को दौसा सीट से बीजेपी टिकट नहीं देती है तो वो निर्दलीय चुनाव मैदान में उतरने का भी फैसला कर सकते हैं। डॉ किरोड़ी के इस रुख को देखते हुए पार्टी में अंदरखाने भी चर्चाओं का बाज़ार गर्म हो चला था। वहीं सोशल मीडिया पर भी किरोड़ी की पत्नी के निर्दलीय चुनाव लडऩे की बातें वायरल होने लगी थी। दौसा सीट पर पूर्व केंद्रीय मंत्री जसकौर मीणा को लोकसभा चुनाव का टिकट दिए जाने के बाद ये तो साफ़ हो गया कि अब डॉ किरोड़ी लाल मीणा की पत्नी गोलमा देवी भाजपा के टिकट पर प्रत्याशी नहीं रहेंगी। जहां तक चर्चाएं उनके निर्दलीय लडऩे की है तो इस बात पर संभावना बेहद काम ही दिखाई दे रही हैं।डॉ मीणा का हालांकि इस बारे में अभी आधिकारिक बयान आना बाकी है, लेकिन उनके नज़दीकी सूत्रों और राजनीतिक विश्लेषकों की माने तो किरोड़ी की बीजेपी से बगावत करने की संभावना बिलकुल कम ही है। गौरतलब है कि दौसा सीट पर बने गतिरोध के बीच भाजपा का शीर्ष नेतृत्व लगातार डॉ मीणा से संपर्क में रहा है। राजस्थान में लोकसभा चुनाव प्रभारी केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने भी किरोड़ी को मनाने के लिए उनसे मुलाक़ात कर वन टू वन बातचीत की थी। यही नहीं विवाद ने इतना तूल पकड़ लिया था कि मामला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह तक के संज्ञान में पहुंच गया था।