प्रदेश में हर्षोल्लास से मनाई ईद उल अजहा, दिनभर चला मुबारकबाद का दौर

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जयपुर
जयपुर सहित राज्यभर में ईद उल अजहा उत्साह से मनाई गई। इस मौके पर मस्जिदों में नमाज अदा की गई। नमाज के बाद लोगों ने एकदूसरे को गले मिलकर ईद की बधाई दी। उधर अजमेर में ख्वाजा साहब की दरगाह में जन्नती दरवाजा खुला रहा। इसमें प्रवेश कर जायरीनों ने दुआ मांगी। जयपुर में ईदगाह में सुबह 8.30 बजे नमाज अदा की गई। राज्यभर में नमाज अदा करने के बाद बकरों की कुर्बानी का सिलसिला शुरू हो गया।

जन्नती दरवाजे से जियारत के लिए उमड़े अकीदतमंद 
ईद उल अजहा के मुबारक मौके पर सोमवार को महान सूफी संत हजरत ख्वाजा मोइनुद्दीन हसन चिश्ती की दरगाह में जन्नती दरवाजा जियारत के लिए खोला गया। बड़ी संख्या में अकीदतमंद इस दरवाजे से जियारत के लिए आस्ताना शरीफ पहुंचे। अकीदतमंदों ने गरीब नवाज की मजार पर मखमल की चादर और अकीदत के फूल पेश कर कामयाबी की मन्नत मांगी। इससे पूर्व दरगाह में अकीदतमंद ने ईद उल अजहा की 2 रकात नमाज अदा कर मुल्क और सूबे में अमन और खुशहाली की दुआ की। परंपरा के अनुसार तड़के 4 बजे खुद्दामें ख्वाजा ने जन्नती दरवाजा खोल दिया। ईद की नमाज के बाद बड़ी संख्या में लोग इस दरवाजे से जियारत के लिए आस्ताना शरीफ पहुंचे। दरवाजे के बाहर अकीदतमंदों की भीड़ लगी थी। इधर, दरगाह परिसर में स्थित शाहजहानी मस्जिद में अकीदतमंद ने ईद की विशेष नमाज अदा की। नमाज अदा करने और जियारत के लिए कच्छ, भुज, बाड़मेर और जैसलमेर के सरहदी इलाकों से बड़ी संख्या में अकीदतमंद यहां पहुंचे। खुद्दाम ए ख्वाजा ने उन्हें जियारत कराई।

इस्लाम में बकरीद का महत्व
इस्लामिक मान्यता के अनुसार हजरत इब्राहिम अपने बेटे हजरत इस्माइल को इसी दिन अल्लाह हुक्म पर खुदा की राह में कुर्बान करने जा रहे थे। हजरत इब्राहिम को लगा कि कुर्बानी देते समय उनकी भावनाएं आड़े आ सकती हैं, इसलिए उन्होंने अपनी आंखों पर पट्टी बांध ली थी। जब कुर्बानी देने के बाद उन्होंने आंख से पट्टी हटाई तो उन्होंने अपने बेटे को जिंदा पाया जबकि अल्लाह की राह में दुम्बा कुर्बान मिला। खुदा ने इब्राहिम के नेक जज्बे को देखते हुए उनके बेटे को जीवनदान दे दिया। बकरीद का दिन फर्ज-ए-कुर्बान का दिन होता है। राजधानी जयपुर में ईद के मौके पर ट्रेफिक की विशेष व्यवस्था की गई है। दिल्ली की तरफ से आने वाले वाहनों को चंदवाजी से एक्सप्रेस हाईवे रोड नंबर 14 जयपुर की तरफ डायवर्ट किया जाएगा। अजमेर से आकर दिल्ली जाने वाले भारी वाहनों को 200 फीट बायपास से एक्सप्रेस हाईवे से सीकर व चंदवाजी होकर दिल्ली की ओर जा सकेंगे। कोटा से आकर दिल्ली जाने वाले भारी वाहन सांगानेर से पुराना बायपास, बी 2 बायपास किसान धर्मकांटा 200 फीट बायपास से एक्सप्रेस हाईवे होते हुए सीकर व दिल्ली जा सकेंगे। उधर, रामगंज चौपड़ से सूरजपोल व सुभाष चौक की तरह कोई ट्रैफिक नहीं जा सकेगा। इसी प्रकार चारदरवाजा से ईदगाह की तरह व बान्दरी का नासिक से चारदरवाजा की तरफ ट्रैफिक नहीं जा सकेगा। जौहरी बाजार में सुबह जामा मस्जिद के सामने वाहनों की पार्किंग नहीं होगी।