अक्टूबर में रेलवे की टिकट चेकिंग, यात्रियों के लिए जरूरी नियम
सेंट्रल रेलवे 1 से 31 अक्टूबर तक टिकट चेकिंग अभियान चलाने जा रहा है। इस दौरान रियायती टिकट, रिजर्वेशन कोटा, रेलवे पास और ग्रुप बुकिंग की जांच होगी। यात्रियों को वैध टिकट के साथ ओरिजिनल पहचान पत्र रखने की सलाह दी गई है। बिना जरूरी दस्तावेज यात्रा करने वालों पर रेलवे नियमों के मुताबिक कार्रवाई और अतिरिक्त शुल्क लगाया जा सकता है।
- 🚆 टिकट चेकिंग अभियान: 1 से 31 अक्टूबर तक सेंट्रल रेलवे में जांच।
- 🪪 वैध पहचान पत्र: रियायती टिकट और रिजर्वेशन कोटा यात्रियों को ओरिजिनल ID रखनी होगी।
- 💰 रेलवे जुर्माना: बिना टिकट या अनधिकृत यात्रा पर न्यूनतम जुर्माना 500 रुपये।
Railways to Conduct Ticket Checking Drive in October: नई दिल्ली: ट्रेन से सफर करने वाले यात्रियों के लिए अक्टूबर में टिकट और पहचान पत्र से जुड़े नियमों पर विशेष ध्यान देना जरूरी होगा। सेंट्रल रेलवे ने 1 से 31 अक्टूबर तक टिकट चेकिंग अभियान चलाने की जानकारी दी है। इस दौरान रेलवे स्टेशनों के साथ लोकल ट्रेनों में भी टिकटों और यात्रियों की पात्रता की जांच की जाएगी।
अभियान के दौरान खास तौर पर रियायती टिकट, निर्धारित रिजर्वेशन कोटा, रेलवे पास और ग्रुप बुकिंग की जांच पर जोर रहेगा। रेलवे के मुताबिक, ऐसे टिकटों पर यात्रा करने वाले यात्रियों को अपनी पात्रता साबित करने के लिए निर्धारित ओरिजिनल पहचान पत्र साथ रखना होगा।
यात्रियों के लिए यह भी जरूरी है कि वे केवल फोन में सेव पहचान पत्र की तस्वीर या उसकी फोटोकॉपी के भरोसे यात्रा न करें। जांच के समय मूल दस्तावेज मांगा जा सकता है।
मान्य पहचान पत्रों में आधार कार्ड, पासपोर्ट, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, वोटर आईडी और सरकारी फोटो पहचान पत्र शामिल हैं। इसके अलावा स्टूडेंट आईडी, फोटो वाली बैंक पासबुक और लैमिनेटेड फोटो वाला बैंक क्रेडिट कार्ड भी निर्धारित पहचान दस्तावेजों में शामिल हैं।
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टिकट चेकिंग स्टाफ जरूरत पड़ने पर टीटीई ऐप के जरिए टिकट की प्रामाणिकता की जांच कर सकता है। इसमें बिना रिजर्वेशन वाले टिकट भी शामिल हो सकते हैं। रियायती टिकट या किसी विशेष रिजर्वेशन कोटे के तहत यात्रा करने वाले यात्रियों से उनकी पात्रता से जुड़े दस्तावेज भी मांगे जा सकते हैं।
रेलवे पास या प्रिविलेज टिकट ऑर्डर (PTO) के जरिए यात्रा करने वाले यात्रियों को भी अपना मूल पहचान पत्र साथ रखना होगा। साथ ही, उन्हें यह सुनिश्चित करना होगा कि यात्रा शुरू होने से पहले ई-पास या PTO को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार ‘Authority to Travel’ में बदल लिया गया हो।
ग्रुप रिजर्वेशन कराने वाले यात्रियों को भी पात्रता से जुड़े जरूरी दस्तावेज प्रस्तुत करने पड़ सकते हैं। एक से ज्यादा यात्रियों के लिए टिकट बुक होने की स्थिति में कम से कम एक यात्री के पास निर्धारित मूल पहचान पत्र होना जरूरी बताया गया है।
रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे सफर के दौरान वैध टिकट और जरूरी दस्तावेज अपने साथ रखें। टिकट चेकिंग स्टाफ के साथ सहयोग करने से जांच प्रक्रिया को सुचारू रूप से पूरा करने में मदद मिलेगी।
अगर कोई यात्री अपनी पात्रता साबित नहीं कर पाता या जरूरी दस्तावेज उपलब्ध नहीं करा पाता, तो उसके खिलाफ लागू रेलवे नियमों के तहत कार्रवाई की जा सकती है। ऐसी स्थिति में यात्री को अतिरिक्त शुल्क भी देना पड़ सकता है।
इसके अलावा, जन विश्वास (प्रावधानों में संशोधन) अधिनियम, 2026 के तहत 20 जून 2026 से बिना टिकट या अनधिकृत तरीके से यात्रा करने पर न्यूनतम जुर्माने में बदलाव किया गया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, न्यूनतम जुर्माना 250 रुपये से बढ़ाकर 500 रुपये किया गया है।
रेलवे का यह अभियान यात्रियों को यात्रा से पहले अपने टिकट, पहचान पत्र और संबंधित दस्तावेजों की जांच कर लेने की जरूरत को भी रेखांकित करता है। खासकर रियायती टिकट, विशेष कोटा, रेलवे पास और ग्रुप बुकिंग वाले यात्रियों को सफर से पहले अपनी पात्रता से जुड़े मूल दस्तावेज तैयार रखने होंगे।



