एयरलाइन कंपनी लुफ्थांसा ने कहा-जर्मनी और भारत के बीच सभी शेड्यूल फ्लाइट्स को कैंसिल करेगा

बर्लिन। एयरलाइन कंपनी लुफ्थांसा ने कहा कि वह 30 सितंबर से 20 अक्टूबर तक जर्मनी और भारत के बीच सभी शेड्यूल फ्लाइट्स को कैंसिल करेगा। एयरलाइन के मुताबिक, भारतीय अधिकारियों की ओर से अक्टूबर में लुफ्थांसा की शेड्यूल फ्लाइट्स को रद्द कर दिया गया, जिसके बाद यह फैसला लिया गया। कुछ समय से जर्मन एयरलाइन लुफ्थांसा और डीजीसीए के बीच विवाद चल रहा है।

जर्मन एयरलाइन्स ने कहा- हमने अपनी स्पेशल फ्लाइट्स को सितंबर के अंत तक मंजूरी देने के लिए अप्लाई किया था। भारत सरकार की ओर से अचानक हमारे एप्लीकेशन को नामंजूर कर दिया गया है। ऐसे में हमें अपनी फ्लाइट्स कैंसिल करनी पड़ेंगी।

कोरोना के चलते इंटरनेशनल फ्लाइट्स आने पर 23 मार्च से रोक

कोरोना महामारी की वजह से भारत में इंटरनेशनल फ्लाइट्स आने पर 23 मार्च से ही रोक है। हालांकि, एयर बबल समझौते के तहत कुछ स्पेशल फ्लाइट्स को आने की मंजूरी दी जाती है। भारत ने जर्मनी समेत 13 देशों के साथ इंटरनेशनल फ्लाइट्स की आवाजाही के लिए एयर बबल समझौता किया है। इनमें अमेरिका, फ्रांस, जर्मनी, कनाडा, ब्रिटेन, मालदीव, कतर, नाइजीरिया, अफगानिस्तान, यूएई,जापान, बहरीन और इराक शामिल हैं।

डीजीसीए ने क्या कहा?

डीजीसीए ने इस मामले पर कहा- भारत ने इस साल जुलाई में जर्मनी के साथ एयर बबल समझौता किया था। इसके बावजूद जर्मनी जाने के इच्छुक भारतीयों के लिए वहां कई तरह की पाबंदियां हैं। यह भारतीय एयरलाइन्स के लिए फायदेमंद साबित नहीं हो रहा है। इसकी वजह से ट्रैफिक डिस्ट्रीब्यूशन भी ऐसी हो रही है, जिससे लुफ्तांसा एयरलाइन्स को ज्यादा फायदा हो।

भारत की एयरलाइन्स की एक हफ्ते में तीन चार फ्लाइट्स ही जर्मनी पहुंचती हैं। वहीं एक हफ्ते में लुफ्तांसा की 20 फ्लाइट्स भारत पहुंचती हैं। इस असमानता को खत्म करने के लिए हमने उन्हें हफ्ते में सात फ्लाइट्स ऑपरेट करने की पेशकश की, लेकिन उन्होंने इससे इनकार कर दिया।

फ्लाइट्स को भारत में ऑपरेट करना जरूरी था – लुफ्थांसा

अभी भी दोनों ओर से बातचीत जारी है। लुफ्तांसा ने कहा- 30 सितंबर के बाद भी हमारी फ्लाइट्स को भारत में ऑपरेट करना जरूरी था, क्योंकि अब तक भारत ने जर्मनी की ओर से दोनों देशों के बीच अस्थाई यात्रा के समझौतों पर चर्चा करने के न्यौते पर हामी नहीं भरी है।

हमने अक्टूबर में दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु को यूरोप और दूसरे क्षेत्रों से कनेक्टिंग करने वाली फ्लाइट्स चलाने का फैसला किया था। अक्टूबर में हम चेन्नई से भी फ्लाइट्स ऑपरेट करने की योजना बना रहे थे।