सीतारमण की जॉर्जीवा से मुलाकात, भारत की ग्रोथ पर चर्चा
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आईएमएफ प्रमुख क्रिस्टालिना जॉर्जीवा के साथ वैश्विक अर्थव्यवस्था और भारत की विकास रफ्तार पर चर्चा की। बैठक में भारत के मजबूत आर्थिक आधार, संरचनात्मक सुधारों और उभरती अर्थव्यवस्थाओं की संस्थागत क्षमता बढ़ाने जैसे मुद्दे प्रमुख रहे। दोनों पक्षों ने भारत-आईएमएफ सहयोग को आगे मजबूत करने पर भी जोर दिया।
- निर्मला सीतारमण: आईएमएफ प्रमुख क्रिस्टालिना जॉर्जीवा से अहम मुलाकात।
- वैश्विक अर्थव्यवस्था: मौजूदा आर्थिक परिस्थितियों और भारत की ग्रोथ पर बातचीत।
- भारत-आईएमएफ सहयोग: मैक्रो-इकोनॉमिक नीति और संस्थागत क्षमता मजबूत करने पर जोर।
Sitharaman Meets IMF Chief, Discusses India’s Growth : केंद्रीय वित्त एवं कॉर्पोरेट मामलों की मंत्री निर्मला सीतारमण ने आईएमएफ की प्रबंध निदेशक क्रिस्टालिना जॉर्जीवा से मुलाकात कर वैश्विक अर्थव्यवस्था और भारत की मौजूदा विकास स्थिति पर विचार-विमर्श किया।

वित्त मंत्रालय के मुताबिक यह बैठक मंगलवार को एशविले में जी20 सदस्य देशों के वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक गवर्नरों की बैठक से इतर हुई। इस दौरान भारत के मुख्य आर्थिक सलाहकार डॉ. वी. अनंत नागेश्वरन सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।
बैठक में जॉर्जीवा ने भारतीय अर्थव्यवस्था के मजबूत प्रदर्शन की सराहना की। उन्होंने भारत की आर्थिक मजबूती और अब तक के प्रदर्शन को उल्लेखनीय बताया। बातचीत में देश में जारी संरचनात्मक बदलावों और उनके प्रभाव को आर्थिक आकलन तथा विकास अनुमानों में उचित तरीके से शामिल करने की जरूरत पर भी चर्चा हुई।
यह भी पढ़ें : तकनीक के जंगल में खो सकती है भाषाई विरासत!
सीतारमण ने भारत की मजबूत मैक्रो-इकोनॉमिक स्थिति का उल्लेख करते हुए तथ्य और आंकड़ों पर आधारित निगरानी व्यवस्था के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि ऐसा ढांचा उभरते बाजारों और विकासशील अर्थव्यवस्थाओं में हो रहे संरचनात्मक बदलावों को बेहतर तरीके से समझने में मदद करता है।
दोनों नेताओं ने आईएमएफ की क्षमता विकास पहलों पर भी विचार किया। इनमें उभरते बाजारों और विकासशील देशों में संस्थागत क्षमता बढ़ाने, मैक्रो-इकोनॉमिक नीति निर्माण को बेहतर करने और सांख्यिकीय प्रणालियों को मजबूत बनाने के लिए सहयोग शामिल है।



