हंगामे के बीच स्टेट ग्रांट के 11 पट्टों का वितरण

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अजमेर। पुष्कर में प्रशासन शहरों के संग अभियान के पहले ही दिन पट्टा वितरण को लेकर विवाद उत्पन्न हो गया। अभियान के शुभारंभ कार्यक्रम में कांग्रेसी पार्षदों व आवेदक परिवार के सदस्यों ने पट्टा वितरण में नगर पालिका प्रशासन पर भेदभाव का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा मचाया। आलम यह रहा कि भारी हंगामे के बीच 11 आवेदक भवन मालिकों को स्टेट ग्रांट के पट्टे वितरित किए।

शनिवार को नगर पालिका कार्यालय में विधायक सुरेश सिंह रावत, पीसीसी उपाध्यक्ष व पूर्व राज्यमंत्री नसीम अख्तर इंसाफ, पालिकाध्यक्ष कमल पाठक, पूर्व पालिकाध्यक्ष मंजू कुर्डिया आदि के आतिथ्य में प्रशासन शहरों के संग अभियान की शुरूआत की गई। कार्यक्रम में अतिथि पट्टा वितरण शुरू करते इससे पहले पूर्व पार्षद के पुत्र एडवोकेट विजय डोल्या व आवेदक परिवार के सदस्यों ने पट्टे वितरण में भेदभाव का आरोप लगाते हुए जमकर विरोध प्रकट किया। इनका आरोप है कि उनकी ओर आवेदन के साथ सभी आवश्यक दस्तावेजों की पूर्ति पूरी कर ली गई।

यही नहीं पालिका प्रशासन की ओर से उनके नाम से पट्टे तैयार भी कर लिए। लेकिन एन वक्त पर राजनैतिक दबाव से दो पट्टे रोक दिए। इस पर कार्यक्रम में मौजूद कांग्रेसी पार्षद ओम प्रकाश डोल्या ने भी विरोध प्रकट करते हुए हंगामा मचाया तथा पालिका के ईओ अभिषेक गहलोत से दो लाभार्थियों के पट्टे रोकने का कारण पूछा। लेकिन ईओ ने उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं दिया।

स्थिति यह हुई कि पार्षद डोल्या व आवेदक परिवार के सदस्य हंगामा मचाते रहे और अतिथि पात्र आवेदकों को पट्टे वितरित करते रहे। हालांकि विधायक सुरेश रावत व पूर्व राज्यमंत्री नसीम अख्तर ने ईओ को बिना किसी भेदभाव के सभी पात्र व्यक्तियों को पट्टे वितरित करने के निर्देश दिए। मगर उन्होंने हंगामा कर रहे लोगों की समस्या का मौके पर ही निस्तारण करने में दिलचस्पी नहीं दिखाई।

कार्यक्रम के बाद पार्षद रविकांत पाराशर ने भी पट्टा वितरण में भेदभाव बरतने का आरोप लगाते हुए आपत्ति प्रकट किया। इस संबंध में ईओ गहलोत का कहना है कि किसी भी आवेदक का पट्टा नहीं रोका गया। जिस दो पट्टे को लेकर विरोध किया गया, वे दोनों पट्टे प्रक्रियाधीन है।

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