आकाश का नया इनविक्टस सिस्टम, JEE तैयारी को मिलेगा नया अंदाज

आकाश एजुकेशन सर्विसेज लिमिटेड ने इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी के लिए ‘आकाश इनविक्टस इंजीनियरिंग 2.0’ लॉन्च किया है। नया परफॉर्मेंस आधारित अकादमिक सिस्टम JEE मेन, JEE एडवांस्ड और स्टेट CET की तैयारी को अधिक व्यवस्थित बनाने पर केंद्रित है। इसमें स्मार्ट टेस्टिंग, शोध आधारित स्टडी मटेरियल, अनुभवी फैकल्टी और लगातार मेंटरशिप को एक साथ जोड़ा गया है।

  • आकाश इनविक्टस इंजीनियरिंग 2.0: JEE की तैयारी के लिए नया अकादमिक सिस्टम लॉन्च।
  • JEE तैयारी: मेन, एडवांस्ड, BITSAT और स्टेट इंजीनियरिंग परीक्षाओं पर फोकस।
  • आकाश एजुकेशन: स्मार्ट टेस्टिंग, मेंटरशिप और परफॉर्मेंस ट्रैकिंग को सिस्टम में शामिल किया।

Aakash Launches Invictus Engineering 2.0 : इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए आकाश एजुकेशन सर्विसेज लिमिटेड ने ‘आकाश इनविक्टस इंजीनियरिंग 2.0’ पेश किया है। कंपनी के मुताबिक, यह नया परफॉर्मेंस आधारित अकादमिक सिस्टम छात्रों की तैयारी को अधिक संरचित बनाने और उनकी क्षमता के मुताबिक बेहतर परिणाम हासिल करने में मदद करने के उद्देश्य से तैयार किया गया है।

आकाश का नया इनविक्टस सिस्टम, JEE तैयारी को मिलेगा नया अंदाज
Image Source : Via dainik jaltedeep

इस पहल का फोकस केवल कक्षा में पढ़ाई तक सीमित नहीं है। स्टडी मटेरियल, नियमित टेस्ट, प्रदर्शन का विश्लेषण और मेंटरशिप को एक ही सिस्टम में जोड़ा गया है। कार्यक्रम JEE मेन, JEE एडवांस्ड, BITSAT और विभिन्न राज्यों की इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।

आकाश के अनुसार, इनविक्टस सिस्टम में हर क्लास, प्रैक्टिस सेशन और रिवीजन को परीक्षा के लक्ष्य से जोड़ा गया है। इसका उद्देश्य छात्रों को केवल पाठ्यक्रम पूरा कराने के बजाय उनकी कमजोरियों को पहचानकर तैयारी की दिशा तय करना है।

यह भी पढ़ें : सरसों की खेती बदलेगी, 40 हजार किसानों तक पहुंचेगा ‘सरसों संकल्प’

इनविक्टस इंजीनियरिंग 2.0 को छह प्रमुख आधारों पर विकसित किया गया है। इनमें परिणाम केंद्रित अकादमिक प्लानिंग, अनुभवी फैकल्टी, शोध आधारित स्टडी मटेरियल, स्मार्ट टेस्टिंग, ग्रोथ ट्रैकिंग और कक्षा के बाहर लगातार मेंटरशिप शामिल हैं।

कार्यक्रम में शामिल फैकल्टी टीम को इसकी प्रमुख ताकत के तौर पर पेश किया गया है। कंपनी के मुताबिक, इसी अकादमिक टीम ने पाठ्यक्रम, स्टडी मटेरियल और टेस्टिंग सिस्टम को दोबारा डिजाइन किया है।

स्टडी मटेरियल में भी बदलाव किए गए हैं। किताबों और अन्य शिक्षण सामग्री को लर्निंग साइंस तथा प्रतियोगी परीक्षाओं के पैटर्न को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। इसका उद्देश्य छात्रों को बेसिक कॉन्सेप्ट से लेकर कठिन स्तर के सवालों तक क्रमबद्ध तरीके से आगे बढ़ाना है।

यह भी पढ़ें : पंचायत चुनाव से पहले जागरूकता अभियान तेज, 10 अक्टूबर को प्रत्याशी प्रबोधन

टेस्टिंग सिस्टम में भी बदलाव किया गया है। टेस्ट की संख्या, कठिनाई स्तर और विश्लेषण प्रक्रिया को नए तरीके से तैयार किया गया है। प्रत्येक टेस्ट के बाद छात्रों को अपनी मजबूतियों, कमजोरियों और सुधार की जरूरत वाले क्षेत्रों की जानकारी मिल सकेगी।

इनविक्टस सिस्टम में छात्रों की प्रगति को ट्रैक करने पर भी जोर दिया गया है। कंपनी के अनुसार, स्टूडेंट्स और पेरेंट्स यह समझ सकेंगे कि छात्र वर्तमान में किस स्तर पर है और निर्धारित लक्ष्य तक पहुंचने के लिए किन क्षेत्रों में सुधार की जरूरत है।

कक्षा के बाहर भी छात्रों को मेंटरशिप और सपोर्ट देने की व्यवस्था की गई है। इसमें JoSAA काउंसलिंग गाइडेंस, डाउट सपोर्ट और लगातार अकादमिक मार्गदर्शन शामिल है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पढ़ाई से जुड़ी किसी समस्या के कारण छात्र अपनी तैयारी में पीछे न रह जाए।

राष्ट्रीय स्तर पर लॉन्च के साथ कंपनी ने चार बैच Ace, Achiever, Accelerator और Apex भी पेश किए हैं। इन बैचों को छात्रों की सीखने की क्षमता और उनकी शैक्षणिक महत्वाकांक्षा के आधार पर तैयार किया गया है।

आकाश एजुकेशन सर्विसेज लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO चंद्र शेखर रेड्डी गरिसा ने कहा कि इनविक्टस इंजीनियरिंग 2.0 को कंपनी के अनुभवी शिक्षकों ने तैयार किया है। उनके मुताबिक, टीम ने पाठ्यक्रम, किताबों और टेस्टिंग सिस्टम को नए सिरे से तैयार किया है।

Related Articles

Back to top button