डीजल-एटीएफ पर विंडफॉल टैक्स घटा
केंद्र सरकार ने डीजल और एविएशन टरबाइन फ्यूल यानी एटीएफ के निर्यात पर लगने वाले विंडफॉल टैक्स में एक बार फिर कटौती की है। संशोधित दरें 1 अक्टूबर से लागू हो गई हैं। पेट्रोल के निर्यात पर शुल्क में कोई बदलाव नहीं किया गया है। नई व्यवस्था फिलहाल दो सप्ताह के लिए लागू रहेगी, जबकि सितंबर से डीजल और एटीएफ पर टैक्स में लगातार कटौती की जा चुकी है।
- विंडफॉल टैक्स में डीजल और एटीएफ के निर्यात पर बड़ी कटौती की गई।
- डीजल टैक्स 20 रुपये से घटकर 16 रुपये प्रति लीटर हुआ।
- एटीएफ टैक्स 15 रुपये से घटकर 10.50 रुपये प्रति लीटर हुआ।
Windfall Tax Cut on Diesel, ATF: केंद्र सरकार ने डीजल और एटीएफ के निर्यात पर अप्रत्याशित लाभ कर यानी विंडफॉल टैक्स को कम कर दिया है। वित्त मंत्रालय की ओर से जारी अधिसूचना के मुताबिक संशोधित दरें 1 अक्टूबर से प्रभावी हो गई हैं। वहीं, पेट्रोल के निर्यात पर लगने वाले शुल्क को पहले की तरह ही रखा गया है।
नई व्यवस्था के तहत डीजल के निर्यात पर शुल्क में 4 रुपये प्रति लीटर की कमी की गई है। इसके बाद डीजल पर निर्यात शुल्क 20 रुपये से घटकर 16 रुपये प्रति लीटर रह गया है। एटीएफ के मामले में 4.50 रुपये प्रति लीटर की कटौती हुई है और नया शुल्क 10.50 रुपये प्रति लीटर हो गया है।
पेट्रोल के निर्यात पर सरकार ने कोई बदलाव नहीं किया है। इसके लिए शुल्क 0.5 रुपये प्रति लीटर की मौजूदा दर पर ही बना रहेगा। संशोधित शुल्क फिलहाल दो सप्ताह की अवधि के लिए लागू किया गया है।
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विंडफॉल टैक्स में यह लगातार होने वाली कटौती में से एक है। इससे पहले 16 सितंबर को भी सरकार ने डीजल और एटीएफ पर शुल्क कम किया था। उस समय डीजल पर 5 रुपये और एटीएफ पर 4 रुपये प्रति लीटर की कटौती की गई थी। इसके बाद डीजल का शुल्क 20 रुपये और एटीएफ का शुल्क 15 रुपये प्रति लीटर हो गया था।
अगर 1 सितंबर से अब तक की कटौती देखें तो डीजल के निर्यात शुल्क में कुल 9 रुपये प्रति लीटर की कमी हो चुकी है। इसी अवधि में एटीएफ पर शुल्क 8.50 रुपये प्रति लीटर घटाया गया है। ताजा संशोधन के बाद दोनों ईंधनों पर निर्यात शुल्क एक बार फिर नीचे आया है।



