जयपुर में PowerConnect 2026, राजस्थान की ग्रीन एनर्जी साझेदारी को मिली नई रफ्तार

जयपुर में आयोजित विक्रम सोलर के 'पावरकनेक्ट 2026' कार्यक्रम ने राजस्थान के रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर से जुड़े उद्योग प्रतिनिधियों, डेवलपर्स और निवेशकों को एक मंच पर लाकर भविष्य की ऊर्जा जरूरतों, नई सोलर तकनीकों, बैटरी स्टोरेज और क्लीन एनर्जी परियोजनाओं पर चर्चा का अवसर दिया। कार्यक्रम में साझेदारी मजबूत करने और निवेश बढ़ाने पर विशेष जोर रहा।

  • PowerConnect 2026 में राजस्थान के 120 से अधिक रिन्यूएबल एनर्जी विशेषज्ञ शामिल हुए।
  • विक्रम सोलर ने नई एन-टाइप सोलर मॉड्यूल और स्टोरेज सॉल्यूशन पेश किए।
  • राजस्थान के क्लीन एनर्जी लक्ष्यों को लेकर उद्योग जगत ने सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की।

PowerConnect 2026 Brings Rajasthan Renewable Energy Leaders Together : राजस्थान में रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर तेजी से विस्तार कर रहा है और इसी दिशा में उद्योग जगत को एक मंच पर लाने के उद्देश्य से विक्रम सोलर ने जयपुर में ‘पावरकनेक्ट 2026’ के पहले संस्करण का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में राज्य के 120 से अधिक उद्योग प्रतिनिधियों ने भाग लेकर ऊर्जा क्षेत्र के भविष्य पर विचार साझा किए।

कार्यक्रम के दौरान कंपनी ने अपनी अत्याधुनिक एन-टाइप सोलर मॉड्यूल तकनीक, बढ़ती विनिर्माण क्षमता और सोलर-प्लस-स्टोरेज समाधान का प्रदर्शन किया। कंपनी का कहना है कि बदलती ऊर्जा जरूरतों के अनुरूप अधिक दक्ष और भरोसेमंद समाधान उपलब्ध कराना उसकी प्राथमिकता है।

यह भी पढ़ें : England ODI सीरीज में Team India की बड़ी अग्निपरीक्षा, Shubman Gill पर रहेंगी निगाहें

इस आयोजन में ईपीसी कंपनियों, स्वतंत्र बिजली उत्पादकों (आईपीपी), वाणिज्यिक एवं औद्योगिक संस्थानों, परियोजना डेवलपर्स, वित्तीय संस्थानों और अन्य प्रमुख हितधारकों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। नेटवर्किंग के साथ-साथ विभिन्न तकनीकी और व्यावसायिक विषयों पर भी विस्तृत चर्चा हुई।

चर्चा के प्रमुख विषयों में प्रधानमंत्री-कुसुम योजना के अवसर, सीएंडआई सोलर बाजार का विस्तार, बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली (बीईएसएस) की बढ़ती उपयोगिता और भारत के क्लीन एनर्जी मिशन को गति देने वाली आधुनिक सोलर तकनीकों को अपनाने पर विशेष फोकस रहा।

राजस्थान फिलहाल स्वच्छ ऊर्जा परिवर्तन के महत्वपूर्ण दौर से गुजर रहा है। राज्य सरकार ने वर्ष 2029-30 तक 115 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता और 10 गीगावाट बैटरी स्टोरेज विकसित करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। वर्तमान में प्रदेश में 42.5 गीगावाट से अधिक सोलर क्षमता स्थापित हो चुकी है और अब ट्रांसमिशन नेटवर्क व ऊर्जा भंडारण ढांचे को मजबूत करने पर तेजी से काम किया जा रहा है।

यह भी पढ़ें : Lock Upp 2 में Akansha Chamola और Pamela Serene की बढ़ती नजदीकियां बनी चर्चा का विषय

इसी को ध्यान में रखते हुए विक्रम सोलर राज्य में डेवलपर्स, ईपीसी कंपनियों और औद्योगिक ग्राहकों के साथ अपनी भागीदारी को लगातार मजबूत कर रहा है। कंपनी का उद्देश्य उन्नत तकनीक और बेहतर उत्पादन क्षमता के जरिए राजस्थान की बढ़ती ऊर्जा मांग को पूरा करने में सहयोग देना है।

कार्यक्रम के दौरान कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि ऊर्जा परिवर्तन की रफ्तार बढ़ाने के लिए उद्योग जगत के बीच मजबूत साझेदारी बेहद जरूरी है। उन्होंने भरोसेमंद और उच्च गुणवत्ता वाले सोलर समाधान उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता भी दोहराई।

कार्यक्रम का समापन इंटरैक्टिव नेटवर्किंग सत्र के साथ हुआ, जहां प्रतिभागियों ने नए कारोबारी अवसरों पर चर्चा की, अनुभव साझा किए और भविष्य में सहयोग की संभावनाओं को मजबूत करने पर सहमति जताई।

Related Articles

Back to top button