यूज्ड ऑयल रीसाइक्लिंग पर पेट्रोनास-टाटा मोटर्स की नई पहल
पेट्रोनास लुब्रिकेंट्स इंडिया और टाटा मोटर्स ने यूज्ड ऑटोमोटिव लुब्रिकेंट्स के जिम्मेदार संग्रह और रीसाइक्लिंग के लिए एमओयू किया है। दोनों कंपनियां महाराष्ट्र और तमिलनाडु में पायलट प्रोजेक्ट शुरू करेंगी। इसका उद्देश्य संग्रह से लेकर रीसाइक्लिंग तक पूरी प्रक्रिया को व्यवस्थित और ट्रैक करने योग्य बनाना है, ताकि री-रिफाइंड बेस ऑयल के इस्तेमाल के जरिए सर्कुलर इकोनॉमी को बढ़ावा मिल सके।
- पेट्रोनास लुब्रिकेंट्स इंडिया और टाटा मोटर्स ने यूज्ड ऑयल रीसाइक्लिंग के लिए एमओयू किया।
- महाराष्ट्र और तमिलनाडु में पायलट प्रोजेक्ट के जरिए नया मॉडल परखा जाएगा।
- यूज्ड लुब्रिकेंट्स का संग्रह और रीसाइक्लिंग कर सर्कुलर इकोनॉमी को बढ़ावा देने पर जोर।
Petronas, Tata Motors Partner on Used Oil Recycling : यूज्ड ऑटोमोटिव लुब्रिकेंट्स के बेहतर प्रबंधन की दिशा में पेट्रोनास लुब्रिकेंट्स इंडिया और टाटा मोटर्स ने हाथ मिलाया है। दोनों कंपनियों ने एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसके तहत इस्तेमाल हो चुके लुब्रिकेंट्स के संग्रह, परिवहन और रीसाइक्लिंग के लिए एक व्यवस्थित मॉडल तैयार किया जाएगा।
इस पहल को फिलहाल महाराष्ट्र और तमिलनाडु में पायलट आधार पर लागू किया जाएगा। इसका मकसद ऐसा मॉडल विकसित करना है, जिसे भविष्य में बड़े स्तर पर लागू किया जा सके। पहल भारत में विकसित हो रहे एक्सटेंडेड प्रोड्यूसर रिस्पॉन्सिबिलिटी (EPR) ढांचे और सर्कुलर इकोनॉमी से जुड़े लक्ष्यों के अनुरूप भी है।
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प्रस्तावित व्यवस्था में यूज्ड लुब्रिकेंट्स के संग्रह से लेकर उनके सुरक्षित भंडारण और अधिकृत रीसाइकलर्स तक पहुंचने तक पूरी प्रक्रिया पर नजर रखी जाएगी। पेट्रोनास लुब्रिकेंट्स इंडिया अपने अधिकृत चैनल नेटवर्क के माध्यम से इस्तेमाल किए गए तेल के संग्रह और आवाजाही का पायलट संचालित करेगी। कंपनी यह सुनिश्चित करने पर ध्यान देगी कि एकत्रित तेल पंजीकृत और अधिकृत रीसाइकलर्स तक ही पहुंचे।
दूसरी ओर, टाटा मोटर्स अपने बड़े अधिकृत सर्विस नेटवर्क का इस्तेमाल इस प्रक्रिया को जमीनी स्तर पर मजबूत करने के लिए करेगी। कंपनी के सर्विस इकोसिस्टम से निकलने वाले यूज्ड लुब्रिकेंट्स को व्यवस्थित तरीके से इकट्ठा करने और जिम्मेदारी से आगे भेजने की व्यवस्था विकसित की जाएगी।
पेट्रोनास लुब्रिकेंट्स इंडिया के प्रबंध निदेशक बिनु चांडी ने कहा कि यूज्ड ऑयल में वास्तविक सर्कुलैरिटी तब हासिल होती है, जब रीसाइक्लिंग के बाद तैयार री-रिफाइंड बेस ऑयल को दोबारा फिनिश्ड लुब्रिकेंट्स के उत्पादन में इस्तेमाल किया जाए। उनके मुताबिक, टाटा मोटर्स के साथ यह साझेदारी यूज्ड ऑयल के लिए एक ऐसे मॉडल की दिशा में कदम है, जिसे आगे विस्तार दिया जा सकता है।
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टाटा मोटर्स के स्पेयर्स एवं नॉन-व्हीकल बिजनेस प्रमुख विक्रम अग्रवाल ने कहा कि सस्टेनेबिलिटी और सर्कुलर इकोनॉमी कंपनी की कार्यप्रणाली का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। उनके अनुसार, पेट्रोनास के साथ साझेदारी के जरिए यूज्ड लुब्रिकेंट्स के संग्रह, रिकवरी और रीसाइक्लिंग के लिए एक व्यावहारिक ढांचा तैयार करने की कोशिश की जा रही है।
इस मॉडल के सफल होने पर यूज्ड लुब्रिकेंट्स को उच्च गुणवत्ता वाले री-रिफाइंड बेस ऑयल में बदलने की प्रक्रिया को बढ़ावा मिल सकता है। इससे संसाधनों के दोबारा इस्तेमाल की संभावना बढ़ेगी और इस्तेमाल किए गए तेल से जुड़े पर्यावरणीय जोखिम को कम करने में भी मदद मिल सकती है। दोनों कंपनियां पायलट के अनुभव के आधार पर इस मॉडल को भविष्य में व्यापक स्तर पर लागू करने की संभावनाएं तलाशेंगी।



