जयपुर में निवेशकों को किया सतर्क, स्कैम और फर्जी रिटर्न से बचने की दी सीख
एनसीडीईएक्स आईपीएफटी ने जयपुर में निवेशक जागरूकता कार्यशाला आयोजित कर डिजिटल स्कैम, अफवाहों और पक्के रिटर्न के झांसे से बचने के तरीके बताए। कार्यक्रम में रेगुलेटेड कमोडिटी मार्केट की कार्यप्रणाली समझाई गई और निवेशकों को रजिस्टर्ड सदस्यों के जरिए ट्रेडिंग, दस्तावेजों की जांच तथा जोखिम प्रबंधन को लेकर जरूरी सावधानियां बताई गईं।
- जयपुर निवेशक जागरूकता: एनसीडीईएक्स आईपीएफटी ने निवेशकों को स्कैम से बचने के तरीके बताए।
- डिजिटल स्कैम अलर्ट: पक्के रिटर्न, हॉट टिप्स और अफवाहों से सावधान रहने की सलाह।
- रेगुलेटेड कमोडिटी मार्केट: रजिस्टर्ड सदस्यों और सही दस्तावेजों के जरिए सुरक्षित ट्रेडिंग पर जोर।
NCDEX IPFT Holds Investor Awareness Workshop in Jaipur : निवेश के नाम पर बढ़ते डिजिटल स्कैम और फर्जी रिटर्न के वादों के बीच एनसीडीईएक्स के इन्वेस्टर प्रोटेक्शन फंड ट्रस्ट (IPFT) ने जयपुर में निवेशक जागरूकता कार्यशाला आयोजित की। यह कार्यक्रम इंटरनेशनल ऑर्गनाइज़ेशन ऑफ सिक्योरिटीज कमीशंस (IOSCO) के वर्ल्ड इन्वेस्टर वीक 2026 के तहत आयोजित किया गया।

कार्यशाला में निवेशकों को समझाया गया कि सोशल मीडिया, मैसेजिंग ऐप्स या अन्य माध्यमों से मिलने वाली ‘हॉट टिप्स’ और पक्के मुनाफे के दावों पर आंख बंद करके भरोसा करना जोखिम भरा हो सकता है। विशेषज्ञों ने साफ किया कि बाजार में किसी निश्चित रिटर्न की गारंटी नहीं होती और ऐसे दावे धोखाधड़ी का संकेत हो सकते हैं।
कार्यक्रम में सुरक्षित निवेश के लिए दस्तावेजों की अहमियत पर भी जोर दिया गया। निवेशकों को हर ट्रेड के लिए हस्ताक्षरित कॉन्ट्रैक्ट नोट और रिस्क डिस्क्लोज़र स्टेटमेंट लेने की सलाह दी गई। साथ ही, अकाउंट स्टेटमेंट की नियमित जांच और एक्सचेंज की वेबसाइट पर ट्रेड का मिलान करने को भी जरूरी बताया गया।
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एनसीडीईएक्स के चीफ बिजनेस ऑफिसर केदार देशपांडे ने कहा कि निवेशक सुरक्षा की पहली सीढ़ी जागरूकता है। उन्होंने निवेशकों से किसी भी ऑफर पर भरोसा करने से पहले संबंधित पक्ष की जांच करने और ऐसे दावों से दूर रहने की अपील की, जो असामान्य रूप से ज्यादा या निश्चित रिटर्न का भरोसा देते हैं।
उन्होंने कहा कि रेगुलेटेड मार्केट में भागीदारी बढ़ने के साथ निवेशकों के लिए सही जानकारी रखना और सवाल पूछना पहले से ज्यादा जरूरी हो गया है। उनके मुताबिक, सही काउंटरपार्टी की पहचान, कॉन्ट्रैक्ट नोट हासिल करना और फिक्स्ड रिटर्न वाली संदिग्ध योजनाओं से दूरी बनाना बचत की सुरक्षा में मदद कर सकता है।
कार्यशाला में राजस्थान के कमोडिटी कारोबार के उदाहरण के जरिए यह भी बताया गया कि रेगुलेटेड बाजार में ट्रेडिंग किस तरह होती है। जोधपुर में ग्वार बीज और बीकानेर में मूंगफली जैसे कमोडिटी कारोबार का उदाहरण देते हुए समझाया गया कि रजिस्टर्ड सदस्य, क्लियरिंग कॉरपोरेशन, कॉन्ट्रैक्ट नोट और मान्यता प्राप्त वेयरहाउस जैसे सिस्टम ट्रेडिंग में पारदर्शिता और रिकॉर्ड बनाए रखने में मदद करते हैं।
निवेशकों को यह अंतर भी समझाया गया कि प्राइस प्रोटेक्शन का उद्देश्य निश्चित मुनाफा कमाना नहीं, बल्कि कीमतों में उतार-चढ़ाव से जुड़े जोखिम को मैनेज करना है। किसानों और कारोबारियों के लिए एक्सचेंज आधारित साधन बाजार जोखिम को समझने और संभालने में उपयोगी हो सकते हैं।
निवेशकों को क्या करने की सलाह
केवल एक्सचेंज में रजिस्टर्ड सदस्यों के माध्यम से ही कारोबार करें और उनका रजिस्ट्रेशन जरूर जांचें।
हर ट्रेड का कॉन्ट्रैक्ट नोट और रिस्क डिस्क्लोज़र स्टेटमेंट सुरक्षित रखें।
अकाउंट स्टेटमेंट की नियमित जांच करें और किसी भी गड़बड़ी की तुरंत सूचना दें।
मार्जिन और मार्क-टू-मार्केट से जुड़ी देनदारियों का समय पर भुगतान करें।
किन गलतियों से बचें
सोशल मीडिया या मैसेजिंग ऐप्स पर मिलने वाली अफवाहों और हॉट टिप्स के आधार पर निवेश न करें।
पक्के या गारंटीड रिटर्न का दावा करने वाली योजनाओं से सावधान रहें।
बिना पंजीकरण वाले बिचौलियों या ऑफ-मार्केट सौदों से दूरी रखें।
डब्बा ट्रेडिंग में शामिल न हों और अपनी जोखिम क्षमता से ज्यादा जोखिम न लें।
कार्यशाला का मुख्य संदेश यही रहा कि निवेश में जल्दबाजी के बजाय जानकारी और सावधानी को प्राथमिकता देना जरूरी है। वर्ल्ड इन्वेस्टर वीक 2026 के तहत आयोजित इस पहल के जरिए एनसीडीईएक्स आईपीएफटी ने निवेशकों और किसानों के बीच जागरूकता बढ़ाने तथा रेगुलेटेड बाजार में भरोसे के साथ भागीदारी को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया।



