अब जयपुर, कोटा और जोधपुर में होंगे दो-दो महापौर

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जयपुर
कोटा और जोधपुर शहरों के लोगों के लिए बड़ी खबर है। दिल्ली-मुम्बई जैसे बड़े शहरों की तर्ज पर इन शहरों में भी अब एक के बजाए दो नगर निगम होंगे, मतलब महापौर और पूरी प्रशासनिक मशीनरी अब-अब दो दो होगी। आखिर राज्य सरकार का क्या है यह बड़ा फैसला और शहरों का कौन सा इलाका किस निगम में होगा शामिल जानने के लिए देखें ये खास रिपोर्ट-

पहले हाईब्रिड, अब दो नगर निगम
स्वायत्त शासन विभाग की ओर से 10 जून 2019 को अधिसूचना जारी कर प्रदेश के सभी निकायों में वार्डों की संख्या बढ़ाई गई थी। इसके बाद सभी निकायों में वार्डों के परिसीमन का काम भी डेढ़ महीने पहले पूरा हो चुका था। दो दिन पहले सरकार ने निकाय प्रमुखों के चुनाव में हाइब्रिड मॉडल लागू करने की अधिसूचना जारी कर दी। लेकिन सभी को चौंकाते हुए आज सरकार ने अपने एक और बड़े फैसले को लागू कर दिया।

जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरने के लिए उठाया कदम
इस फैसले की जानकारी देने के लिए बुलाई प्रेस कांफ्रेंस में स्वायत्त शासन मंत्री शांति धारीवाल ने बताया कि जयपुर,कोटा व जोधपुर में दो-दो नगर निगम होंगे। इन तीनों शहरों के नए वार्डों के परिसीमन के लिए इस अगस्त निकाली अधिसूचना को सरकार ने निरस्त कर दिया है। इन शहरों की बढ़ती जन संख्या और विकास की लोगों की अपेक्षाओं को पूरा करने के लिए सरकार ने यह कदम उठाया है। 

तीन शहरों में 6 माह में होंगे चुनाव
इन तीनों शहरों में नए नगर निगमों के गठन के बाद अब वार्डों का नए सिरे से सीमांकन किया जाएगा। इसी के चलते अब इन शहरों में निकाय चुनाव तय समय नवम्बर में नहीं होंगे। वार्डों के सीमांकन का काम आगामी दो-तीन महीने में पूरा किया जाएगा। राज्य निर्वाचन आयोग इनकी मतदाता सूची तैयार करेगा। ऐसे में आगामी छह महीनों में इन शहरों में निकाय चुनाव हो पाएंगे।वही प्रथम चरण में सरकार अब 52 में से केवल 49 निकायों के चुनाव करवाने जा रही है।

जानिए कैसा होगा शहरी सरकार का नया रुप
स्वायत्त शासन विभाग की ओर से इन तीनों शहरों के लिए तीन अलग-अलग अधिसूचनाएं भी जारी कर दी गई हैं। आपको बताते हैं कि इन शहरों में मौजूदा कौनसे वार्ड किस नगर निगम में शामिल किए गए हैं

जयपुर में इस तरह बनाए दो नगर निगम

  • जयपुर में दो नगर निगम गठित किए गए हैं,एक जयपुर हैरिटेज नगर निगम और दूसरा ग्रेटर जयपुर नगर निगम बनाया गया है
  • जयपुर हैरिटेज नगर निगम में परकोटा क्षेत्र और उससे लगते इलाकों को शामिल किया गया है
  • इस निगम में सिविल लाइन्स विधानसभा क्षेत्र के वार्ड 22 से 31,आदर्श नगर के वार्ड 61 से 70 शामिल किए गए हैं
  • इस नगर निगम में किशनपोल के वार्ड नम्बर 71 से लेकर 79 तक,हवामहल के वार्ड 80 से 90 और आमेर का वार्ड 91 भी शामिल है
  • इस प्रकार मौजूदा इन 41 वार्डों को 100 नए वार्डों में बांटा गया है
  • जयपुर ग्रेटर नगर निगम में विद्याधर नगर के वार्ड 1 से 14,झोटवाड़ा के 15 से 21,सांगानेर के वार्ड 32 से 44 तक शामिल होंगे
  • इस निगम में बगरू के वार्ड 45 से 51 व मालवीय नगर के वार्ड 52 से 60 शामिल होंगे
  • इन मौजूदा 50 वार्डों को 150 वार्डों में बांटा गया है। 

ऐसा होगा कोटा की शहरी सरकार का नया स्वरूप

  • कोटा में कोटा उत्तर नगर निगम और कोटा दक्षिण नगर निगम गठित किए गए हैं
  • कोटा उत्तर नगर निगम में कोटा उत्तर विधानसभा क्षेत्र के वार्ड 1 से 3,11 से 19 व 34 से 43 वार्ड शामिल होंगे
  • इस नगर निगम में लाडपुरा क्षेत्र के वार्ड 7 से 10,30 से 32 शामिल होंगे
  • मौजूदा 29 वार्डों को 70 वार्डों में बांटा गया है
  • कोटा दक्षिण नगर निगम में कोटा दक्षिण क्षेत्र के वार्ड 20 से 23,26 से 28,44 से 58,वार्ड 64 व 65 शामिल होंगे
  • नगर निगम में लाडपुरा के वार्ड 6,29,33,59,60 से 63 शामिल होंगे
  • इसी नगर निगम में रामगंजमंडी के वार्ड 4,5,24 व 25 शामिल होंगे
  • मौजूदा 36 वार्डों को 80 वार्डों में बांटा गया है

 जोधपुर में भी दो नगर निगम

  • जोधपुर में जोधपुर उत्तर नगर निगम और जोधपुर दक्षिण नगर निगम होंगे
  • जोधपुर उत्तर नगर निगम में सरदारपुरा विधानसभा क्षेत्र के वार्ड 44,45,46,49 से 55,59 से 64 

शामिल होंगे

  • इस निगम में जोधपुर शहर क्षेत्र के वार्ड 32 से 36,47,48,सूरसागर क्षेत्र के वार्ड 1,12 से 19 एवं 65 शामिल होंगे
  • मौजूदा कुल 35 वार्डों को 80 वार्डों में बांटा गया है
  • जोधपुर दक्षिण नगर निगम में सरदारपुरा क्षेत्र के वार्ड 42,43,56 से 58,जोधपुर शहर के वार्ड 23 से 31,39,40,41 शामिल होंगे
  • इस निगम में वार्ड 2 से 11,20,21 एवं 22 शामिल होंगे
  • इस प्रकार मौजूदा 30 वार्डों को 80 वार्डों में बांटा गया है

स्थानीय निकायों को मिलेगी मजबूती : अशोक गहलोत 
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राज्य के तीन नगर निगमों में दो महापौर बनाने के फैसले को शहरी सरकार की मजबूती का आधार बताया है। उन्होंने कहा है जयपुर, जोधपुर और कोटा में दो-दो महापौर होने से विकास की गति तेज होगी और पार्षदों का महत्व बड़ेगा। मुख्यमंत्री ने कहा है कि उनकी सरकार ने लोकतंत्र को मजबूत बनाने के लिए स्थानीय निकायों को विशेष महत्व दिया है।

फैसले से सचिन पायलट नाखुश, बोले- ये निर्णय सही नहीं
राजस्थान में जयपुर, कोटा और जोधपुर में दो-दो मेयर बनाने के सरकार के फैसले पर डिप्टी सीएम सचिन पायलट नाखुश हैं। उन्होंने कहा कि ये निर्णय सही नहीं है। इसमें बैकडोर एंट्री होगी, जो व्यक्ति पार्षद का चुनाव नहीं जीत पा रहा है, उसको हम मेयर का चुनाव कैसे लडऩे दें। मैं समझता हूं कि इससे लोकतंत्र मजबूत नहीं होगा। हमारी पार्टी ने हमेशा कहा है लोकतंत्र मजबूत हो। जनता से सीधा जुड़ाव रखें। इस प्रकार का जो निर्णय लिया गया है, मैं इससे सहमत नहीं हूं। 

सरकार कुछ भी करले हारना तय : सतीश पूनिया 
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया ने राज्य सरकार के द्वारा स्थानीय निकाय चुनाव में किए गए बदलाव को लोकतंत्र की हत्या करने वाला कदम बताया है उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत अपनी ही पार्टी में चल रहें कलह से इतने परेशान है कि अब वे सही और गलत का निर्णय नहीं कर पा रहे है। गहलोत कितनी भी ताकत लगा ले लेकिन स्थानीय निकाय चुनाव में कांग्रेस की हार होना तय है। केवल गहलोत अपनी कुर्सी बचाने के लिए लोकतंत्र विरोधी निर्णय ले रहें है।