11 माह बाद भी मंत्रियों की संपत्ति अब तक सार्वजनिक नहीं 

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जयपुर
प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बने 11 माह का वक्त बीत चुका है लेकिन अभी किसी भी मंत्री की संपत्ति सार्वजनिक नहीं हुई है। मंत्रियों की संपत्ति सामान्य प्रशासन विभाग यानी जीएडी की वेबसाइट पर सार्वजनिक की जानी थी, लेकिन अब तक इस दिशा में कुछ नहीं किया गया।  केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा सभी मुख्यमंत्रियों, मंत्रियों के लिए आचार संहिता तय की हुई है, उस आचार संहिता के मुताबिक नए मंत्रियों को शपथ लेने के छह माह के भीतर अपनी संपत्ति का ब्यौरा सार्वजनिक करना जरूरी है, उसके बाद हर साल संपत्ति सार्वजनिक करनी होती है।

 

फिलहाल राजस्थान सरकार के एक भी मंत्री ने जीएडी की वेबसाइट पर संपत्ति सार्वजनिक नहीं की है। जीएडी की वेबसाइट पर पूर्व मंत्रियो ंकी संपत्ति का तो लिंक मौजूद है लेकिन मौजूदा मंत्रियों की संपत्त् िके ब्यौरे का हायपर लिंक तक मौजूद नहीं है।  कई मंत्री सीएमओ और मंत्रिमंडल सचिवालय को अपनी संपत्त् िका ब्यौरा दे चुके हैं, लेकिन मंित्रमंडल सचिालय और सामान्य प्रशासन विभाग ने वेबसाइट पर उसका ब्यौरा ही नहीं दिया है। 

गहलोत के पिछले कार्यकाल में सभी मंत्रियों की संपत्ति होती थी सार्वजनिक
अशोक गहलोत के पिछले कार्यकाल के दौरान सीएम सहित संभी मंत्रियो ंकी संपत्ति हर साल जीएडी की वेबसाइट पर सार्वजनिक होती थी, बाद में भाजपा राज के दौरान पूरे 5 साल  में एक भी मंत्री की संपत्ति वेबसाइट पर सार्वजनिक नहीं की गई। अब मौजूदा मंत्रियों की संपत्ति की सूचना भी सार्वजनिक नहीं हुई है। यह हाल तब है जब सरकार ने आगे बढक़र जनता को सूचन देने के लिए जनसूचना पोर्टल लॉन्च किया है। उधर मंत्रियों की संपत्ति से जुड़ी जरूरी वैधानिक सूचना तक सार्वजनिक नहीं की जा रही है।  पादर्शिता के लिए मंत्रियसो ंकी सपंत्ति हर साल सार्वजनिक होना जरूरी है लेकिन महज सीएमओ और मंत्रिमंडल सचिवालय को सूचना भेजने का तर्क देकर पारदर्शिता से जी चुराया जा रहा है।