चीन-ताइवान में बढ़ रहा विवाद

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चीन-ताइवान

चीन ने शुरू किया सैन्य अभ्यास, ताइपे ने कहा-हम जंग के लिए तैयार

चीन और ताइवान के बीच विवाद बढ़ता ही जा रहा है। अमेरिकी संसद की स्पीकर नैंसी पेलोसी की ताइवान से लौटते ही चीन और एग्रेसिव हो गया है। गुरुवार को चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी ने ताइवान के ईदगिर्द 6 इलाकों में सैन्य अभ्यास शुरू कर दिया। चीन ने ताइवान के उत्तर-पूर्व और दक्षिण-पश्चिमी तट के पास कई बालिस्टिक मिसाइल लॉन्च की हैं।

चीन ने इस मिलिट्री एक्सरसाइज को लाइव फाइरिंग नाम दिया है। चीन के सरकारी मीडिया के मुताबिक, यह मिलिट्री ड्रिल ताइवानी तट से सिर्फ 16 किमी दूर की जा रही है। इसमें असली हथियारों और गोला-बारूद का इस्तेमाल किया जा रहा है। यह एक्सरसाइज 7 अगस्त तक चलेगी। चीन पहले यह ड्रिल ताइवान से करीब 100 किमी दूर करता था। लेकिन नैंसी के दौरे के बाद अब बेहद नजदीक पहुंच गया है।

हम जंग नहीं चाहते-ताइवान

पीएलए ईस्टर्न थिएटर कमांड के प्रवक्ता सीनियर कर्नल शी यी ने कहा- लंबी दूरी तक मार करने वाले हथियारों की टेस्टिंग की जाएगी। मिसाइल का भी टेस्ट होगा। उधर, ताइपे ने कहा कि वह चीन की हर हरकत पर नजर रखे हैं। ताइवान के रक्षा मंत्रालय ने कहा- हम किसी तरह का तनाव नहीं चाहते। देश ऐसी स्थिति के खिलाफ है, जिससे विवाद पैदा हो। हम जंग नहीं चाहते लेकिन जंग के लिए तैयार रहेंगे।

ताइवान के दक्षिण-पूर्व में दिखा जहाज

वेस्टर्न पैसेफिक की फिलिपींस सी में अमेरिकी नेवी का पोत दिखाई दिया है। जहां ये पोत दिखा है वह ताइवान का दक्षिणपूर्वी इलाका है। नेवी ने बताया कि स्स् रोनाल्ड रीगन पोत वहां रेगुलर पेट्रोलिंग कर रहा है।

ग्लोबल सप्लाई चेन पर होगा असर

चीन ताइवान के आस-पास समुद्र में मिलिट्री ड्रील कर रहा है। ये इलाका काफी बिजी शिपिंग रूट है। इसी रास्ते से सेमीकंडक्टर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक इक्यिपमेंट्स दुनियाभर में भेजे जाते हैं। नैचुरल गैस सप्लाई के लिए भी ये सी-रूट महत्वपूर्ण है। दुनिया के लगभग आधी कंटेनर शिप इसी रास्ते से निकलती हैं। ऐसे में चीन के यहां मिलिट्री एक्सरसाइज करने से शिप को आने-जाने से रोका जा सकता है। चीन के फाइटर जेट्स ताइवान के डिफेंस जोन में घुसे थे। नैंसी पेलोसी के ताइवान से लौटते ही 3 अगस्त को चीन के 27 फाइटर जेट्स ताइवान के एयर डिफेंस जोन में घुस गए थे।

फाइटर जेट्स ने पेलोसी को दिया था सिक्योरिटी कवर

नैंसी पेलोसी की ताइवान विजिट को लेकर स् और चीन के बीच तनाव बना हुआ था। चीन अमेरिका को धमकी दे रहा था। वो नहीं चाहता था कि पेलोसी ताइवान का दौरा करें। इसी बीच 2 अगस्त को नैंसी ताइवान पहुंच गईं। चीन ने कहा था कि अगर पेलोसी का प्लेन ताइवान की तरफ गया तो वो उस पर हमला कर देगा। इस धमकी के बाद अमेरिकी नेवी और एयरफोर्स के 24 एडवांस्ड फाइटर जेट्स ने नैंसी के प्लेन को एस्कॉर्ट किया था।

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