भारत से निर्यात बढ़ाएगा बांग्लादेश, व्यापार घाटा घटाने की तैयारी

बांग्लादेश के वाणिज्य मंत्री खांडकर अब्दुल मुक्तादिर ने कहा है कि भारत और चीन के साथ बढ़ते व्यापार घाटे का समाधान केवल आयात कम करने में नहीं है। सरकार चमड़ा, जूट, जहाज निर्माण, हल्का इंजीनियरिंग और सेमीकंडक्टर जैसे क्षेत्रों की निर्यात क्षमता बढ़ाकर विदेशी बाजारों में अपनी हिस्सेदारी मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है।

  • व्यापार घाटा: बांग्लादेश कुल निर्यात क्षमता बढ़ाकर घाटा कम करने की रणनीति पर काम करेगा।
  • भारत को निर्यात: बांग्लादेश भारतीय बाजार में चमड़ा, जूट और अन्य उत्पादों का निर्यात बढ़ाना चाहता है।
  • निर्यात क्षमता: सेमीकंडक्टर, जहाज निर्माण और हल्के इंजीनियरिंग क्षेत्र पर खास जोर रहेगा।

Bangladesh Eyes Higher Exports to India : ढाका में संसद के प्रश्नोत्तर सत्र के दौरान वाणिज्य मंत्री खांडकर अब्दुल मुक्तादिर ने साफ किया कि बांग्लादेश व्यापार घाटे को किसी एक देश के साथ जोड़कर नहीं देख रहा है। सरकार की प्राथमिकता देश की कुल निर्यात क्षमता बढ़ाने की है, ताकि विदेशी बाजारों में बांग्लादेशी उत्पादों की पहुंच मजबूत हो सके।

मंत्री ने विपक्षी जमात-ए-इस्लामी के सांसद एम. अब्दुल बातेन के पूरक सवाल के जवाब में कहा कि भारत और चीन के साथ व्यापार घाटा बड़ा है, लेकिन इसका स्थायी समाधान व्यापक निर्यात विस्तार में है।

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मुक्तादिर के मुताबिक, बांग्लादेश और भारत के बीच द्विपक्षीय व्यापार का कुल कारोबार करीब 12.7 अरब अमेरिकी डॉलर का है। इसमें बांग्लादेश भारत को लगभग 1.89 अरब डॉलर का निर्यात करता है, जबकि भारत से उसका आयात इससे काफी ज्यादा है।

उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 में भारत के साथ बांग्लादेश का व्यापार घाटा पिछले वित्त वर्ष के मुकाबले और बढ़ा है। ऐसे में सरकार भारतीय बाजार में बांग्लादेशी उत्पादों के लिए मौजूद संभावनाओं को भुनाने पर जोर दे रही है।

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सरकार ने निर्यात बढ़ाने की क्षमता वाले कई क्षेत्रों की पहचान की है। इनमें चमड़ा, जूट, जहाज निर्माण, हल्का इंजीनियरिंग और सेमीकंडक्टर प्रमुख हैं।

मंत्री ने कहा कि इन क्षेत्रों के लिए अनुकूल नीतियां तैयार करने के साथ नए निवेश को आकर्षित करने की कोशिश चल रही है। उन उद्योगों को भी आगे बढ़ाने की योजना है, जो फिलहाल अपनी पूरी निर्यात क्षमता का इस्तेमाल नहीं कर पा रहे हैं।

मुक्तादिर ने यह भी माना कि भारत में बांग्लादेशी सामान के निर्यात की संभावनाएं काफी हैं, लेकिन द्विपक्षीय व्यापार में भारतीय पक्ष की ओर से कुछ प्रतिबंध मौजूद हैं। वहीं, पिछले दो वर्षों में बांग्लादेश की ओर से भी व्यापार को प्रभावित करने वाली कुछ बाधाएं सामने आई हैं।

हाल ही में बांग्लादेश पहुंचे भारतीय व्यापार प्रतिनिधिमंडल ने दोनों देशों के कारोबारियों के साथ मिलकर बुनियादी ढांचे के विकास के लिए एक टास्क फोर्स बनाने का प्रस्ताव रखा था। बांग्लादेश ने इस पहल पर सहमति जताई है।

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