भोगापुरम से बदलेगी उत्तर आंध्र की तस्वीर?
करीब 5,640 करोड़ रुपये की लागत से तैयार भोगापुरम का अल्लूरी सीताराम राजू अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा उत्तर आंध्र को बेहतर हवाई संपर्क देने की दिशा में बड़ा कदम है। 60 लाख यात्रियों की शुरुआती क्षमता वाला यह एयरपोर्ट पर्यटन, उद्योग, निर्यात, निवेश और रोजगार के नए अवसरों का आधार बन सकता है। अब इसकी असली परीक्षा उड़ानों और आर्थिक गतिविधियों के विस्तार से होगी।
- भोगापुरम एयरपोर्ट: 60 लाख यात्रियों की शुरुआती सालाना क्षमता।
- अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा: 3,800 मीटर रनवे और 5,000 वर्गमीटर कार्गो केंद्र।
- उत्तर आंध्र: व्यापार, पर्यटन, उद्योग और निवेश को बेहतर हवाई कनेक्टिविटी की उम्मीद।
Bhogapuram Airport: New Gateway for North Andhra : करीब एक दशक की योजना और निर्माण प्रक्रिया के बाद भोगापुरम में अल्लूरी सीताराम राजू अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा अब परिचालन में आ चुका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 1 अगस्त 2026 को इसका उद्घाटन किया था। इसके बाद 17 अगस्त से विशाखापत्तनम की नियमित वाणिज्यिक उड़ानों का संचालन नए एयरपोर्ट से शुरू हो गया।

भोगापुरम एयरपोर्ट पुराने विशाखापत्तनम एयरपोर्ट का विस्तार नहीं है, बल्कि करीब 2,200 एकड़ में विकसित अलग हवाई अड्डा है। हालांकि, विशाखापत्तनम के लिए इस्तेमाल होने वाला VTZ कोड बरकरार रखा गया है।
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करीब 77 हजार वर्गमीटर में बने टर्मिनल में 22 टिकट जांच काउंटर, 18 सेल्फ-बैगेज ड्रॉप सुविधाएं और सात विमानों तक यात्रियों की सीधी आवाजाही के लिए एयरोब्रिज बनाए गए हैं। पहले चरण में एयरपोर्ट हर साल करीब 60 लाख यात्रियों को संभालने में सक्षम होगा।
परियोजना में केवल यात्री सुविधाओं पर ध्यान नहीं दिया गया है। करीब 5,000 वर्गमीटर का कार्गो केंद्र भी बनाया गया है। इसके जरिए विशाखापत्तनम, विजयनगरम और श्रीकाकुलम के कृषि, समुद्री और औद्योगिक उत्पादों को हवाई मार्ग से बाजारों तक पहुंचाने की संभावनाएं बढ़ सकती हैं।
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आंध्र प्रदेश के प्रमुख सांस्कृतिक स्थलों के दौरे के उद्देश्य से प्रेस सूचना ब्यूरो के नेतृत्व में राजस्थान से मीडिया प्रतिनिधिमंडल आज 6 दिवसीय यात्रा पर भोगापुरम में नवनिर्मित अल्लूरी सीताराम राजू अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पंहुचा। इस आधुनिकतम हवाई अड्डे की भव्यता यहां पंहुचने वाले यात्रियों को सहज ही अपनी ओर आकर्षित कर लेती है।
भोगापुरम एयरपोर्ट की योजना को 2016 में केंद्र सरकार से सैद्धांतिक मंजूरी मिली थी। उस समय परियोजना की अनुमानित लागत करीब 2,260 करोड़ रुपये थी। बाद में परियोजना के स्वरूप में बदलाव हुआ और इसे सार्वजनिक-निजी भागीदारी के तहत विकसित करने का फैसला किया गया।
3 मई 2023 को पहले चरण के निर्माण की आधारशिला रखी गई। उस समय परियोजना की लागत करीब 4,592 करोड़ रुपये आंकी गई थी। उद्घाटन के समय इसकी लागत 5,640 करोड़ रुपये से अधिक बताई गई। इसका निर्माण और संचालन जीएमआर समूह की कंपनी ने पीपीपी मॉडल के तहत किया है, इसलिए पूरी परियोजना राशि को केंद्र सरकार का खर्च मानना सही नहीं होगा।
एयरपोर्ट के टर्मिनल की वास्तुकला में आंध्र प्रदेश की स्थानीय संस्कृति और प्राकृतिक परिवेश को जगह दी गई है। डिजाइन में अराकू घाटी, पारंपरिक चुट्टिलु घरों और उड़ती मछली जैसी स्थानीय प्रेरणाओं का इस्तेमाल किया गया है। इससे आधुनिक बुनियादी ढांचे के साथ क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान को भी जोड़ने की कोशिश नजर आती है।
आंध्र प्रदेश के प्रमुख सांस्कृतिक स्थलों के दौरे के उद्देश्य से प्रेस सूचना ब्यूरो जयपुर कार्यालय के सहायक निदेशक अमित कन्नौजिया के नेतृत्व में राजस्थान से मीडिया प्रतिनिधिमंडल आज 6 दिवसीय यात्रा पर भोगापुरम में नवनिर्मित अल्लूरी सीताराम राजू अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पंहुचा। इस आधुनिकतम हवाई अड्डे की भव्यता यहां पंहुचने वाले यात्रियों को सहज ही अपनी ओर आकर्षित कर लेती है।



