पदकों के पीछे की कहानी को मिला सम्मान
ग्लासगो 2026 में भारत के पैरा खिलाड़ियों की उपलब्धियों के साथ उनके लंबे संघर्ष, मेहनत और सपनों को भी मंच मिला। एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस ने भारतीय पैरालंपिक समिति के साथ मिलकर सात पदक विजेताओं को सम्मानित किया। इस पहल में खिलाड़ियों के साथ उनके परिवार, प्रशिक्षकों और उन सहयोगियों के योगदान को भी रेखांकित किया गया, जो उनकी यात्रा में लगातार साथ खड़े रहे।
- ग्लासगो 2026 के सात पदक विजेताओं का सम्मान किया गया।
- पैरा खिलाड़ियों के संघर्ष और सपनों को मिला मंच।
- एसबीआई लाइफ और पीसीआई ने परिवार व प्रशिक्षकों के योगदान को भी सराहा।
Beyond Medals: SBI Life Honours India’s Para Athletes : किसी खिलाड़ी के हाथ में पदक आने का पल भले ही कुछ सेकंड का हो, लेकिन उस मुकाम तक पहुंचने में कई साल की मेहनत लगती है। पैरा खिलाड़ियों के लिए यह सफर अक्सर चुनौतियों, असफलताओं और लगातार खुद को साबित करने के प्रयासों से होकर गुजरता है। ग्लासगो 2026 में भारत की उपलब्धि के पीछे ऐसी ही कहानियों को सामने लाने की कोशिश की गई।
एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस ने भारतीय पैरालंपिक समिति (PCI) के साथ मिलकर ग्लासगो 2026 में भारत के लिए पदक जीतने वाले सात पैरा खिलाड़ियों को सम्मानित किया। भारतीय दल ने प्रतियोगिता में तीन स्वर्ण, दो रजत और दो कांस्य पदक हासिल किए।
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सम्मान पाने वाले खिलाड़ियों में शर्मिला ढांकर ने महिला गोला फेंक F57 में स्वर्ण, दिलीप महादू गावित ने पुरुष 100 मीटर T47 में स्वर्ण और सोमन राणा ने पुरुष गोला फेंक F57 में स्वर्ण पदक जीता। मोहम्मद बेसिल मोर्सिंगनकथ ने पुरुष 100 मीटर T47 और शुभम जुयाल ने पुरुष गोला फेंक F57 में रजत पदक हासिल किया। शिल्पा शायला ने महिला गोला फेंक F57 और झंडू कुमार ने पुरुष हैवीवेट पैरा पावरलिफ्टिंग में कांस्य पदक जीता।
इस मौके पर एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस के एमडी एवं सीईओ अमित झिंगरन और भारतीय पैरालंपिक समिति के अध्यक्ष देवेंद्र झाझरिया ने खिलाड़ियों को सम्मानित किया। समारोह का फोकस केवल पदकों तक सीमित नहीं रहा। खिलाड़ियों के सफर में परिवारों, प्रशिक्षकों और अन्य सहयोगियों की भूमिका को भी सामने रखा गया।
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अमित झिंगरन ने कहा कि पैरा खिलाड़ियों की कहानियां ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचनी चाहिए। उनके अनुसार, इन खिलाड़ियों की उपलब्धियां व्यक्तिगत सफलता से आगे जाकर समाज में समावेश और संभावनाओं का संदेश देती हैं। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को केवल पदक के लिए नहीं, बल्कि उत्कृष्टता की दिशा में लगातार प्रयास करने के जज्बे के लिए भी सम्मानित किया जा रहा है।
भारतीय पैरालंपिक समिति के अध्यक्ष देवेंद्र झाझरिया ने कहा कि किसी भी पदक के पीछे खिलाड़ी के साथ परिवार, प्रशिक्षकों और कई अन्य लोगों की मेहनत होती है। उनके मुताबिक, ग्लासगो में मिले सात पदक भारतीय पैरा खेलों की बढ़ती ताकत को दिखाते हैं। उन्होंने एसबीआई लाइफ की पहल को खिलाड़ियों के पीछे मौजूद सहयोगी तंत्र को पहचान देने वाला कदम बताया।
एसबीआई लाइफ के कार्यकारी उपाध्यक्ष एवं ब्रांड, कॉरपोरेट कम्युनिकेशंस और सीएसआर प्रमुख रवींद्र शर्मा ने कहा कि किसी उपलब्धि को सिर्फ अंतिम नतीजे से नहीं देखा जाना चाहिए। उनके अनुसार, पदक जीतने से काफी पहले खिलाड़ी तैयारी, असफलता, संदेह और दोबारा कोशिश करने के दौर से गुजरते हैं। इन यात्राओं में परिवार और समुदाय की भूमिका भी महत्वपूर्ण रहती है।



