मिडिल ईस्ट तनाव का असर, सोना-चांदी के दाम में आई नरमी

मध्य पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिका-ईरान के बीच ताजा घटनाक्रम का असर सर्राफा बाजार पर भी दिखाई दिया। बुधवार को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज और अंतरराष्ट्रीय बाजार दोनों में सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। वहीं, दूसरी ओर कच्चे तेल की कीमतों में तेजी देखने को मिली, जिससे निवेशकों की नजर वैश्विक बाजार पर बनी हुई है।

  • सोना एमसीएक्स पर शुरुआती कारोबार में गिरावट के साथ 1.45 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के नीचे पहुंचा।
  • चांदी की कीमत 2.30 लाख रुपये प्रति किलो से फिसलकर कमजोर स्तर पर कारोबार करती दिखी।
  • मध्य पूर्व तनाव और अमेरिका-ईरान घटनाक्रम के बीच कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल दर्ज हुआ।

Gold, Silver Slip Amid Middle East Tensions: बुधवार को घरेलू और वैश्विक बाजारों में कीमती धातुओं पर दबाव देखने को मिला। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर सोना और चांदी दोनों ही कमजोर शुरुआत के साथ कारोबार करते नजर आए। शुरुआती कारोबार में सोने की कीमत घटकर 1.45 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम से नीचे पहुंच गई, जबकि चांदी 2.30 लाख रुपये प्रति किलो के स्तर से फिसल गई।

कारोबार के दौरान सोने के अगस्त 2026 वायदा अनुबंध में गिरावट दर्ज की गई। शुरुआती कारोबार में इसमें हल्की कमजोरी रही और बाद में कीमत करीब 1,44,978 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गई। इसी दौरान सोने ने दिन का निचला स्तर लगभग 1,44,800 रुपये और ऊंचा स्तर 1,45,356 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज किया।

चांदी में भी बिकवाली का माहौल बना रहा। सितंबर 2026 वायदा अनुबंध की शुरुआत पिछली क्लोजिंग के मुकाबले कमजोर रही और बाद में इसकी कीमत करीब 2,29,305 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई। इससे साफ है कि निवेशकों ने फिलहाल कीमती धातुओं में सतर्क रुख अपनाया है।

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अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी यही रुझान देखने को मिला। कॉमेक्स पर सोने और चांदी दोनों की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिका द्वारा ईरान के खिलाफ उठाए गए नए कदम और ईरान से जुड़े तेल निर्यात लाइसेंस रद्द किए जाने के बाद भू-राजनीतिक अनिश्चितता बढ़ी है। अमेरिकी सेना ने भी ईरान से जुड़े हालिया हमलों के बाद जवाबी कार्रवाई की जानकारी दी है, जिससे क्षेत्र में तनाव और गहरा गया।

इस बीच ऊर्जा बाजार में उल्टा रुख देखने को मिला। मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के चलते कच्चे तेल की आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ी, जिससे ब्रेंट क्रूड 76 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर और डब्ल्यूटीआई क्रूड 72 डॉलर प्रति बैरल से अधिक के स्तर पर पहुंच गया। ऐसे में निवेशकों की नजर अब आने वाले वैश्विक घटनाक्रम और बाजार की दिशा पर बनी हुई है।

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