IFQM सिम्पोजियम 2026: 300+ CEO जुटेंगे, क्वालिटी बनेगी ‘फोर्स मल्टीप्लायर’

नई दिल्ली में 5–6 अक्टूबर को होने वाले IFQM सिम्पोजियम 2026 में 300 से अधिक CEO और CXO शामिल होंगे। कार्यक्रम में क्वालिटी, इनोवेशन और एक्सीलेंस को भारत की औद्योगिक ताकत बनाने पर चर्चा होगी। फार्मा, लाइफ साइंसेज और इंफ्रास्ट्रक्चर इस बार केंद्र में रहेंगे, जबकि ग्लोबल विशेषज्ञ और दिग्गज उद्योग नेता भविष्य की रणनीति साझा करेंगे।

  • IFQM सिम्पोजियम 2026 में 300+ CEO और CXO की भागीदारी होगी।
  • क्वालिटी, इनोवेशन और एक्सीलेंस को भारत का ‘फोर्स मल्टीप्लायर’ बनाने पर फोकस रहेगा।
  • फार्मा, लाइफ साइंसेज और इंफ्रास्ट्रक्चर पर पहली बार विशेष चर्चा होगी।

IFQM Symposium 2026 :  नई दिल्ली में 5–6 अक्टूबर 2026 को देश के प्रमुख उद्योग नेताओं और वैश्विक क्वालिटी विशेषज्ञों का बड़ा जमावड़ा देखने को मिलेगा। इंडियन फाउंडेशन फॉर क्वालिटी मैनेजमेंट (IFQM) अपने नेशनल सिम्पोजियम के तीसरे संस्करण का आयोजन ताज पैलेस में करेगा। इस बार कार्यक्रम की थीम “क्वालिटी, इनोवेशन और एक्सीलेंस बी द फोर्स मल्टीप्लायर” रखी गई है।

सिम्पोजियम में 300 से अधिक CEO और CXO के साथ MSME प्रतिनिधियों, शिक्षाविदों और छात्रों की भागीदारी की उम्मीद है। दो दिनों के दौरान 25 से अधिक सेशंस आयोजित किए जाएंगे। इनमें कीनोट, फायरसाइड कन्वर्सेशन और अलग-अलग उद्योग क्षेत्रों पर केंद्रित चर्चाएं शामिल होंगी।

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इस साल IFQM ने फार्मा और लाइफ साइंसेज को चर्चा के केंद्र में लाकर एक अहम बदलाव किया है। बातचीत का फोकस इस बात पर रहेगा कि भारत जेनेरिक दवाओं के बड़े निर्माता के रूप में अपनी पहचान से आगे बढ़कर नई दवाओं के विकास और इनोवेशन में अपनी भूमिका कैसे मजबूत कर सकता है।

इस विशेष बातचीत में सन फार्मास्युटिकल्स के एग्जीक्यूटिव चेयरमैन दिलीप सांघवी, बायोकॉन ग्रुप की एग्जीक्यूटिव चेयरपर्सन डॉ. किरण मजूमदार-शॉ और ग्लेनमार्क के चेयरमैन एवं एमडी ग्लेन सालदान्हा शामिल होंगे।

इसी तरह इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए भी पहली बार अलग ट्रैक रखा गया है। इसमें भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर को अधिक आधुनिक, सक्षम और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने के मुद्दों पर चर्चा होगी। इस पैनल का नेतृत्व लार्सन एंड टुब्रो के चेयरमैन एवं एमडी एस.एन. सुब्रह्मण्यन करेंगे।

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सिम्पोजियम में ऑटोमोटिव, इंजीनियरिंग, एयरोस्पेस, इलेक्ट्रॉनिक्स, टेक्सटाइल, लेदर और मैन्युफैक्चरिंग में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे विषयों पर भी चर्चा होगी। आयोजकों का जोर केवल विचार-विमर्श तक सीमित रहने के बजाय ऐसी कार्यप्रणालियों पर रहेगा, जिन्हें उद्योग वास्तविक परिस्थितियों में लागू कर सके।

कार्यक्रम में सरकार, उद्योग और शिक्षण संस्थानों के बीच सहयोग को मजबूत करने पर भी जोर दिया जाएगा। IFQM के मुताबिक, भारत की मैन्युफैक्चरिंग क्षमता को वैश्विक भरोसे और मजबूती में बदलने के लिए क्वालिटी और इनोवेशन को कारोबार के हर स्तर पर अपनाना जरूरी है।

सिम्पोजियम में IFQM के चेयरमैन एवं टीवीएस मोटर के चेयरमैन एमेरिटस वेनु श्रीनिवासन, टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन, दिलीप सांघवी, डॉ. किरण मजूमदार-शॉ, एस.एन. सुब्रह्मण्यन, टाटा स्टील के CEO एवं MD टी.वी. नरेंद्रन, टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स के CEO एवं MD डॉ. रणधीर ठाकुर और टीवीएस मोटर कंपनी के डायरेक्टर एवं CEO के.एन. राधाकृष्णन सहित कई प्रमुख नाम हिस्सा लेंगे।

इसके अलावा बोइंग इंडिया एंड साउथ एशिया के प्रेसिडेंट सलील गुप्ते, ग्लेनमार्क के चेयरमैन एवं MD ग्लेन सालदान्हा और बैंगलोर इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड के MD एवं CEO हरि मारार भी कार्यक्रम में शामिल होंगे।

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इस आयोजन में छह अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ अपने विचार साझा करेंगे। इनमें हुंडई मोटर ग्रुप के एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट एवं हेड ऑफ क्वालिटी ईउईसुंग (अर्नी) किम, DMG MORI के प्रेसिडेंट डॉ. मासाहिको मोरी, Robert Bosch GmbH के ग्लोबल बोर्ड मेंबर स्टीफन ग्रोश, काइज़ेन सऊदी अरेबिया से युगो मियामोटो, Earth Brain के प्रेसिडेंट अकिनोरी ओनोदेरा और चीन मामलों के विशेषज्ञ, लेखक एवं पत्रकार Frank Sieren शामिल हैं।

इन विशेषज्ञों की मौजूदगी से भारतीय उद्योग को वैश्विक स्तर पर अपनाई जा रही क्वालिटी और एक्सीलेंस की रणनीतियों को समझने का मौका मिलेगा।

IFQM के CEO एवं डायरेक्टर सौमित्र भट्टाचार्य के अनुसार, विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए क्वालिटी और इनोवेशन को देश की ताकत के रूप में इस्तेमाल करना जरूरी है। उनका कहना है कि सिम्पोजियम का उद्देश्य केवल चर्चा करना नहीं, बल्कि उद्योग, सरकार और शिक्षण संस्थानों को ऐसे व्यावहारिक रास्ते तलाशने के लिए साथ लाना है, जिनका असर जमीन पर दिखाई दे।

उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय उद्योग और अकादमिक संस्थानों की व्यापक भागीदारी के जरिए क्वालिटी और इनोवेशन के आधार पर आर्थिक विकास को तेज किया जा सकता है।

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