एसरी इंडिया ने लॉन्च किया GeoSARAL, GIS सॉफ्टवेयर की नई पहल
एसरी इंडिया ने भारत में हल्के और किफायती डेस्कटॉप GIS सॉफ्टवेयर GeoSARAL पेश किया है। Linux आधारित यह प्लेटफॉर्म मैपिंग, डेटा विजुअलाइजेशन, एडिटिंग और क्वेरी जैसे रोजमर्रा के GIS कामों के लिए बनाया गया है। यह मौजूदा ArcGIS इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ काम करता है और Windows को भी सपोर्ट करता है, जबकि Android संस्करण जल्द आने की उम्मीद है।
- GeoSARAL एक स्वदेशी, Linux आधारित डेस्कटॉप GIS सॉफ्टवेयर है।
- ArcGIS यूजर्स के लिए मैपिंग, विजुअलाइजेशन, एडिटिंग और क्वेरी जैसे आसान कामों को सरल बनाने पर जोर।
- Windows सपोर्ट उपलब्ध है और Android संस्करण भी जल्द आने वाला है।
Esri India Launches Indigenous GeoSARAL GIS Software : भारत में GIS, लोकेशन इंटेलिजेंस और मैपिंग सॉल्यूशंस के क्षेत्र में काम करने वाली एसरी इंडिया ने GeoSARAL लॉन्च करने की घोषणा की है। कंपनी के मुताबिक, यह Linux आधारित डेस्कटॉप GIS सॉफ्टवेयर है, जिसे खास तौर पर उन यूजर्स की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है जिन्हें रोजमर्रा के GIS कार्यों के लिए हल्के और आसान समाधान की जरूरत होती है।

कंपनी का कहना है कि संगठनों में GIS का इस्तेमाल करने वाले सभी यूजर्स की जरूरत एक जैसी नहीं होती। जहां कुछ पेशेवरों को 3D, उन्नत विश्लेषण, नेटवर्क एनालिसिस और जटिल मैपिंग जैसी क्षमताओं की जरूरत होती है, वहीं बड़ी संख्या में यूजर्स का काम मैप तैयार करने, डेटा देखने, विजुअलाइजेशन, एडिटिंग और क्वेरी तक सीमित रहता है। GeoSARAL इसी तरह के उपयोग को आसान बनाने पर केंद्रित है।
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GeoSARAL को मौजूदा ArcGIS इकोसिस्टम के साथ काम करने के लिए तैयार किया गया है। यूजर्स इंडो ArcGIS Living Atlas में उपलब्ध कंटेंट का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके अलावा, इंटरनेट कनेक्शन उपलब्ध नहीं होने पर स्थानीय रूप से स्टोर किए गए GIS डेटा और बेसमैप को देखने तथा मैनेज करने की सुविधा भी इसमें दी गई है।
एसरी इंडिया के प्रबंध निदेशक अगेन्द्र कुमार ने कहा कि ग्राहकों की बदलती जरूरतों के आधार पर नवाचार कंपनी की टेक्नोलॉजी यात्रा का अहम हिस्सा रहा है। उनके अनुसार, GeoSARAL की शुरुआत ऐसे यूजर्स के लिए उपयोगी विकल्प उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, जिन्हें सामान्य GIS कार्यों के लिए किफायती और हल्का प्लेटफॉर्म चाहिए।
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GeoSARAL फिलहाल Linux के साथ-साथ Windows पर भी उपलब्ध है। कंपनी ने संकेत दिया है कि इसका Android संस्करण भी जल्द पेश किया जाएगा। इससे अलग-अलग डिवाइस पर GIS डेटा और मैपिंग से जुड़े काम करने वाले यूजर्स के लिए इसके इस्तेमाल का दायरा बढ़ सकता है।
एसरी इंडिया के मुताबिक, भारत में जियोस्पैटियल तकनीक का इस्तेमाल सरकारी कामकाज, इंफ्रास्ट्रक्चर, कृषि, रक्षा, यूटिलिटी, शहरी विकास, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन और आपदा प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में स्थानीय जरूरतों को ध्यान में रखकर विकसित तकनीकें देश की जियोस्पैटियल क्षमताओं और तकनीकी आत्मनिर्भरता को मजबूत करने में भूमिका निभा सकती हैं।



