सीएम से गृह विभाग नहीं संभलता, तो किसी और को जिम्मेदारी दें

img

  • राजस्थान में अपराध की सारी सीमाएं लांघी जा रही है
  • राज्य के जो भी अच्छे पुलिस अधिकारी है उन्हें 6 माह तक के लिए पूरा अधिकार दें सरकार

जयपुर
मंगलवार को राजस्थान विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता गुलाब चंद कटारिया ने राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि राजस्थान में अपराध लगातार बढ़ रहे हैं। बहरोड़ थाने से बदमाश विक्रम गुर्जर के फरार होने पर उन्होंने कहा कि यह सुनियोजित मामला था और पुलिस बदमाश को भगाने तक मिली हुई थी। उन्होंने कहा कि राजस्थान में अपराध की सारी सीमाएं लांघी जा रही है। कानून व्यवस्था की लगातार धज्जियां उड़ रही हैं। आज सिस्टम और अच्छे साधन होने का बाद भी सरकार के कानून व्यवस्था के लिए गंभीर नहीं है। जिसके कारण प्रदेश में अपराध बढ़ रहे हैं। इसके साथ उन्होंने कहा कि बहरोड़ थाने की घटना शर्मनाक है। यह पूरी तरह सुनियोजित मामला था जिसमें पुलिस भी मिली हुई थी। बदमाशों ने फायरिंग की जिसके विरोध में पुलिस एक-आध गोली तो चलाती, लेकिन थानाधिकारी कहते हैं कि उनकी पिस्तौल में गोली नहीं चल सकी। ये 
शर्मनाक है। कटारिया ने बहरोड़ घटना में दो हैड कांस्टेबल को बर्खास्त करने को सही निर्णय बताया। उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए इस तरह के सख्त कदम उठाये जाने जरूरी है। उन्होंने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर निशाना साधते हुए कहा कि वे गृह विभाग भी देख रहे हैं। उनको पुलिस की गिरती साख को बचाने और पुलिस का मनोबल बढ़ाने की जरूरत है।
राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से आग्रह करता हूं कि राज्य के जो भी अच्छे पुलिस अधिकारी है उन्हें 6 माह तक के लिए पूरा अधिकार दें, अधिकारों में कोई राजनीति ना हो। ऐसे में जरुर प्रदेश में प्रशासनिक स्तर पर सुधार होगा। उन्होंने कहा कि गहलोत सरकार आने के सात माह के भीतर प्रदेश में 45 से अधिक बच्चियों के साथ दुष्कर्म की घटनायें घटित हुई। प्रदेश में इस तरह की वारदात थम नहीं रही है।