पर्पल स्टाइल लैब्स IPO में ये जोखिम भारी
पर्पल स्टाइल लैब्स का 680 करोड़ रुपये का आईपीओ निवेशकों के लिए खुल चुका है। कंपनी की आरएचपी के मुताबिक, बढ़ता घाटा, कर्ज का दबाव और महिलाओं के कपड़ों के कारोबार पर अधिक निर्भरता प्रमुख जोखिम हैं। इसके अलावा ब्रांड लाइसेंस, डिजाइनरों की कीमत तय करने की भूमिका और विस्तार से जुड़े जोखिम भी निवेशकों के लिए अहम माने जा रहे हैं।
- पर्पल स्टाइल लैब्स IPO में बढ़ता घाटा और कर्ज बड़ी चिंता बने हैं।
- महिलाओं के कपड़ों पर कंपनी की भारी निर्भरता कारोबार के लिए जोखिम है।
- 680 करोड़ रुपये IPO में 546-575 रुपये का प्राइस बैंड तय किया गया है।
Purple Style Labs IPO: Key Risks: नई दिल्ली। फैशन कंपनी पर्पल स्टाइल लैब्स का आईपीओ निवेशकों के लिए खुल गया है। कंपनी की ओर से दाखिल रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (RHP) में कारोबार से जुड़े कई जोखिमों का उल्लेख किया गया है। इनमें लगातार बढ़ता घाटा, कर्ज में तेज वृद्धि और महिलाओं के फैशन कारोबार पर निर्भरता प्रमुख हैं।
कंपनी की वित्तीय स्थिति पर नजर डालें तो वित्त वर्ष 2025-26 में उसका कंसोलिडेटेड घाटा बढ़कर 285.40 करोड़ रुपये हो गया। इससे पिछले वित्त वर्ष में यह 188.38 करोड़ रुपये था, जबकि वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को 47.71 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था। यानी आय बढ़ने के बावजूद कंपनी का घाटा कम होने के बजाय बढ़ा है।
वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी की कुल आय 567.07 करोड़ रुपये रही, जो वित्त वर्ष 2024-25 के 494 करोड़ रुपये से अधिक है। हालांकि, इसी दौरान EBITDA 41.99 करोड़ रुपये से घटकर 30.37 करोड़ रुपये रह गया। यह संकेत देता है कि कारोबार बढ़ने के बावजूद परिचालन स्तर पर दबाव बना हुआ है।
कर्ज का आंकड़ा भी निवेशकों का ध्यान खींचता है। 31 मार्च 2026 तक कंपनी का कुल कर्ज 371.40 करोड़ रुपये पहुंच गया था। वित्त वर्ष 2024-25 में यह 112.79 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2023-24 में 116.33 करोड़ रुपये था। ऐसे में बढ़ता कर्ज कंपनी के लिए वित्तीय जोखिम को बढ़ा सकता है।
महिलाओं के फैशन पर ज्यादा निर्भरता
कंपनी के कारोबार में महिलाओं के कपड़ों की बड़ी भूमिका है। वित्त वर्ष 2025-26 में ‘पर्नियाज पॉप-अप शॉप’ के कुल ग्रॉस मर्चेंडाइज वैल्यू (GMV) में महिलाओं के कपड़ों की हिस्सेदारी 77.7 प्रतिशत थी।
आरएचपी में कंपनी ने खुद माना है कि ग्राहकों की पसंद में बदलाव, मांग कमजोर पड़ने या फैशन ट्रेंड का सही अनुमान नहीं लगा पाने की स्थिति में कारोबार प्रभावित हो सकता है। फैशन इंडस्ट्री में ट्रेंड तेजी से बदलते हैं, इसलिए किसी एक कैटेगरी पर अधिक निर्भरता बिक्री और मुनाफे के लिए चुनौती बन सकती है।
कंपनी के सामने बौद्धिक संपदा यानी Intellectual Property से जुड़ा जोखिम भी है। आरएचपी के मुताबिक, उसे पर्निया कुरैशी और एक विक्रेता की ओर से नोटिस मिला है, जिसमें ‘पर्नियाज पॉप-अप शॉप’ ब्रांड से संबंधित कुछ अधिकारों वाले लाइसेंस समझौते को समाप्त करने की मांग की गई है।
इसके अलावा नए स्टोर खोलने, अंतरराष्ट्रीय बाजारों में विस्तार करने और प्रीमियम ब्रांड्स को कारोबार से जोड़ने की रणनीति में भी कई तरह के जोखिम हैं। विस्तार के लिए पूंजी, संचालन क्षमता और बाजार की मांग का सही आकलन जरूरी होगा।
एक और चुनौती डिजाइनर ब्रांड्स के साथ किए गए समझौतों से जुड़ी है। कंपनी के मुताबिक, कई मामलों में उत्पाद की कीमत डिजाइनर ब्रांड खुद तय करते हैं। साथ ही कई समझौते गैर-विशिष्ट (Non-exclusive) हैं। इसका मतलब है कि डिजाइनर अन्य प्लेटफॉर्म के जरिए या सीधे ग्राहकों को भी अपने उत्पाद बेच सकते हैं।
680 करोड़ रुपये का है IPO
पर्पल स्टाइल लैब्स के आईपीओ का कुल आकार 680 करोड़ रुपये है। यह पूरी तरह से 1.18 करोड़ नए शेयरों के इश्यू पर आधारित है। कंपनी ने इश्यू के लिए 546 से 575 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है।
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आईपीओ 2 सितंबर तक खुला रहने की जानकारी दी गई है। कंपनी के शेयरों को एनएसई और बीएसई, दोनों प्रमुख स्टॉक एक्सचेंजों पर सूचीबद्ध करने का प्रस्ताव है। संभावित लिस्टिंग तारीख 7 सितंबर बताई गई है।
निवेशकों के लिए कंपनी की बढ़ती आय एक सकारात्मक पहलू हो सकती है, लेकिन आईपीओ से जुड़े फैसले में घाटे, कर्ज, कारोबार की एकाग्रता और ब्रांड से जुड़े जोखिमों को नजरअंदाज करना आसान नहीं होगा। आरएचपी में दर्ज जोखिमों को समझकर ही निवेश संबंधी फैसला लेना महत्वपूर्ण रहेगा।



