राजस्थान में जियो के 10 साल, बदली कनेक्टिविटी की तस्वीर

राजस्थान में रिलायंस जियो ने एक दशक में मोबाइल और होम ब्रॉडबैंड बाजार में अपनी मजबूत पकड़ बनाई है। अगस्त 2016 में शून्य ग्राहक आधार से शुरुआत करने वाला जियो जून 2026 तक 2.83 करोड़ मोबाइल ग्राहकों तक पहुंच गया। किफायती डेटा, फ्री कॉलिंग, 4जी-5जी नेटवर्क और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर ने राजस्थान के शहरों से गांवों तक कनेक्टिविटी को नई दिशा दी।

  • जियो के 10 साल: राजस्थान में 2.83 करोड़ मोबाइल ग्राहकों का आंकड़ा पार।
  • किफायती डेटा: सस्ते इंटरनेट और फ्री कॉलिंग ने बदला मोबाइल इस्तेमाल का तरीका।
  • मजबूत नेटवर्क: 5जी और ब्रॉडबैंड विस्तार से जियो की बाजार में पकड़ मजबूत।

-सचिन शर्मा –

Jio’s 10 Years Transform Rajasthan Connectivity :  रिलायंस जियो भारतीय टेलीकॉम बाजार में अपने प्रवेश के दस साल पूरे करने जा रहा है। सितंबर 2016 में कमर्शियल लॉन्च के बाद कंपनी ने देशभर में दूरसंचार सेवाओं का स्वरूप बदलने का दावा किया, वहीं राजस्थान में भी पिछले एक दशक के दौरान इसकी मौजूदगी तेजी से बढ़ी है।

राजस्थान में जियो के 10 साल, बदली कनेक्टिविटी की तस्वीर
Image Source : Via dainik jaltedeep

राजस्थान में जियो की शुरुआत अगस्त 2016 में शून्य मोबाइल ग्राहक आधार से हुई थी। भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (ट्राई) के आंकड़ों के मुताबिक, लॉन्च के पहले ही महीने यानी सितंबर 2016 में कंपनी ने 9.6 लाख मोबाइल ग्राहक जोड़ लिए। जून 2026 तक राजस्थान में जियो के मोबाइल ग्राहक बढ़कर 2.83 करोड़ हो गए। इस दौरान कंपनी ने 2.73 करोड़ नेट ग्राहक जोड़े और 41.4 प्रतिशत का कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) दर्ज किया।

ट्राई की नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार, जून 2026 तक राजस्थान में कुल 6.85 करोड़ मोबाइल ग्राहक थे, जिनमें जियो की हिस्सेदारी 41.2 प्रतिशत रही। कंपनी ने जून 2019 में पहली बार राजस्थान के मोबाइल बाजार में नंबर-1 स्थान हासिल किया था और इसके बाद से अपनी शीर्ष स्थिति बनाए रखने का दावा किया है।

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जियो का विस्तार केवल मोबाइल सेवाओं तक सीमित नहीं रहा। कंपनी के मुताबिक, राजस्थान में जियो फाइबर और जियो एयर फाइबर के जरिए 14.81 लाख घरों और परिसरों को जोड़ा जा चुका है। हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड और होम एंटरटेनमेंट सेवाओं के विस्तार के साथ कंपनी होम ब्रॉडबैंड सेगमेंट में भी अपनी मजबूत स्थिति बनाए हुए है।

जियो की ग्रोथ की कहानी को समझने के लिए एक दशक पहले और आज के मोबाइल डेटा इस्तेमाल की तुलना महत्वपूर्ण है। 2016 में देश में प्रति मोबाइल ग्राहक औसत मासिक डेटा खपत 0.2 जीबी से भी कम थी। उस समय एक जीबी डेटा की कीमत करीब 228 रुपये बताई गई थी।

आज तस्वीर काफी अलग है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, एक जीबी डेटा की औसत कीमत करीब 7.9 रुपये रह गई है, यानी लगभग 97 प्रतिशत की कमी। वहीं देश में सक्रिय 4जी और 5जी ग्राहकों की संख्या बढ़कर करीब 93.8 करोड़ हो चुकी है। जियो नेटवर्क पर एक औसत ग्राहक हर महीने करीब 42.3 जीबी डेटा इस्तेमाल करता है।

कंपनी का कहना है कि किफायती डेटा और फ्री कॉलिंग ने भारतीय ग्राहकों के लिए मोबाइल इंटरनेट को पहले की तुलना में कहीं अधिक सुलभ बनाया। एक दशक पहले जहां लोग डेटा की खपत को मेगाबाइट तक सीमित रखने की कोशिश करते थे, वहीं आज वीडियो, सोशल मीडिया, डिजिटल पेमेंट, ऑनलाइन शिक्षा और मनोरंजन जैसी सेवाओं के कारण डेटा इस्तेमाल कई गुना बढ़ चुका है।

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जून 2026 तक देशभर में जियो के करीब 53.33 करोड़ ग्राहक बताए गए हैं, जिनमें लगभग 28.5 करोड़ 5जी ग्राहक शामिल हैं। कंपनी अब अगली पीढ़ी की कनेक्टिविटी के लिए अपने नेटवर्क और तकनीकी ढांचे को और मजबूत करने पर जोर दे रही है।

जियो के अनुसार, पारंपरिक टेलीकॉम नेटवर्क बड़े पैमाने पर विदेशी प्रोप्राइटरी हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर पर निर्भर रहे हैं। इसके मुकाबले कंपनी एंड-टू-एंड, क्लाउड-नेटिव स्टैंडअलोन 5जी नेटवर्क विकसित करने में निवेश कर रही है। कंपनी का दावा है कि यह नेटवर्क भारतीय परिस्थितियों और यहां के अलग-अलग भौगोलिक क्षेत्रों की जरूरतों के अनुरूप तैयार किया जा रहा है।

राजस्थान में जियो के पिछले दस वर्षों का सफर केवल ग्राहक संख्या बढ़ने तक सीमित नहीं है। मोबाइल इंटरनेट की पहुंच, डेटा की कम कीमत, 5जी विस्तार और होम ब्रॉडबैंड जैसी सेवाओं ने राज्य के डिजिटल परिदृश्य को भी प्रभावित किया है। आने वाले वर्षों में नेटवर्क विस्तार और नई तकनीक के साथ यह प्रतिस्पर्धा किस दिशा में जाती है, इस पर टेलीकॉम बाजार की नजर रहेगी।

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