अपने बच्चों को कुपोषण मुक्त रखने के लिए अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन ठीक से करें : नेहा गिरि

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धौलपुर
जिलें में टाटा ट्रस्ट द्वारा आओ सुनिश्चित कार्यक्रम के तहत ग्राम पंचायत कनासील के गांव परऊआ में आंगनबाड़ी केन्द्र का जिला कलक्टर नेहा गिरि एवं जिला प्रमुख धर्मपाल सिंह ने उद्घाटन किया। जिला कलक्टर ने अपने सम्बोधन में कहा कि समाज के तीन अभिन्न अंग है, सरकार, जनप्रतिनिधि एवं स्वयं सेवी संस्थाऐं। यह तीनों अंग मिलकर कार्य करें तो समाज को बदल सकते है। आंगनबाड़ी केन्द्रों में 100 प्रतिशत बच्चें जुड़े, इस पर हम सभी को कार्य करने की जरूरत है। हमारी सबकी यह जिम्मेदारी बनती है कि सरकार द्वारा जो राशि खर्च कि जाती है उसका सद्पयोग करें। बच्चों की सेहत को स्वस्थ्य रखने के लिए उनको अच्छी तालीम दिया जाना आवश्यक है। हर अभिभावक की यह जिम्मेदारी है कि अपने बच्चों को कुपोषण मुक्त रखने के लिए अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन ठीक से करें। देश के सर्वोच्च पद से लेकर वार्ड पंच के पदों पर महिलाऐं रह चुकी है। बच्चियों के मन में यह सपना होना चाहिए कि हम किसी ने भी किसी का भविष्य नहीं देखा है इसलिए अपना लक्ष्य रखते हुए गांव की तरक्की व अपना नाम रोशन करने के लिए कड़ी मेहनत करते हुए आगे बढ़कर अपने लक्ष्य को प्राप्त करना चाहिए। बच्चों को अपने भविष्य को संवारने के लिए मोबाईल से दूर रहना होगा। देश-दुनिया की जानकारी रखने के लिए सभी को अखबार पढऩे की आदत डालनी होगी। हमे अपनी मानसिकता व विचारधारा बदलनी होगी। उन्होंने कहा कि सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को सरकार की सभी योजनाओं की जानकारी होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक बच्चे को अपने माता-पिता व गुरूजनों का सम्मान करना आवश्यक है। जिला प्रमुख ने अपने सम्बोधन में कहा कि टाटा ट्रस्ट द्वारा आंगनबाड़ी केन्द्रों को विकसित किया जा रहा है। अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने कहा कि अपने बेटो एवं बेटियों में भेद नहीं समझे, अच्छी से अच्छी शिक्षा दिलाएं, अच्छा पोषण एवं शिक्षा से अपने जीवन स्तर में सुधार ला सकेगें। स्कूलो एवं आंगनबाड़ी केन्द्रों को स्वच्छ रखें। टाटा ट्रस्ट द्वारा आंगनबाड़ी केन्द्रों के किए जा रहे नवीनीकरण में सहयोग करें।
टाटा ट्रस्ट के उपाध्यक्ष मधुसूदन राव ने टाटा ट्रस्ट की रूपरेखा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जिले में 40 आंगनबाड़ी केन्द्रों का नवीनीकरण कार्य कर बच्चों के शैक्षणिक स्तर में सुधार के लिए आंगनबाड़ी के कार्यों को सुगम बनाया गया है। आंगनबाड़ी केन्द्रों में शिशु टेबल, वाटर प्यूरिफायर, दरी व शालापूर्व शिक्षा देने के लिए चार्ट व पोस्टर दिये गये। इस अवसर पर तहसीलदार सैपऊ भरत लाल कटारा, विकास अधिकारी रामबोल सिंह, सूचना एवं जन सम्पर्क अधिकारी राजकुमार मीना, सुधांशु सक्सैना, टाटा ट्रस्ट के डॉ. ईशा प्रसाद भागवत, डॉ. शैली, कुमार हर्ष, अनुष्का, अर्पिता, राहुल बंशीवाल, मोहित कुमार, श्रीकांत सेनापति, रवीन्द्र कुशवाह और पर्वत सिंह राठौड़ उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि जिले में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका एवं सहयोगिनी के सभी रिक्त पद भर दिए जाएगें एवं नए आंगनबाड़ी केन्द्र खोलने के लिए नए प्रस्ताव भिजवाना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि सरपंच प्रत्येक आंगनबाड़ी केन्द्र की माह में तीन बार एवं वार्ड पंच भी अपनी आंगनबाड़ी केन्द्र का अवलोकन करें।