SBI Funds Management का ₹9,812 करोड़ का IPO खुला, जानें निवेश से जुड़ी अहम बातें

देश की सबसे बड़ी एसेट मैनेजमेंट कंपनी एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट का 9,812.91 करोड़ रुपये का आईपीओ निवेशकों के लिए खुल गया है। 16 जुलाई तक इसमें आवेदन किया जा सकता है। कंपनी के शेयर 21 जुलाई को बीएसई और एनएसई पर सूचीबद्ध हो सकते हैं। आईपीओ में कर्मचारियों को विशेष छूट भी दी गई है।

  • SBI Funds Management IPO में 16 जुलाई तक लगा सकते हैं बोली।
  • IPO का प्राइस बैंड 545 से 574 रुपये प्रति शेयर तय।
  • 21 जुलाई को शेयर बाजार में संभावित लिस्टिंग की तैयारी।

SBI Funds Management Launches ₹9,812 Crore IPO: नई दिल्ली। देश की सबसे बड़ी एसेट मैनेजमेंट कंपनी एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट का बहुप्रतीक्षित 9,812.91 करोड़ रुपये का आईपीओ मंगलवार को निवेशकों के लिए खुल गया। यह कंपनी स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) और एमुंडी इंडिया का संयुक्त उपक्रम है। निवेशक इस सार्वजनिक निर्गम में 16 जुलाई तक आवेदन कर सकते हैं, जबकि शेयरों की संभावित लिस्टिंग 21 जुलाई को बीएसई और एनएसई पर होने की उम्मीद है।

आईपीओ के पहले दिन दोपहर तक निवेशकों की अच्छी रुचि देखने को मिली और इश्यू करीब 22 प्रतिशत सब्सक्राइब हो गया। शेयरों का प्राइस बैंड 545 से 574 रुपये प्रति शेयर रखा गया है। न्यूनतम निवेश के लिए 26 शेयरों का एक लॉट निर्धारित किया गया है, जिसके लिए करीब 14,924 रुपये की आवश्यकता होगी। खुदरा निवेशक अधिकतम 13 लॉट यानी 338 शेयरों के लिए आवेदन कर सकते हैं।

इस इश्यू की खास बात यह है कि इसमें कोई नया शेयर जारी नहीं किया जा रहा। पूरा आईपीओ ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिए लाया गया है, जिसके तहत कुल 17.09 करोड़ से अधिक शेयर बेचे जा रहे हैं। इनमें सबसे बड़ा हिस्सा एसबीआई और एमुंडी इंडिया होल्डिंग की ओर से ऑफलोड किया जा रहा है।

कंपनी ने आईपीओ खुलने से पहले एंकर निवेशकों से 2,662.96 करोड़ रुपये जुटाए। इस प्रक्रिया में मॉर्गन स्टैनले, ब्लैकरॉक, गोल्डमैन सैक्स, अबूधाबी इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी, सिटीग्रुप और गवर्नमेंट ऑफ सिंगापुर जैसे वैश्विक संस्थागत निवेशकों ने हिस्सा लिया। वहीं, देश के कई प्रमुख म्यूचुअल फंड हाउसों ने भी इस इश्यू में निवेश किया है।

एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट और एसबीआई के कर्मचारियों को प्रत्येक शेयर पर 54 रुपये की छूट दी गई है। हालांकि, एसबीआई के मौजूदा शेयरधारकों के लिए अलग से किसी विशेष रियायत का प्रावधान नहीं रखा गया है।

यह भी पढ़ें:अफगान महिला क्रिकेटर्स को ICC का बड़ा सहारा, 2030 तक तैयार होगा नया रोडमैप

आईपीओ में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए 45.23 प्रतिशत हिस्सा आरक्षित किया गया है। इसके अलावा 31.66 प्रतिशत हिस्सा रिटेल निवेशकों, 13.57 प्रतिशत नॉन-इंस्टीट्यूशनल निवेशकों (NII), 1.91 प्रतिशत कर्मचारियों और 7.64 प्रतिशत मौजूदा शेयरधारकों के लिए सुरक्षित रखा गया है।

वित्तीय प्रदर्शन की बात करें तो पिछले तीन वर्षों में कंपनी ने लगातार मजबूत वृद्धि दर्ज की है। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी का शुद्ध लाभ 2,072.79 करोड़ रुपये था, जो 2024-25 में बढ़कर 2,540.15 करोड़ रुपये और 2025-26 में 3,067.38 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। इसी अवधि में कंपनी का कुल राजस्व भी 3,426.08 करोड़ रुपये से बढ़कर 4,976.11 करोड़ रुपये हो गया।

कंपनी का EBITDA भी लगातार मजबूत हुआ है और 2025-26 में 4,058.44 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। हालांकि, पिछले वित्त वर्ष में कंपनी की नेटवर्थ में कुछ गिरावट दर्ज की गई, लेकिन मुनाफे और राजस्व में लगातार बढ़ोतरी ने इसके कारोबारी प्रदर्शन को मजबूती दी है।

इस आईपीओ के लिए कोटक महिंद्रा कैपिटल कंपनी लिमिटेड को बुक रनिंग लीड मैनेजर और केफिन टेक्नोलॉजीज लिमिटेड को रजिस्ट्रार नियुक्त किया गया है।

Related Articles

Back to top button