पोर्श इंडिया का बाय-बैक प्लान, कार की कीमत पर भरोसा
पोर्श इंडिया ने ग्राहकों के लिए अश्योर्ड बाय-बैक प्रोग्राम पेश किया है, जिसके तहत चुनिंदा मॉडलों की भविष्य की पुनर्विक्रय कीमत पहले से तय होगी। कंपनी का कहना है कि इससे कार खरीदने वालों को बाजार में कीमतों के उतार-चढ़ाव से राहत मिलेगी और तीन साल बाद वाहन बदलने या नई पोर्श खरीदने की योजना बनाना आसान होगा।
- पोर्श इंडिया बाय-बैक प्रोग्राम से कार की भविष्य की कीमत पहले से तय होगी।
- अश्योर्ड बाय-बैक में तीन साल बाद तय पुनर्विक्रय मूल्य का लाभ मिलेगा।
- पोर्श कार खरीदारों को कीमत में उतार-चढ़ाव से वित्तीय सुरक्षा मिलेगी।
Porsche India Launches Assured Buy-Back Program : भारत में लग्जरी कार खरीदने वालों के लिए वाहन की भविष्य की कीमत एक अहम पहलू होती है। इसी को ध्यान में रखते हुए पोर्श इंडिया ने नया अश्योर्ड बाय-बैक प्रोग्राम शुरू किया है। कंपनी ने इस पहल के लिए अपनी पसंदीदा साझेदार कंपनी के साथ रणनीतिक सहयोग किया है।
इस योजना का मकसद ग्राहकों को कार खरीदते समय ही उसके भविष्य के मूल्य को लेकर स्पष्टता देना है। कंपनी के मुताबिक, कार्यक्रम के तहत पात्र ग्राहकों को वाहन की बिक्री रसीद की तारीख से तीन साल की अवधि पूरी होने पर पहले से तय बाय-बैक मूल्य का लाभ मिलेगा।
पोर्श इंडिया के अनुसार, कुछ मामलों में कार खरीदने के 36 महीने बाद वाहन की मूल कीमत के 70 प्रतिशत तक गारंटीकृत बाय-बैक मूल्य उपलब्ध कराया जाएगा। हालांकि, यह सुविधा लागू नियमों और निर्धारित शर्तों के अधीन होगी।
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अश्योर्ड बाय-बैक योजना फिलहाल निजी ग्राहकों के लिए Cayenne, Macan Electric और Taycan जैसे चुनिंदा पोर्श मॉडल पर उपलब्ध है। योजना के जरिए ग्राहक को भविष्य में कार बेचने पर मिलने वाली कीमत को लेकर अनिश्चितता कम करने की कोशिश की गई है।
कंपनी का मानना है कि पुनर्विक्रय बाजार में कीमतों में बदलाव से ग्राहक के वित्तीय फैसले प्रभावित हो सकते हैं। ऐसे में पहले से तय मूल्य उन्हें कार के स्वामित्व की कुल लागत और भविष्य की खरीदारी का बजट बेहतर तरीके से समझने में मदद कर सकता है।
पोर्श इंडिया के प्रमुख आशुतोष दीक्षित ने कहा कि अश्योर्ड बाय-बैक योजना ग्राहकों को मानसिक शांति देने के साथ-साथ पोर्श के साथ उनकी यात्रा को अधिक सुविधाजनक और लचीला बनाने में मदद करेगी। उन्होंने कहा कि कंपनी कार खरीदने के साथ-साथ पूरी स्वामित्व अवधि के दौरान ग्राहकों के अनुभव को बेहतर बनाने वाले समाधान देने पर जोर दे रही है।
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यह प्रोग्राम पोर्श इंडिया की ग्राहक-केंद्रित सेवाओं का विस्तार भी माना जा रहा है। कंपनी के लिए इसका उद्देश्य सिर्फ नई कार की बिक्री तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्राहक के पूरे ओनरशिप अनुभव को आसान बनाना भी है।



