मिलावटखोरों में भय पैदा करने के लिए लगातार चले ‘शुद्ध के लिए युद्ध’ अभियान: मुख्यमंत्री

जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि ’शुद्ध के लिए युद्ध’ अभियान लगातार चलाया जाए ताकि मिलावटखोरों में भय पैदा हो। उन्होंने कहा कि शुद्ध खाद्य उत्पाद प्राप्त करना नागरिकों का अधिकार है और खाद्य पदाथोर्ं की शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए संबंधित विभाग इसमें सक्रिय भूमिका निभाएं। 

गहलोत सोमवार को मुख्यमंत्री निवास पर ‘शुद्ध के लिए युद्ध’ अभियान की समीक्षा बैठक को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने मिलावटखोरों पर कार्रवाई करने वाले खाद्य एवं आपूर्ति विभाग तथा चिकित्सा विभाग के बेहतर समन्वय पर जोर दिया। साथ ही, अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए प्रदेश के सभी जिलों में प्रयोगशालाएं स्थापित करने एवं मिलावट की रोकथाम के लिए स्थापित खाद्य निदेशालय में खाद्य सुरक्षा आयुक्त की शीघ्र नियुक्ति के निर्देश दिए। शासन सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य श्री वैभव गालरिया ने बताया कि नवंबर, 2020 में चलाए गए शुद्ध के लिए युद्ध अभियान को काफी सफलता मिली थी।

1 जनवरी 2022 से फिर से शुरू होने वाले इस अभियान को और प्रभावी तरीके से चलाया जाएगा।शासन सचिव खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति श्री नवीन जैन बताया कि 1 जनवरी से चलने वाले इस अभियान को सफलतापूर्वक संचालित करने के लिए खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति तथा चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के मध्य बेहतर समन्वय स्थापित किया जाएगा। शासन सचिव डेयरी एवं पशुपालन श्रीमती आरूषी ए मलिक ने बताया कि नवंबर-2020 में चलाए गए अभियान के दौरान मिलावटखोरों पर नकेल कसने से आरसीडीएफ की आय में वृद्धि हुई है। 

बैठक में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री परसादी लाल मीणा, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री प्रतापसिंह खाचरियावास, मुख्य सचिव निरंजन आर्य, पुलिस महानिदेशक एम.एल. लाठर, प्रमुख शासन सचिव वित्त अखिल अरोरा, निदेशक सूचना एवं जनसम्पर्क पुरूषोत्तम शर्मा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।